27 अक्टूबर 2026
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विनोद बंसल का इंडी गठबंधन पर हमला: '1 नवंबर की रैली अहोई अष्टमी और दिवाली पर कुठाराघात'

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विनोद बंसल का इंडी गठबंधन पर हमला: '1 नवंबर की रैली अहोई अष्टमी और दिवाली पर कुठाराघात'

सारांश

विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने इंडी गठबंधन की 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली पर तीखा प्रहार किया है — आरोप है कि यह अहोई अष्टमी और दिवाली की पूर्व संध्या पर हिंदू त्योहारों व दिल्ली के व्यापार को नुकसान पहुँचाने का प्रयास है। दिल्ली के व्यापारी संगठन CTI ने भी राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली स्थगित करने की माँग की है।

मुख्य बातें

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने 27 अक्टूबर 2026 को इंडी गठबंधन की 1 नवंबर की रैली के विरोध में एक्स पर पोस्ट कर तीखा हमला बोला।
रैली नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित है, जिसमें कथित तौर पर 10 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है।
1 नवंबर को अहोई अष्टमी का व्रत-पर्व भी है और यह तिथि दिवाली से ठीक पहले पड़ती है।
बंसल ने रैली आयोजकों पर हिंदू त्योहारों और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया।
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली दिवाली के बाद करने की अपील की।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने 27 अक्टूबर 2026 को इंडी गठबंधन के नेताओं पर तीखा प्रहार करते हुए माँग की कि वे विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंदू त्योहारों और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाना बंद करें। उनकी यह प्रतिक्रिया 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित विपक्ष की महारैली को लेकर आई है।

रैली और विवाद की पृष्ठभूमि

विपक्षी इंडी गठबंधन ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करने की योजना बनाई है, जिसमें कथित तौर पर 10 लाख लोगों के जुटने का अनुमान है। इस तारीख पर अहोई अष्टमी का व्रत-पर्व भी है — जिसे माताएँ अपनी संतानों की दीर्घायु और खुशहाली के लिए रखती हैं — और यह रैली दीपावली से ठीक पहले पड़ती है। इसी कारण व्यापारी संगठनों ने रैली टालने की अपील की थी।

विनोद बंसल के एक्स पर तीखे बोल

बंसल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में कहा, '1 नवंबर की रैली को स्थगित करने की अपील व्यापारियों की थी, इसलिए ठुकरा दी। अगर यह जिहादियों की होती तो साष्टांग दंडवत करते हुए माफी भी मांगते और रैली को कैंसिल भी करते। यह अंतर है कांग्रेसी संस्कृति का, इसी दिन अहोई अष्टमी भी है, जो माताओं द्वारा अपनी संतानों की खुशी व दीर्घायु की कामना हेतु रखा जाने वाला एक बड़ा व्रत पर्व है।'

उन्होंने व्यापारी समुदाय को सतर्क करते हुए कहा कि 'व्यापारियों के व्यापार, हिंदुओं की आस्था और त्योहारों की खुशहाली के साथ देश की अर्थव्यवस्था को चौपट करने में ट्रिपल सी — कांग्रेसी, कम्युनिस्ट एवं कम्युनलिष्ट जिहादी — गैंग लगी हुई है।'

हिंदू त्योहारों पर 'षड्यंत्र' का आरोप

विहिप प्रवक्ता ने आरोप लगाया, 'पहले नवरात्रि और दशहरे, अब दीपावली जैसे देश के सबसे बड़े त्योहार की खुशी और समृद्धि पर ग्रहण लगाने के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।' उन्होंने देशवासियों — विशेष रूप से हिंदू समाज — से 'लगातार हिंदू द्रोही मार्ग पर चलने वाले लोगों और संगठनों से सावधान रहने' की अपील की।

विपक्ष को चेतावनी

बंसल ने इंडी गठबंधन के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा, 'आप लाख प्रयास कर लेना किंतु हिंदू समाज को और भारत की अर्थव्यवस्था को आघात करने वाले आपके इन कुचक्रों का जवाब समाज समय आने पर अवश्य देगा और आपके इन भारत विरोधी हिंदू द्रोही षडयंत्रों को कभी सफल नहीं होने देगा।'

व्यापार संगठन की माँग

दिल्ली के शीर्ष व्यापारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर यह रैली दिवाली के बाद किसी अन्य तिथि पर आयोजित करने का अनुरोध किया है। गोयल का तर्क है कि दिवाली सत्र व्यापारियों के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण कारोबारी समय होता है और इतनी बड़ी रैली से आवाजाही और व्यापार दोनों प्रभावित होंगे। अब देखना यह होगा कि इंडी गठबंधन व्यापारियों और आस्थावान नागरिकों की इस चिंता पर क्या रुख अपनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आर्थिक है — दिवाली सत्र में कारोबार ठप होने की चिंता — जो बंसल की भाषा से अलग लेकिन माँग में समान है। इंडी गठबंधन के लिए असली चुनौती यह नहीं कि वह विहिप को जवाब दे, बल्कि यह है कि वह दिल्ली के व्यापारी वर्ग की व्यावहारिक चिंताओं को नजरअंदाज किए बिना अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन कैसे करे।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विनोद बंसल ने इंडी गठबंधन की रैली पर क्या आपत्ति जताई है?
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा है कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली अहोई अष्टमी के व्रत-पर्व और दीपावली की तैयारियों के बीच हिंदू त्योहारों और दिल्ली के कारोबार को नुकसान पहुँचाने का प्रयास है। उन्होंने व्यापारियों की रैली स्थगित करने की अपील ठुकराए जाने को 'कांग्रेसी संस्कृति' का उदाहरण बताया।
1 नवंबर की इंडी रैली इतनी विवादास्पद क्यों है?
1 नवंबर को अहोई अष्टमी का व्रत है और यह तिथि दिवाली से ठीक पहले पड़ती है, जो दिल्ली के व्यापारियों के लिए साल का सबसे बड़ा कारोबारी मौसम होता है। दिल्ली के व्यापारी संगठन CTI का कहना है कि 10 लाख लोगों की रैली से यातायात और व्यापार दोनों बुरी तरह प्रभावित होंगे।
CTI ने राहुल गांधी को क्या माँग करते हुए पत्र लिखा?
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर की प्रस्तावित महारैली को दिवाली के बाद किसी उपयुक्त तिथि पर शिफ्ट करने की माँग की है। उनका तर्क है कि दिवाली सत्र व्यापारियों के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण कारोबारी समय होता है।
विहिप प्रवक्ता ने 'ट्रिपल सी गैंग' किसे कहा?
विनोद बंसल ने अपनी पोस्ट में 'ट्रिपल सी' से तात्पर्य कांग्रेसी, कम्युनिस्ट और कम्युनलिष्ट जिहादी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये तीनों मिलकर व्यापार, हिंदू आस्था और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने में लगे हैं।
इंडी गठबंधन ने रैली स्थगित करने की अपील पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इंडी गठबंधन ने व्यापारियों की रैली स्थगित करने की अपील को अस्वीकार कर दिया है। गठबंधन की ओर से आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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