8 अक्टूबर 2026
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इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च पर BJP का पलटवार: केशव मौर्य बोले — सत्ता वियोग में पागल हुई कांग्रेस

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इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च पर BJP का पलटवार: केशव मौर्य बोले — सत्ता वियोग में पागल हुई कांग्रेस

सारांश

मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनाव आयुक्त के खिलाफ इंडिया गठबंधन के विरोध मार्च पर BJP ने तीखा पलटवार किया। केशव मौर्य से लेकर ओम प्रकाश राजभर तक — NDA नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को चुनावी हार का बहाना बताया और '2024 में 240 सीट' वाला तर्क देकर वोट चोरी की थ्योरी को खारिज किया।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 8 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कांग्रेस को 'सत्ता वियोग में पागल' करार दिया।
इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला था।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा — कांग्रेस तमिलनाडु, हिमाचल, केरल में जीत पर चुप रही, यह केवल हार का बहाना है।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने वोट चोरी के आरोप खारिज किए — तर्क दिया कि BJP 2019 में 303 से 2024 में 240 सीट पर आई, चोरी होती तो सीटें बढ़तीं।
राजभर ने याद दिलाया कि 2012-2017 में SP सरकार होने के बावजूद योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 8 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के विरोध मार्च को 'सत्ता वियोग की बौखलाहट' करार दिया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई वरिष्ठ नेताओं ने एक साथ तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इस मार्च को चुनावी हार का बहाना बताया।

केशव मौर्य का सीधा हमला

मौर्य ने कहा, 'कांग्रेस सत्ता के वियोग में पागल हो गई है। वह लगातार कोशिश कर रही है कि राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा को लॉन्च कर दे और देश की जनता उन्हें स्वीकार कर ले, लेकिन जनता उन्हें पूरी तरह नकार रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई ठोस शिकायत है, तो उसे सड़क पर उतरने की बजाय चुनाव आयोग के समक्ष रखना चाहिए।

मौर्य ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे वाली स्थिति है। ये लोग चुनाव में जीत नहीं पा रहे और जनता की अदालत में ठहर नहीं पा रहे, इसलिए इस तरह की हरकतें कर रहे हैं।'

ब्रजेश पाठक का संवैधानिक संस्थाओं पर तर्क

डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को कांग्रेस का 'पुराना शगल' बताया। उन्होंने कहा, 'जब ये चुनाव जीतते हैं — तमिलनाडु में, हिमाचल में, केरल में — तब संवैधानिक संस्थाओं पर कुछ नहीं बोलते। बहिष्कार तब क्यों नहीं? यह केवल चुनाव हारने का बहाना ढूंढना है।' पाठक ने यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ तीसरी बार सत्ता में आएगी।

ओम प्रकाश राजभर का 'वोट चोरी' तर्क पर खंडन

अलीगढ़ में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इंडिया ब्लॉक के वोट चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने तर्क दिया, 'ज्ञानेश कुमार दो साल से मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। अगर वोट चोरी होती, तो 2019 के लोकसभा चुनाव में BJP 303 सीटें जीतने के बाद 2024 में 240 सीटों पर कैसे सिमट जाती? चोरी करते तो सीटें बढ़तीं, न कि घटतीं।'

राजभर ने ऐतिहासिक उदाहरण भी दिया — उत्तर प्रदेश में 2012 से 2017 तक समाजवादी पार्टी की सरकार थी और उसी के नेतृत्व में चुनाव हुआ, फिर भी योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने — यह तर्क देते हुए उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल हमेशा जीत नहीं जाता।

पृष्ठभूमि: इंडिया ब्लॉक का विरोध मार्च क्यों

इंडिया गठबंधन ने SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए विरोध मार्च निकाला। गठबंधन का आरोप है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण तरीके से संचालित की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हैं।

गौरतलब है कि NDA और इंडिया ब्लॉक के बीच चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर यह टकराव पहली बार नहीं है। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से विपक्षी दलों ने EVM और मतदाता सूची की प्रामाणिकता पर बार-बार सवाल उठाए हैं।

आगे क्या होगा

राजनीतिक टकराव की यह तीव्रता आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले और बढ़ने की संभावना है। BJP नेताओं ने विपक्ष को खुली चुनौती दी है कि वह अपने आरोप चुनाव आयोग के सामने रखे। फिलहाल इंडिया गठबंधन की रणनीति और BJP की जवाबी कार्रवाई दोनों ही उत्तर प्रदेश की राजनीतिक ज़मीन तैयार करने की कोशिश में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित संवाद-रणनीति है — विपक्ष को संस्थाओं का दुश्मन बताओ और चुनावी हार के बाद रोने वाला। लेकिन विडंबना यह है कि राजभर का '303 से 240 सीट' वाला तर्क खुद BJP की 2024 की कमज़ोरी को रेखांकित करता है। मुख्य सवाल यह है कि SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता पर विपक्ष की आपत्तियाँ वाजिब हैं या नहीं — और इस पर BJP ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया, केवल व्यक्तिगत हमले किए। जब संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा ही विवाद का केंद्र हो, तो राजनीतिक हमले से ज़्यादा ज़रूरी होती है प्रक्रिया की खुली जाँच।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक का विरोध मार्च किस बात के खिलाफ था?
इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। गठबंधन का आरोप है कि यह प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण तरीके से चलाई जा रही है।
केशव प्रसाद मौर्य ने इंडिया ब्लॉक पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस 'सत्ता के वियोग में पागल हो गई है' और राहुल गांधी व प्रियंका वाड्रा को जनता नकार रही है। उन्होंने विपक्ष को शिकायत चुनाव आयोग के सामने रखने की सलाह दी।
ओम प्रकाश राजभर ने वोट चोरी के आरोपों का खंडन कैसे किया?
राजभर ने तर्क दिया कि अगर वोट चोरी होती, तो BJP 2019 में 303 सीटें जीतने के बाद 2024 में 240 सीटों पर नहीं सिमटती। उन्होंने कहा कि 2012-2017 में UP में SP सरकार होने के बावजूद योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने, जो साबित करता है कि सत्ताधारी दल हमेशा नहीं जीतता।
ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस के रवैये पर क्या कहा?
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस तमिलनाडु, हिमाचल और केरल में जीत के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर चुप रही, लेकिन हारने पर सवाल उठाती है। उन्होंने इसे 'चुनाव हारने का बहाना ढूंढना' बताया।
क्या BJP ने SIR की प्रक्रिया पर कोई सफाई दी?
BJP नेताओं ने SIR की प्रक्रिया का सीधा बचाव करने की बजाय विपक्ष की नीयत पर सवाल उठाए और कहा कि आपत्तियाँ हों तो चुनाव आयोग के पास जाएँ। प्रक्रिया की तकनीकी पारदर्शिता पर कोई विस्तृत जवाब नहीं दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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