1 नवंबर 2026
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राहुल गांधी की रैली से व्यापारियों को नुकसान — यूपी के उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों का कांग्रेस पर हमला

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राहुल गांधी की रैली से व्यापारियों को नुकसान — यूपी के उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों का कांग्रेस पर हमला

सारांश

त्योहारी सीज़न में राहुल गांधी की रैली को लेकर यूपी सरकार के मंत्रियों ने एकजुट होकर कांग्रेस पर हमला बोला। आरोप है कि रैली से व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हुई। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राष्ट्रविरोधी ताकतों की साजिश की भी बात कही।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 1 नवंबर 2026 को लखनऊ में कांग्रेस पर राष्ट्रविरोधी ताकतों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इंडी गठबंधन की राहुल गांधी को 'लॉन्च' करने की सभी कोशिशें नाकाम रही हैं।
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने आरोप लगाया कि त्योहारी सीज़न में रैली आयोजित करने से व्यापारियों के कारोबार और आजीविका पर असर पड़ा।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इंडी गठबंधन की आपसी एकजुटता पर सवाल उठाए और दिल्ली रैलियों में आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 25 अक्टूबर के पटना बयान पर भी पाठक ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने 1 नवंबर 2026 को लखनऊ में कांग्रेस तथा इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की रैली को त्योहारी सीज़न में आयोजित करने को लेकर एनडीए नेताओं ने आरोप लगाया कि इससे व्यापारियों और आम जनता की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का बयान

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि देश में राष्ट्रविरोधी ताकतें सक्रिय हैं और कुछ तत्व पर्दे के पीछे से साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा, 'विपक्ष के नेताओं की ओर से बांग्लादेश जैसी घटनाओं को लेकर जो बयान दिए जा रहे हैं, वे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं।' पाठक ने ज़ोर देकर कहा कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और ऐसी शक्तियाँ अपने मंसूबों में कभी सफल नहीं होंगी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस विवादित बयान पर — जो कथित तौर पर 25 अक्टूबर को पटना में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिया गया था — पाठक ने कहा कि देश की जनता ऐसे अलोकतांत्रिक हथकंडों को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना विपक्ष की पुरानी आदत बन गई है।

केशव प्रसाद मौर्य ने इंडी गठबंधन पर साधा निशाना

दूसरे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इंडी गठबंधन ने राहुल गांधी को 'लॉन्च' करने की कई कोशिशें की हैं, लेकिन सभी नाकाम साबित हुई हैं। उन्होंने कहा, 'कल का कार्यक्रम और आज का आयोजन, दोनों ही लोकतंत्र और संविधान का मज़ाक हैं।' मौर्य की यह टिप्पणी उस पृष्ठभूमि में आई है जब विपक्षी दल हाल के हफ्तों में दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बड़ी रैलियाँ कर रहा है।

मंत्री नरेंद्र कश्यप की इंडी गठबंधन की एकजुटता पर टिप्पणी

यूपी सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इंडी गठबंधन की आपसी एकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गठबंधन के घटक दल अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं और एक-दूसरे को कमज़ोर करने में लगे रहते हैं। कश्यप ने दिल्ली में हाल ही में आयोजित रैलियों पर भी हमला बोलते हुए कहा कि इनसे आम जनता को परेशानी हुई, अव्यवस्था फैली और प्रधानमंत्री मोदी व उनके परिवार के बारे में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।

व्यापारियों पर असर — मंत्री दानिश आजाद अंसारी का आरोप

मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने राहुल गांधी पर सबसे सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी को व्यापारियों और आम जनता की वास्तव में चिंता होती, तो वे त्योहारों के मौसम में रैली का आयोजन कभी नहीं करते। अंसारी ने आरोप लगाया कि त्योहारी सीज़न में रैली आयोजित करने से व्यापारियों के कारोबार और उनकी आजीविका पर सीधा नकारात्मक असर पड़ा है।

गौरतलब है कि त्योहारी सीज़न — विशेषतः दीपावली के आसपास का समय — उत्तर भारत के खुदरा व्यापारियों के लिए सालभर की सबसे महत्वपूर्ण कमाई का दौर होता है। आलोचकों का कहना है कि बड़े राजनीतिक आयोजन इस अवधि में यातायात अवरोध और भीड़ प्रबंधन की समस्याएँ पैदा कर सकते हैं। हालाँकि, इंडी गठबंधन की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई।

आगे की राजनीतिक स्थिति

यह बयानबाज़ी ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं और दोनों पक्ष जनाधार मज़बूत करने में जुटे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रियों की यह एकजुट प्रतिक्रिया संकेत देती है कि सत्ता पक्ष विपक्ष की रैलियों को राजनीतिक रूप से काउंटर करने की सुनियोजित रणनीति पर काम कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित काउंटर-नैरेटिव की झलक है — जिसका लक्ष्य राहुल गांधी की रैली को जन-हित विरोधी के रूप में स्थापित करना है। व्यापारियों के नुकसान का तर्क राजनीतिक दृष्टि से चतुर है, क्योंकि यह आम मतदाता को सीधे संबोधित करता है। हालाँकि, यह आरोप सत्यापित आँकड़ों पर नहीं, बल्कि राजनीतिक दावों पर टिका है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि सत्तापक्ष की रैलियाँ भी त्योहारी सीज़न में नियमित रूप से आयोजित होती हैं — इसलिए यह तर्क दोधारी तलवार है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनडीए नेताओं ने राहुल गांधी की रैली पर क्या आरोप लगाए?
एनडीए नेताओं ने आरोप लगाया कि त्योहारी सीज़न में राहुल गांधी की रैली आयोजित करने से व्यापारियों के कारोबार और आजीविका पर सीधा नकारात्मक असर पड़ा। मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि राहुल गांधी को आम जनता की नहीं, केवल अपने निजी राजनीतिक हितों की चिंता है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस पर क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि देश में राष्ट्रविरोधी ताकतें पर्दे के पीछे से साजिश रच रही हैं और विपक्ष के नेताओं द्वारा बांग्लादेश जैसी घटनाओं को लेकर दिए जा रहे बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना विपक्ष की आदत बन गई है।
केशव प्रसाद मौर्य ने इंडी गठबंधन पर क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इंडी गठबंधन ने राहुल गांधी को लॉन्च करने की कई कोशिशें की हैं, लेकिन सभी नाकाम रही हैं। उन्होंने रैली को लोकतंत्र और संविधान का मज़ाक बताया।
मल्लिकार्जुन खड़गे के किस बयान पर विवाद है?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कथित तौर पर 25 अक्टूबर को पटना में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक विवादित बयान दिया था। उपमुख्यमंत्री पाठक ने इसे अलोकतांत्रिक हथकंडा बताते हुए कहा कि देश की जनता ऐसे बयानों को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
इंडी गठबंधन की एकजुटता पर क्या सवाल उठाए गए?
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि इंडी गठबंधन के घटक दल अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं और एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते हुए एक-दूसरे को कमज़ोर करते रहते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यह आंतरिक विरोधाभास गठबंधन की राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।
राष्ट्र प्रेस
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