पश्चिम बंगाल निकाय चुनाव: कांग्रेस ने 11–16 अक्टूबर तक उम्मीदवारों से माँगे आवेदन
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल में आगामी शहरी निकाय चुनावों से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को अधिक लोकतांत्रिक स्वरूप देने की दिशा में कदम उठाया है। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुवंकर सरकार ने 10 अक्टूबर को मीडिया से बातचीत में घोषणा की कि कोलकाता नगर निगम (KMC) और हावड़ा नगर निगम (HMC) सहित विभिन्न शहरी निकायों में चुनाव लड़ने के इच्छुक पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नेता 11 अक्टूबर से 16 अक्टूबर के बीच अपने आवेदन जमा कर सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया और तरीका
इच्छुक उम्मीदवार कोलकाता स्थित कांग्रेस मुख्यालय विधान भवन में जाकर आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है, जिसके तहत ईमेल के माध्यम से आवेदन स्वीकार किए जाएँगे। राज्य कांग्रेस नेतृत्व सभी प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करने के बाद अंतिम उम्मीदवार सूची तैयार करेगा।
प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन को सुदृढ़ करना है और विशेष रूप से युवा कार्यकर्ताओं को चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।
चुनाव कार्यक्रम और संभावित तिथियाँ
रिपोर्टों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में KMC और HMC सहित विभिन्न शहरी निकायों के चुनाव नवंबर के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना है। मतगणना और परिणाम दिसंबर के पहले सप्ताह में घोषित किए जा सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विरुद्ध विपक्षी दल अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में हैं।
चुनाव आयोग पर आरोप
सुवंकर सरकार ने मीडिया से बातचीत के दौरान हाल ही में संपन्न नंदीग्राम (पूर्वी मिदनापुर जिला) और रेजीनगर (मुर्शिदाबाद जिला) विधानसभा उपचुनावों में कथित चुनावी गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग (ECI) की कड़ी आलोचना भी की।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों सीटों पर उपचुनाव के दौरान अनियमितताओं की लगातार शिकायतें की गईं, परंतु चुनाव आयोग ने किसी भी शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया। सरकार ने कहा, 'नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत का अंतर इतना बड़ा था कि यदि चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होते, तो इतना बड़ा अंतर संभव नहीं था। हमने शुरुआत से ही चुनावी गड़बड़ियों की शिकायत उठाई थी, लेकिन चुनाव आयोग ने एक भी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया।'
गौरतलब है कि ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और चुनाव आयोग की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आम जनता और संगठन पर असर
कांग्रेस की यह पहल पश्चिम बंगाल में पार्टी की गिरती जमीनी पकड़ को देखते हुए महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। खुली आवेदन प्रक्रिया से स्थानीय स्तर के नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं को सीधे चुनावी मैदान में उतरने का अवसर मिलेगा, जो पारंपरिक रूप से शीर्ष नेतृत्व द्वारा उम्मीदवार तय किए जाने की प्रक्रिया से अलग है।
क्या होगा आगे
16 अक्टूबर को आवेदन की अंतिम तिथि के बाद प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व समीक्षा प्रक्रिया शुरू करेगा। अंतिम उम्मीदवार सूची की घोषणा चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक अधिसूचना के बाद अपेक्षित है। पार्टी की इस रणनीति से आगामी निकाय चुनावों में कांग्रेस की भागीदारी का स्वरूप स्पष्ट होगा।