कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनाव 2026: 33% से अधिक वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित, परिसीमन मसौदा जारी
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता नगर निगम (KMC) और हावड़ा नगर निगम (HMC) में 2026 के अंत में होने वाले नगर निकाय चुनावों के लिए जारी मसौदा परिसीमन प्रस्ताव के अनुसार, दोनों निकायों में 33 प्रतिशत से अधिक वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे। यह प्रस्ताव पश्चिम बंगाल में शहरी राजनीतिक प्रतिनिधित्व की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।
परिसीमन मसौदे में क्या है
मसौदा प्रस्ताव के अनुसार, कोलकाता नगर निगम में वार्डों की संख्या मौजूदा 144 से बढ़ाकर 209 करने का प्रावधान है। इन 209 प्रस्तावित वार्डों में से 70 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे, जो कुल वार्डों का 33 प्रतिशत से अधिक है।
इसी तर्ज पर हावड़ा नगर निगम में वार्डों की संख्या 50 से बढ़ाकर 68 किए जाने का प्रस्ताव है। इनमें से 23 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे, जो कुल का लगभग 34 प्रतिशत बनता है।
आपत्ति और सुझाव की प्रक्रिया
मसौदा परिसीमन सूची पर किसी भी राजनीतिक दल या अन्य पक्ष को यदि कोई आपत्ति अथवा सुझाव देना हो, तो वह 5 अक्टूबर 2026 तक संबंधित अधिकारियों के पास अपना पक्ष दर्ज करा सकता है। यह अवधि सार्वजनिक सहभागिता का एक अवसर है।
गौरतलब है कि परिसीमन की अंतिम अधिसूचना इन आपत्तियों की समीक्षा के बाद ही जारी होगी, जो चुनाव कार्यक्रम को सीधे प्रभावित करेगी।
चुनाव कब होंगे
दोनों नगर निगमों में चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, नए बोर्ड के गठन के लिए चुनाव दुर्गा पूजा के बाद नवंबर 2026 में कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब दोनों निकायों के मौजूदा बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के करीब है और शहरी प्रशासन की निरंतरता सुनिश्चित करना प्राथमिकता बन गई है।
राजनीतिक माहौल और विशेषज्ञों की राय
चुनावी प्रक्रिया से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, इस बार नगर निगम चुनावों को लेकर सामान्य उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मौजूद विभिन्न गुटों की स्थिति को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि वार्डों की संख्या में यह वृद्धि शहरी विस्तार और नई बस्तियों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश है, लेकिन इससे प्रत्येक वार्ड में प्रतिस्पर्धा का स्वरूप भी बदलेगा।
आम जनता पर असर
वार्डों की संख्या बढ़ने से कोलकाता और हावड़ा के निवासियों के लिए स्थानीय प्रतिनिधित्व अधिक सुलभ हो सकता है — प्रत्येक वार्ड का आकार छोटा होने से पार्षद और मतदाताओं के बीच की दूरी घटेगी। महिला आरक्षण का विस्तार शहरी स्थानीय निकायों में लैंगिक समानता की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
अंतिम परिसीमन अधिसूचना और चुनाव कार्यक्रम पर सभी की नज़रें 5 अक्टूबर की आपत्ति समय-सीमा के बाद टिकी रहेंगी।