डॉ. अरुण कुमार का नीतीश कुमार पर बयान: निशांत कुमार पर भरोसा
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार का राजनीतिक अनुभव महत्वपूर्ण है।
- निशांत कुमार जदयू को मजबूत करने के लिए उपयुक्त हैं।
- महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष को पहले सक्रिय होना चाहिए था।
नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजनीति में गहराई से देख रहे पूर्व सांसद डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि हम नीतीश कुमार के निर्णय के साथ हैं, किन्तु मेरी निजी राय में यह निर्णय सही नहीं है। नीतीश कुमार ने जयप्रकाश नारायण, कर्पूरी ठाकुर, और लोहिया की धरोहर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
डॉ. अरुण कुमार ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा में कहा कि बिहार की बड़ी जनसंख्या नीतीश कुमार में विश्वास रखती है। भाजपा पहले सहयोगी थी, किन्तु वर्तमान परिस्थितियों में बदलाव आ रहा है, यह मुझे समझ में नहीं आता। मेरा मानना है कि नीतीश कुमार को अपनी जगह पर बने रहना चाहिए ताकि एनडीए मजबूत रह सके।
उन्होंने यह भी कहा कि मैं शुरू से कहता आ रहा हूं कि जदयू को मजबूत करने के लिए यदि किसी पर विश्वास किया जा सकता है तो वह निशांत कुमार हैं। वह युवा हैं; 20 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद भी उनमें कोई अहंकार नहीं है। उन्हें पैसे का कोई मोह नहीं और न ही फैशन का। वह आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं और एक साफ-सुथरे व्यक्ति हैं।
महिला आरक्षण पर बुलाए गए विशेष सत्र के बारे में डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि इस समय विपक्ष केवल विरोध करने के लिए है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार ने लोगों की मदद की है और उनके हुनर को निखारा है।
उन्होंने बताया कि अच्छे कार्यों का स्वागत होना चाहिए। महिला आरक्षण को विपक्ष को तब लागू करना चाहिए था जब वह सत्ता में थे। अब वह सिर्फ विरोध के लिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए कोई विधेयक लाती है, तो उसका स्वागत होना चाहिए। गलतियों को सुधारने के लिए बदलाव ही एकमात्र उपाय है। विपक्ष की बातें मेरे अनुसार सकारात्मक नहीं हैं।