विजयादशमी 2026: भारतीय सेना और CRPF ने दी देशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) ने 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के पावन अवसर पर देशभर के नागरिकों, सैन्यकर्मियों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ के नेतृत्व में सेना के विभिन्न कमानों ने अपने आधिकारिक संदेशों में साहस, धर्म और एकजुटता के मूल्यों को रेखांकित किया।
थल सेनाध्यक्ष का संदेश
थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ और भारतीय सेना के सभी पदों की ओर से समस्त देशवासियों को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। यह संदेश सेना के आधिकारिक एक्स (X) हैंडल के माध्यम से साझा किया गया।
पश्चिमी कमान का संकल्प-संदेश
वेस्टर्न कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने सभी रैंक के सैनिकों, पूर्व सैनिकों, रक्षा विभाग के असैन्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि 'बुराई पर अच्छाई की जीत' का यह पर्व सभी में साहस, सदाचार और सत्य तथा धर्म के मार्ग पर अडिग रहने का संकल्प जगाए। पश्चिमी कमान ने 'अच्छाई की जीत, सदाचार की शक्ति और एकजुटता की भावना' को इस त्योहार का मूल बताया।
दक्षिणी और पूर्वी कमान के संदेश
सप्त शक्ति कमांड (दक्षिणी कमान) के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने कहा कि यह पर्व साहस, धर्म और कर्तव्य के मूल्यों को बनाए रखने की प्रेरणा देता है और राष्ट्र-सेवा के संकल्प को और मज़बूत करता है। उन्होंने 'सद्गुणों की विजय, धर्म की जीत' के संदेश के साथ सभी कर्मियों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं।
पूर्वी कमान ने भी दशहरे पर सभी नागरिकों, सैन्यकर्मियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कामना की कि यह त्योहार सभी के जीवन में शांति और खुशियाँ लेकर आए।
CRPF का संदेश
CRPF के महानिदेशक जीपी सिंह और बल के सभी रैंक के कर्मियों ने एक्स (X) पर देशवासियों को विजयादशमी की बधाई देते हुए कहा कि 'धर्म की विजय हमें साहस प्रदान करे, स्थायी शांति और समृद्धि लाए, और देश में भाईचारे की भावना को और मज़बूत करे।'
राष्ट्रीय महत्व
विजयादशमी — जिसे दशहरा भी कहा जाता है — असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की प्रतीकात्मक जीत का पर्व है। सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों द्वारा इस अवसर पर संदेश जारी करने की परंपरा उनकी राष्ट्रीय जिम्मेदारी और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का प्रतिबिंब है। इस वर्ष के संदेशों में साहस, धर्म, कर्तव्य और एकता के मूल्यों पर विशेष बल दिया गया — जो सशस्त्र बलों की मूल भावना को भी रेखांकित करते हैं।