इंद्रेश कुमार का लखनऊ में विपक्ष पर हमला: देश अस्थिर करने वाली राजनीति अस्वीकार्य
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक डॉ. इंद्रेश कुमार ने 18 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ता सम्मेलन में विपक्षी दलों की राजनीति पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और संवैधानिक व्यवस्था को कमज़ोर करने वाली किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
विपक्ष पर निशाना
डॉ. इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता हासिल करने की महत्वाकांक्षा देश की स्थिरता और राष्ट्रीय हितों से ऊपर नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दल चुनावी व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैला रहे हैं, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है।
सम्मेलन में यह भी कहा गया कि भारत को टकराव और अराजकता नहीं, बल्कि जिम्मेदार नेतृत्व, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण की आवश्यकता है। कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे समाज में राष्ट्रप्रेम, आपसी विश्वास और भाईचारे को मजबूत करें।
बांग्लादेश-पाकिस्तान से सबक
बांग्लादेश और पाकिस्तान के हालात का उल्लेख करते हुए डॉ. इंद्रेश कुमार ने चेताया कि हिंसा, कट्टरता, राजनीतिक टकराव और सामाजिक विभाजन किसी भी देश की शांति एवं स्थिरता को नुकसान पहुँचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और अखंडता के साथ खिलवाड़ करने वाली सोच से देश को सतर्क रहना होगा।
यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय भू-राजनीतिक अस्थिरता और भारत के पड़ोसी देशों में आंतरिक उथल-पुथल के बीच राष्ट्रवाद और सामाजिक सद्भाव पर चर्चा तेज़ हुई है।
पारिवारिक एकता और तलाक पर जोर
परिवारों में बढ़ते तनाव और तलाक के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि परिवार की बुनियाद प्यार, भरोसे, सम्मान और जिम्मेदारी पर टिकी होती है। उन्होंने कहा, 'तलाक करना है तो नशे वाली बोतल को करो, मोहब्बत करनी है तो घर में बीवी को करो।'
मंच का संदेश दोहराते हुए उन्होंने कहा, 'तलाक नहीं, सुलह; तलाक नहीं, मोहब्बत।' उन्होंने पारिवारिक विवादों को बातचीत से सुलझाने और सुलह केंद्रों को बढ़ावा देने की ज़रूरत भी बताई।
अंतरराष्ट्रीय शांति की अपील
वैश्विक हालात पर बोलते हुए डॉ. इंद्रेश कुमार ने अमेरिका, ईरान और इज़रायल के संदर्भ में युद्ध के बजाय संवाद और शांति का रास्ता अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौतों का जश्न मनाने के बजाय मानव जीवन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। लखनऊ से दुनिया के लिए उनका संदेश था — 'मोहब्बत, मोहब्बत और सिर्फ मोहब्बत।'
आगामी जागरूकता कार्यक्रम
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 10 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा। इनमें राष्ट्रवाद, सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता, शिक्षा और सूफीवाद जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया जाएगा — जिनमें से दो कार्यक्रम विशेष रूप से सूफी परंपरा के प्रेम और अमन के संदेश पर केंद्रित होंगे।
मंच के वक्ता डॉ. शाहिद अख्तर ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को दोहराते हुए शिक्षा को सामाजिक तरक्की की बुनियाद बताया और परिवारों से बच्चों की तालीम पर ध्यान देने की अपील की।