केशव मौर्य का विरोध: राहुल गांधी और अखिलेश यादव को गुमराह करने से बचना चाहिए
सारांश
Key Takeaways
- केशव मौर्य ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को 'अफवाह यादव' और 'अफवाह गांधी' कहा।
- उन्होंने जनता को गुमराह करने के लिए उनकी निंदा की।
- देश में कोई संकट नहीं है, यह उनका स्पष्ट बयान था।
- एलपीजी जहाजों की स्थिति सुरक्षित है, भारतीय नौसेना की निगरानी में।
- यह राजनीतिक बयानबाजी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रयागराज, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि मैंने इन्हें 'अफवाह यादव' और 'अफवाह गांधी' नाम देना शुरू कर दिया है। ये दोनों नेता अफवाहें फैला रहे हैं और आम जनता को गुमराह कर रहे हैं। वैश्विक संकट के समय, एक जिम्मेदार राजनेता का काम है कि वह संयमित संदेश दे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यदि देश को किसी खतरे का सामना करना पड़े, तो हम सभी एकजुट होकर उसका सामना करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में कोई संकट नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले प्रतिदिन 50 से 55 लाख गैस सिलेंडरों की बुकिंग होती थी, लेकिन उनके दुष्प्रचार के कारण अब 75 लाख से अधिक सिलेंडरों की बुकिंग प्रतिदिन होने लगी है। उन्होंने कहा कि दुष्प्रचार करना एक गंदा खेल है और इसकी मैं कड़ी निंदा करता हूं। इन दोनों नेताओं को अफवाहबाजी से बचना चाहिए।
ज्ञात हो कि ईरान से अनुमति मिलने के बाद, एलपीजी लेकर आने वाला दूसरा जहाज 'नंदा देवी' भी होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल गया है। इससे पहले एलपीजी लेकर आने वाला जहाज 'शिवालिक' भी इसी जलडमरूमध्य से सफलतापूर्वक निकल चुका था।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, 'शिवालिक' को भारतीय नौसेना की सुरक्षा में ले जाया जा रहा है और अगले दो दिनों में इसके किसी भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने की संभावना है। यह संभावना मुंबई या कांडला की है। जहाज अब खुले समुद्र में पहुँच चुका है और भारतीय नौसेना के मार्गदर्शन में सुरक्षित रूप से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि 'नंदा देवी' जहाज 46,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी ले जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, रणनीतिक रूप से संवेदनशील जलक्षेत्र से सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए दोनों जहाजों को नौसेना की कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच माल और ऊर्जा के प्रवाह पर हुई उच्च स्तरीय चर्चा के बाद लिया गया है।