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देवास में ₹8 लाख से अधिक के अवैध पटाखे जब्त, चंद्रतारा कॉलोनी के मकान मालिक पर मामला दर्ज

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देवास में ₹8 लाख से अधिक के अवैध पटाखे जब्त, चंद्रतारा कॉलोनी के मकान मालिक पर मामला दर्ज

सारांश

दीपावली से ठीक पहले देवास पुलिस की बड़ी कार्रवाई — चंद्रतारा कॉलोनी के एक रिहायशी मकान से ₹8 लाख से अधिक के और 70 किस्मों के अवैध पटाखे जब्त। मकान मालिक रजत अग्रवाल पर मामला दर्ज, पुलिस ने कहा — त्योहारी सीज़न में अभियान जारी रहेगा।

मुख्य बातें

नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने बुधवार रात देवास की चंद्रतारा कॉलोनी में एक रिहायशी मकान पर छापेमारी की।
मकान से ₹8 लाख से अधिक कीमत के और लगभग 70 किस्मों के अवैध पटाखे बरामद किए गए।
मकान मालिक रजत अग्रवाल पर बिना अनुमति पटाखों के भंडारण और बिक्री के आरोप में मामला दर्ज।
थाना प्रभारी आलोक सोनी ने कहा — अवैध पटाखा कारोबारियों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा।
पुलिस ने आम नागरिकों से अवैध पटाखा कारोबार की सूचना देने की अपील की।

दीपावली से पूर्व अवैध पटाखा भंडारण के विरुद्ध मध्य प्रदेश पुलिस ने देवास में बड़ी कार्रवाई करते हुए चंद्रतारा कॉलोनी के एक रिहायशी मकान से ₹8 लाख से अधिक के पटाखे जब्त किए हैं। बुधवार रात नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर यह छापेमारी की और मकान मालिक के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

छापेमारी का घटनाक्रम

नाहर दरवाजा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि चंद्रतारा कॉलोनी के एक आवासीय मकान में बिना वैध अनुमति के भारी मात्रा में पटाखों का भंडारण किया जा रहा है और वहीं से इनकी बिक्री भी हो रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने बुधवार रात त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित मकान पर दबिश दी।

तलाशी के दौरान मकान के एक कमरे में छिपाकर रखा गया पटाखों का विशाल जखीरा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए स्टॉक में लगभग 70 अलग-अलग किस्मों के पटाखे शामिल हैं, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹8 लाख से अधिक बताई जा रही है।

आरोपी की पहचान और मामला दर्ज

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई चंद्रतारा कॉलोनी निवासी रजत अग्रवाल के निजी मकान पर की गई। आरोप है कि रजत अग्रवाल बिना किसी वैध लाइसेंस या अनुमति के अपने आवासीय परिसर में पटाखों का अवैध भंडारण कर रहे थे और वहाँ से इनकी खुलेआम बिक्री भी की जा रही थी। रिहायशी इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने से आसपास के निवासियों में हलचल मच गई।

थाना प्रभारी की प्रतिक्रिया

नाहर दरवाजा थाना प्रभारी आलोक सोनी ने बताया कि गुप्त सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुँची और पूरा स्टॉक जब्त कर लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से पटाखों का भंडारण या बिक्री करने वालों के विरुद्ध किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी और यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

थाना प्रभारी सोनी ने शहरवासियों से भी अपील की कि यदि किसी को भी अवैध पटाखा कारोबार की जानकारी मिले तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि त्योहारी सीज़न में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

आम जनता पर असर और सुरक्षा चिंताएँ

रिहायशी कॉलोनी में इस पैमाने पर विस्फोटक सामग्री का जमावड़ा आसपास के परिवारों के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। विशेषज्ञों के अनुसार, बिना उचित भंडारण सुविधाओं के आवासीय परिसरों में ऐसी सामग्री रखना न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि भीषण अग्निकांड और विस्फोट का जोखिम भी उत्पन्न करता है। मध्य प्रदेश पुलिस के इस कदम को दीपावली पूर्व सुरक्षा अभियान की एक अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

आगे की जाँच

पुलिस ने रजत अग्रवाल के विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार यह जाँच की जाएगी कि पटाखों की आपूर्ति किसके माध्यम से हो रही थी और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो अभियान प्रतीकात्मक ही रहेगा।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवास में पटाखे जब्त करने की कार्रवाई कब और कहाँ हुई?
यह कार्रवाई बुधवार रात देवास की चंद्रतारा कॉलोनी में स्थित एक रिहायशी मकान पर नाहर दरवाजा थाना पुलिस द्वारा की गई। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मकान पर दबिश दी और पूरा पटाखा स्टॉक जब्त कर लिया।
जब्त किए गए पटाखों की कीमत और मात्रा कितनी थी?
पुलिस के अनुसार मकान से जब्त किए गए पटाखों की अनुमानित कीमत ₹8 लाख से अधिक है और इनमें लगभग 70 अलग-अलग किस्मों के पटाखे शामिल हैं।
इस मामले में किस पर और किस आरोप में मामला दर्ज हुआ?
चंद्रतारा कॉलोनी निवासी रजत अग्रवाल पर बिना वैध अनुमति के आवासीय परिसर में पटाखों का भंडारण करने और वहाँ से उनकी बिक्री करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है।
रिहायशी इलाके में अवैध पटाखा भंडारण खतरनाक क्यों माना जाता है?
आवासीय परिसरों में उचित सुविधाओं के बिना बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री रखने से आग और विस्फोट का गंभीर खतरा होता है, जिससे आसपास के निवासियों की जान-माल को नुकसान पहुँच सकता है। इसीलिए पटाखों के भंडारण के लिए कानूनी लाइसेंस और निर्धारित स्थान अनिवार्य है।
देवास पुलिस आगे क्या कदम उठाएगी?
थाना प्रभारी आलोक सोनी ने स्पष्ट किया है कि अवैध पटाखा भंडारण और बिक्री के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत सूचित करें।
राष्ट्र प्रेस
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