20 अक्टूबर 2026
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दशहरे पर वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल की अपील: देश को अराजक तत्वों से मुक्त करने का संकल्प लें

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दशहरे पर वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल की अपील: देश को अराजक तत्वों से मुक्त करने का संकल्प लें

सारांश

दशहरे पर वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने देश को अराजक तत्वों से मुक्त करने का संकल्प दिलाया — साथ ही रेस कोर्स मस्जिद नोटिस, शरजील इमाम की संविधान टिप्पणी, संजय राउत की एक्स पोस्ट और राहुल गांधी के आरएसएस बयान पर एक साथ कई मोर्चों पर तीखा पलटवार किया।

मुख्य बातें

वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी पर देश को अराजक तत्वों से मुक्त कराने का संकल्प लेने की अपील की।
आरएसएस के 101वें स्थापना दिवस पर बंसल ने शुभकामनाएँ देते हुए संगठन की कार्यप्रणाली को समझने का आग्रह किया।
रेस कोर्स मस्जिद को खाली करने के नोटिस पर बंसल ने कहा — अवैध निर्माण पर कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
शरजील इमाम की संविधान व सेक्युलरिज्म संबंधी टिप्पणी को बंसल ने संवैधानिक व्यवस्था को चुनौती देने वाला बताया।
संजय राउत की एक्स पोस्ट पर शिवसेना (उद्धव गुट) से माफ़ी माँगने की माँग की।
राहुल गांधी के आरएसएस संबंधी बयान को अनुचित व विरोधाभासी बताते हुए बंसल ने संघ की शाखा में जाकर समझने का सुझाव दिया।

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर दशहरे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 101वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान उन्होंने कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित नेताओं से अपनी स्थिति स्पष्ट करने और माफ़ी माँगने की माँग की। बंसल ने कहा कि दशहरे का पर्व असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है और इससे प्रेरणा लेकर देश को अराजक तत्वों से मुक्त कराने का संकल्प लेना चाहिए।

दशहरे का संदेश और राष्ट्रीय संकल्प

बंसल ने विजयादशमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह महापर्व अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। उन्होंने भगवान श्रीराम के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि 'जननी और जन्मभूमि स्वर्ग के समान हैं।' उनके अनुसार, देश का आदर करना, उससे प्रेम करना और धर्म के मार्ग पर चलना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। आरएसएस के 101वें स्थापना दिवस पर भी उन्होंने संगठन को शुभकामनाएँ दीं।

रेस कोर्स मस्जिद नोटिस पर प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री आवास के निकट स्थित ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को खाली करने के नोटिस के संदर्भ में बंसल ने कहा कि यदि सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण हुआ है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नियम किसी एक धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं होना चाहिए — मस्जिद हो, मदरसा हो अथवा कोई अन्य स्थल, यदि निर्माण अवैध है तो वह कानून के दायरे में आएगा। उन्होंने कहा कि कानून का पालन किसी के लिए भी अपवाद नहीं होना चाहिए।

शरजील इमाम की टिप्पणी पर कड़ा रुख

संविधान और सेक्युलरिज्म को लेकर शरजील इमाम की टिप्पणी पर बंसल ने आरोप लगाया कि ऐसे बयान संविधान और देश की संवैधानिक व्यवस्था को चुनौती देने वाले हैं। उन्होंने इस्लाम के मानने वालों से भी इस मुद्दे पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने की अपील की। बंसल का कहना था कि लोकतंत्र और संविधान में विश्वास न रखने वाले व्यक्तियों को अपनी विचारधारा स्पष्ट करनी चाहिए।

संजय राउत की एक्स पोस्ट पर नाराज़गी

अल्बानिया में प्रदर्शनकारियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट को आग लगाए जाने की घटना पर शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत की एक्स पोस्ट को लेकर बंसल ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं और देश के चुने हुए प्रधानमंत्री के विरुद्ध इस तरह की टिप्पणी अस्वीकार्य है। बंसल ने शिवसेना (उद्धव गुट) से माफ़ी माँगने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने की माँग की, साथ ही सवाल उठाया कि क्या पार्टी भारत में भी ऐसी ही घटना देखना चाहती है।

राहुल गांधी के आरएसएस संबंधी बयान पर पलटवार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आरएसएस को लेकर एक्स पोस्ट पर बंसल ने तीखी प्रतिक्रिया दी और उनके बयान को अनुचित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की टिप्पणियों में विरोधाभास है — वे हिंदू धर्मग्रंथों पर तो टिप्पणी करते हैं, लेकिन अन्य धर्मों से जुड़े मुद्दों पर वैसी मुखरता नहीं दिखाते। बंसल ने सुझाव दिया कि संघ को समझने के लिए उसकी शाखा में जाकर उसके विचारों और कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझना चाहिए। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब आरएसएस अपनी स्थापना की शताब्दी से आगे बढ़कर 101वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और संगठन को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक तीखापन और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

शरजील इमाम, संजय राउत और राहुल गांधी को एक ही प्रेस वार्ता में घेरना एक सुनियोजित संदेश-रणनीति की तरह दिखता है। गौरतलब है कि आरएसएस के 101वें स्थापना दिवस के अवसर पर यह बयान आया, जब संगठन के प्रति मुख्यधारा राजनीति में तीखापन चरम पर है। हालाँकि, बंसल के 'समान कानून' के तर्क की विश्वसनीयता तब और परखी जाएगी, जब गैर-मुस्लिम धार्मिक स्थलों पर अवैध निर्माण के मामलों में भी वीएचपी उतनी ही मुखरता दिखाए।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल ने दशहरे पर क्या अपील की?
बंसल ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के अवसर पर देश को अराजक तत्वों से मुक्त कराने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने भगवान श्रीराम के संदेश का हवाला देते हुए कहा कि जननी और जन्मभूमि स्वर्ग के समान हैं।
रेस कोर्स मस्जिद नोटिस पर वीएचपी का क्या रुख है?
बंसल ने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और यह नियम हर धार्मिक स्थल पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उनके अनुसार मस्जिद, मदरसा या कोई भी स्थल — अवैध निर्माण कानून से परे नहीं हो सकता।
बंसल ने शरजील इमाम की टिप्पणी पर क्या कहा?
बंसल ने आरोप लगाया कि शरजील इमाम की संविधान और सेक्युलरिज्म संबंधी टिप्पणियाँ संवैधानिक व्यवस्था को चुनौती देने वाली हैं। उन्होंने इस्लाम के मानने वालों सहित सभी संबंधित नेताओं से इस पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने की माँग की।
संजय राउत की एक्स पोस्ट पर वीएचपी ने क्या आपत्ति जताई?
बंसल ने अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट में आगज़नी की घटना पर संजय राउत की एक्स पोस्ट को संवैधानिक संस्थाओं के विरुद्ध अस्वीकार्य बताया। उन्होंने शिवसेना (उद्धव गुट) से इस पर माफ़ी माँगने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने की माँग की।
राहुल गांधी के आरएसएस संबंधी बयान पर बंसल की क्या प्रतिक्रिया रही?
बंसल ने राहुल गांधी के आरएसएस को लेकर एक्स पोस्ट को अनुचित और विरोधाभासी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हिंदू धर्मग्रंथों पर तो बोलते हैं, लेकिन अन्य धर्मों के मुद्दों पर वैसी मुखरता नहीं दिखाते; और सुझाव दिया कि संघ को समझने के लिए उसकी शाखा में जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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