पश्चिम बंगाल को मिलेगी नई विधानसभा: न्यू टाउन में बनेगी नई बिल्डिंग, 400+ सीटों की होगी व्यवस्था
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की मौजूदा विधानसभा अब इतिहास के पन्नों में दर्ज होने की राह पर है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को बजट सत्र के अंतिम दिन सदन को जानकारी दी कि कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित न्यू टाउन में एक नई विधानसभा भवन का निर्माण किया जाएगा। परिसीमन और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के बाद विधायकों की संख्या 294 से बढ़कर 400 से अधिक हो जाने की संभावना है, जिसके चलते मौजूदा भवन में बैठने की व्यवस्था करना असंभव हो जाएगा।
नई विधानसभा की ज़रूरत क्यों पड़ी
मुख्यमंत्री अधिकारी ने सदन को याद दिलाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के चलते मौजूदा 294 विधायकों को भी बैठाना दुश्कर हो गया था — कुछ विधायकों को विजिटर गैलरी में बिठाना पड़ा था। अब परिसीमन और महिला आरक्षण के बाद सीटों की संख्या में भारी वृद्धि तय मानी जा रही है, जिससे नए भवन की आवश्यकता और भी अनिवार्य हो जाती है।
उन्होंने कहा, 'अभी विधानसभा में 294 सीटें हैं। परिसीमन और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ यह संख्या 400 से ज़्यादा हो जाएगी। तब मौजूदा सदन में सभी विधायकों के बैठने की जगह देना मुश्किल होगा, इसलिए हमें अभी से योजना बनानी होगी।'
न्यू टाउन को क्यों चुना गया
कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में बसा न्यू टाउन आधुनिक बुनियादी ढाँचे और विस्तृत भूमि उपलब्धता के कारण नई विधानसभा के लिए उपयुक्त माना गया है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बोस से अनुरोध किया कि वे सभी दलों के प्रतिनिधियों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल बनाएँ और प्रस्तावित स्थल का दौरा आयोजित करें। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी भी इस दौरे में शामिल हों ताकि प्रारंभिक योजना तैयार की जा सके।
फंड की कोई कमी नहीं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री अधिकारी ने राज्य के वित्त मंत्री की उपस्थिति में स्पष्ट रूप से कहा कि इस परियोजना के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने इसे लोकसभा के नए संसद भवन निर्माण की तर्ज पर एक दूरदर्शी कदम बताया। गौरतलब है कि यह घोषणा छह दिनों के विस्तारित बजट सत्र के समापन दिवस पर की गई।
पुराना भवन: धरोहर के रूप में संरक्षित रहेगा
मध्य कोलकाता में स्थित मौजूदा विधानसभा भवन एक हेरिटेज स्ट्रक्चर है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई विधानसभा के निर्माण के बाद इस ऐतिहासिक इमारत को ध्वस्त नहीं किया जाएगा, बल्कि इसे अन्य सरकारी उद्देश्यों के लिए उपयोग में लाया जाएगा। इस प्रकार राज्य की विरासत भी सुरक्षित रहेगी और आधुनिक ज़रूरतें भी पूरी होंगी।
आगे क्या होगा
अगला कदम सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा न्यू टाउन स्थल का निरीक्षण और PWD द्वारा प्रारंभिक डिज़ाइन योजना तैयार करना होगा। निर्माण की समयसीमा और लागत का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह परियोजना पश्चिम बंगाल के विधायी इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी।