भाजपा कोलकाता-हावड़ा नगर निगम चुनाव जीतेगी, TMC का अस्तित्व खत्म: दिलीप घोष
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने 24 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि कोलकाता और हावड़ा में आगामी नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि इन चुनावों के परिणाम इस वर्ष की शुरुआत में हुए राज्य विधानसभा चुनावों की तरह 'एकतरफा' होंगे।
नगर निगम चुनावों को लेकर दावा
घोष के अनुसार, कोलकाता और हावड़ा नगर निगम के ये चुनाव नवंबर के अंतिम सप्ताह या दिसंबर के पहले सप्ताह में होने की संभावना है। उन्होंने कहा, 'नगर निगम चुनावों के परिणाम भी विधानसभा चुनावों की तरह ही होंगे। तृणमूल कांग्रेस ने केवल लूटपाट की है। इसलिए, जनता उन्हें अब और मौका नहीं देगी।'
मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की जनता 'बिना सोचे-समझे कोई निर्णय नहीं लेती' और पश्चिम बंगाल की जनता स्वच्छ राजनीति चाहती है, जो उनके अनुसार केवल भाजपा ही प्रदान कर सकती है।
तृणमूल कांग्रेस और वाम मोर्चे पर निशाना
घोष ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) का अस्तित्व 'समाप्त हो चुका है' और वाम मोर्चा वापसी करने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने वामपंथियों को 'पश्चिम बंगाल की राजनीति में मोहभंग और अप्रासंगिक' करार दिया।
दुर्गा पूजा के दौरान वाम मोर्चे के पुस्तक स्टॉलों में हुई तोड़फोड़ के मुद्दे पर घोष ने कहा, 'वामपंथियों की किताबें कौन पढ़ता है? उनके जमाने की किताबें अब खत्म हो चुकी हैं। केवल निराश लोग ही उनकी किताबें पढ़ते हैं।' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2021 के विधानसभा चुनावों में वाम मोर्चे की सीटें 'शून्य' हो गई थीं और अब उन्हें केवल एक सीट मिली है। गौरतलब है कि जनता ने करीब 15 साल पहले ही वामपंथियों को सत्ता से बाहर कर दिया था।
NDA में शामिल TMC सांसदों पर टिप्पणी
तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हुए 20 सांसदों के बारे में घोष ने कहा कि 'वे खुद नहीं जानते कि क्या करें — आज यहाँ हैं, कल वहाँ।' उन्होंने तर्क दिया कि जिस पार्टी से ये नेता आए हैं, उसकी 'कोई विचारधारा नहीं है और वह पार्टी अब अस्तित्व में नहीं है।'
चोरबागान भगदड़ पर मंत्री की प्रतिक्रिया
चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ में 19 लोगों की मौत के संबंध में मंत्री घोष ने कहा कि राज्य सरकार 'काफी सक्रिय है और जांच चल रही है।' उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री स्वयं इस मामले की निगरानी कर रहे हैं।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा, TMC और वाम मोर्चे के बीच शहरी निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के बाद नगर निगम स्तर पर पार्टी की दावेदारी को परखने का यह पहला बड़ा अवसर होगा। आने वाले हफ्तों में चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही प्रचार अभियान और तेज होने की संभावना है।