8 अक्टूबर 2026
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इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च पर BJP का पलटवार: केशव मौर्य बोले — 'सत्ता वियोग में पागल हो गई कांग्रेस'

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इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च पर BJP का पलटवार: केशव मौर्य बोले — 'सत्ता वियोग में पागल हो गई कांग्रेस'

सारांश

इंडिया गठबंधन के विरोध मार्च के जवाब में BJP का पूरा नेतृत्व एकजुट हो गया। उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, ब्रजेश पाठक और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक स्वर में कांग्रेस को 'हार का बहाना खोजने वाली पार्टी' बताया — और UP में BJP की तीसरी जीत का दावा ठोक दिया।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस 'सत्ता वियोग में पागल हो गई है' और जनता ने राहुल गांधी व प्रियंका वाड्रा को नकार दिया है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विपक्ष के संवैधानिक संस्थाओं पर सवालों को 'पुराना शगल' बताते हुए तमिलनाडु, हिमाचल और केरल में जीत के बाद चुप्पी का हवाला दिया।
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने वोट चोरी के आरोप खारिज करते हुए कहा — 2019 में 303 से 2024 में 240 सीट होना ही यह साबित करता है।
इंडिया ब्लॉक का विरोध मार्च मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और CEC ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध आयोजित था।
BJP ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पार्टी तीसरी बार प्रचंड बहुमत से सत्ता में आएगी।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 8 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध इंडिया गठबंधन के विरोध मार्च को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 'सत्ता वियोग में पागल हो गई है' और जनता ने राहुल गांधी तथा प्रियंका वाड्रा को पूरी तरह नकार दिया है।

केशव मौर्य का सीधा प्रहार

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, 'कांग्रेस सत्ता के वियोग में पागल हो गई है। वह लगातार कोशिश कर रही है कि राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा को लॉन्च कर दे और देश की जनता उन्हें स्वीकार कर ले, लेकिन जनता उन्हें पूरी तरह से नकार रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई ठोस विषय है, तो उसे सीधे चुनाव आयोग के समक्ष रखना चाहिए।

मौर्य ने इंडिया ब्लॉक की रणनीति पर तंज कसते हुए कहा, 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे वाली स्थिति है — ये लोग चुनाव में जीत नहीं पा रहे हैं और जनता की अदालत में कहीं ठहर नहीं पा रहे हैं, इसलिए इस तरह की हरकतें कर रहे हैं।'

ब्रजेश पाठक ने बताया 'पुराना शगल'

उत्तर प्रदेश के दूसरे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष के सवालों को कांग्रेस और उसके गठबंधन का 'पुराना शगल' बताया। उन्होंने कहा, 'जब ये चुनाव जीतते हैं तो संवैधानिक संस्थाओं पर कुछ नहीं बोलते। तमिलनाडु में जीते तो कुछ नहीं कहा, हिमाचल में जीते तो चुप रहे। केरल में जहाँ-जहाँ जीते हैं, वहाँ उन्होंने बहिष्कार क्यों नहीं किया?'

पाठक ने आगे कहा कि यह केवल चुनाव हारने का बहाना ढूँढना है और उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रचंड बहुमत के साथ तीसरी बार सत्ता में आएगी। गौरतलब है कि यह बयान उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आया है।

अलीगढ़ से ओम प्रकाश राजभर का प्रहार

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अलीगढ़ में इंडिया ब्लॉक के मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'ये लोग मारकाट पर विश्वास कर रहे हैं। पूरे देश को पता है कि कांग्रेस के कार्यकाल में ही पूरे सिस्टम पर उसका कब्जा था — उन्हीं के कार्यकाल में BJP पैदा हुई और देश में सरकार बना ली।'

राजभर ने उदाहरण देते हुए कहा कि 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और उसी के नेतृत्व में चुनाव हुआ, फिर भी योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने। उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तर्क दिया कि यदि वोट चोरी की बात सच होती, तो 2019 के लोकसभा चुनाव में 303 सीटें जीतने वाली BJP को 2024 में 240 सीटों पर क्यों संतोष करना पड़ता।

विरोध मार्च की पृष्ठभूमि

इंडिया गठबंधन का यह मार्च मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली के विरुद्ध आयोजित किया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की आहटें तेज हो रही हैं और सभी दल अपनी-अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं।

क्या होगा आगे

BJP और NDA नेताओं की इस एकजुट प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि सत्तारूढ़ गठबंधन चुनाव आयोग पर किसी भी प्रश्न को राजनीतिक मोड़ देने की रणनीति अपना रहा है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों की यह वाक्-प्रतियोगिता संवैधानिक संस्थाओं की साख पर असर डाल सकती है। आने वाले हफ्तों में चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और SIR प्रक्रिया पर विपक्ष का रुख निर्णायक राजनीतिक परिदृश्य तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

सत्तारूढ़ दल उसे 'हार का बहाना' बताकर खारिज करता है — यह पैटर्न 2014 के बाद से लगातार दोहराया जा रहा है। राजभर का 303 बनाम 240 वाला तर्क चतुर है, लेकिन SIR की प्रक्रियागत पारदर्शिता के सवाल को यह जवाब नहीं देता। असली सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग इन आरोपों का सार्वजनिक और स्वतंत्र उत्तर देगा — या यह विवाद अगले चुनाव तक राजनीतिक शोर में दब जाएगा।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया ब्लॉक का विरोध मार्च किस मुद्दे पर था?
इंडिया गठबंधन का यह मार्च मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली के विरोध में आयोजित किया गया था। गठबंधन का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है।
केशव मौर्य ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस 'सत्ता वियोग में पागल हो गई है' और वह राहुल गांधी तथा प्रियंका वाड्रा को जनता पर थोपने की कोशिश में विफल हो रही है। उन्होंने इंडिया ब्लॉक को ठोस विषय के साथ चुनाव आयोग के पास जाने की सलाह दी।
ओम प्रकाश राजभर ने वोट चोरी के आरोपों का खंडन कैसे किया?
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तर्क दिया कि यदि वोट चोरी होती तो 2019 में 303 सीटें जीतने वाली BJP को 2024 में 240 सीटों पर क्यों आना पड़ता — सीटें घटीं, बढ़ी नहीं। उन्होंने 2012-2017 के उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि SP सरकार के दौर में भी योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने।
ब्रजेश पाठक ने विपक्ष के रुख पर क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कांग्रेस और उसके गठबंधन का संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना 'पुराना शगल' है। उन्होंने तमिलनाडु, हिमाचल और केरल में जीत के बाद चुप्पी का हवाला देते हुए इसे 'चुनाव हारने का बहाना' करार दिया।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और यह विवादास्पद क्यों है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण वह प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची की सघन जाँच और अद्यतन करता है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है और इससे मतदाता सूची में हेरफेर की आशंका है, जबकि BJP ने इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताकर खारिज किया है।
राष्ट्र प्रेस
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