पश्चिम बंगाल: सात नगर निकायों के आरक्षित वार्डों की सूची अक्टूबर में, 28-29 नवंबर को मतदान संभव
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग ने निर्णय लिया है कि चुनाव होने वाले सात शहरी नगर निकायों के आरक्षित वार्डों की सूची अक्टूबर 2026 में जारी की जाएगी। राज्य चुनाव आयुक्त कृष्णा गुप्ता और संबंधित जिलाधिकारियों के बीच शुक्रवार दोपहर हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया, जिसमें चुनाव प्रक्रिया की समयसीमा पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
किस नगर निकाय की अधिसूचना कब
कोलकाता नगर निगम (KMC) और हावड़ा नगर निगम (HMC) के आरक्षित वार्डों की घोषणा से संबंधित अधिसूचना 7 अक्टूबर 2026 को जारी होगी। वहीं, शेष पाँच नगर निकायों के लिए यह अधिसूचना 6 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
इन पाँच नगर निकायों में पूर्व मेदिनीपुर जिले का हल्दिया, जलपाईगुड़ी जिले का धूपगुड़ी, तथा दार्जिलिंग जिले के कालिम्पोंग और कुर्सियांग शामिल हैं।
चुनाव की संभावित समयसीमा
बैठक में चर्चा के अनुसार, दुर्गा पूजा के तुरंत बाद 27 या 28 अक्टूबर 2026 को चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी की जा सकती है। त्योहारी सीजन के समाप्त होने के पश्चात 28 या 29 नवंबर 2026 को मतदान होने की संभावना जताई गई है। मतगणना और परिणामों की घोषणा के लिए 2 दिसंबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है। इन सातों नगर निकायों में कुल 6,301 मतदान केंद्रों पर वोटिंग होगी।
हावड़ा: 13 वर्षों से चुनाव का इंतज़ार
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल के 12 जिलों में 15 शहरी नगर निकाय बिना किसी निर्वाचित नगर बोर्ड के प्रशासकों के माध्यम से संचालित हो रहे हैं। इनमें सबसे उल्लेखनीय हावड़ा नगर निगम है, जहाँ पिछला चुनाव 2013 में हुआ था और निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल 2018 में समाप्त हो गया था — यानी वहाँ 13 वर्षों से लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व नहीं है।
गौरतलब है कि राज्य के 112 अन्य शहरी नगर निकायों के मौजूदा बोर्ड का कार्यकाल 2027 की पहली तिमाही में समाप्त होने वाला है। इस प्रकार नई सरकार और राज्य चुनाव आयोग के सामने अगले नौ महीनों में 127 नगर निकायों के चुनाव सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने की विशाल चुनौती है।
नई सरकार की प्राथमिकता
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व में नई राज्य सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी चुनाव प्रक्रिया को प्रशासनिक स्तर पर तेज़ी से आगे बढ़ाने पर ज़ोर दे रहे हैं। नई कैबिनेट के गठन के तुरंत बाद नगर मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इन नगर निकायों के चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा की थी।
आने वाले महीनों में आरक्षण सूची के प्रकाशन के बाद नामांकन प्रक्रिया और चुनाव प्रचार का कार्यक्रम स्पष्ट होगा, जो पश्चिम बंगाल की नगरीय राजनीति की दिशा तय करेगा।