पश्चिम बंगाल निकाय चुनाव: BJP 23 अक्टूबर बैठक में सात नगर निकायों के उम्मीदवार तय करेगी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) 23 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में होने वाली अपनी महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में पश्चिम बंगाल के सात शहरी नगर निकायों के आगामी चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दे सकती है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी की इस निर्णायक बैठक में पश्चिम बंगाल के केंद्रीय पर्यवेक्षक सुनील बंसल की उपस्थिति रहेगी।
बैठक में क्या होगा
राज्य समिति के एक अंदरूनी सूत्र के अनुसार, बैठक में उम्मीदवारों की सूची और आगामी नगर निगम चुनावों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा होगी। सूत्र ने बताया कि यदि सब कुछ अनुकूल रहा तो पार्टी 25 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा के तुरंत बाद सातों नगर निकायों के लिए उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी कर सकती है।
गौरतलब है कि कोलकाता नगर निगम और हावड़ा नगर निगम सहित इन सात शहरी नगर निकायों के लिए मतदान इस वर्ष नवंबर के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना है, जबकि परिणाम दिसंबर के पहले सप्ताह में घोषित होने की उम्मीद है।
चुनाव का व्यापक कार्यक्रम
इन सात नगर निकायों के अलावा शेष नगर निगमों और नगरपालिकाओं के लिए मतदान अगले वर्ष फरवरी में निर्धारित बताया जा रहा है। यह चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब पश्चिम बंगाल में BJP और सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तीखी बनी हुई है।
संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, BJP का शीर्ष नेतृत्व नगर निकाय चुनावों से पहले राज्य में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की योजना बना रहा है। पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि अगले साल फरवरी से पहले राज्य में पार्टी के 10 संगठनात्मक जिला अध्यक्षों को बदला जा सकता है। इस फेरबदल का उद्देश्य जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना और चुनावी प्रदर्शन को बेहतर बनाना बताया जा रहा है।
विपक्षी दलों की स्थिति
जहाँ BJP ने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है, वहीं अन्य राजनीतिक दल इस मामले में पिछड़े नज़र आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाली लोकतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस में उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया में अभी तक कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है। इसी तरह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने भी अब तक इस मामले पर चुप्पी बनाए रखी है।
आने वाले दिनों में BJP के उम्मीदवारों की सूची जारी होते ही अन्य दलों पर भी अपनी रणनीति स्पष्ट करने का दबाव बढ़ेगा और राज्य की राजनीति में नई सरगर्मी देखने को मिल सकती है।