द्वारका पुलिस का 'नशे पर लगाम, देश को सलाम' अभियान: 3,850 क्वार्टर अवैध शराब जब्त, दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
द्वारका जिला पुलिस ने 8 मई 2025 को अंतर-राज्यीय अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 3,850 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की। यह कार्रवाई पुलिस के नवशुरू अभियान 'नशे पर लगाम, देश को सलाम' के तहत की गई, जिसका उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में नशीले पदार्थों और अवैध शराब की आपूर्ति शृंखला को तोड़ना है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध नजफगढ़ पुलिस स्टेशन में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस की स्पेशल स्टाफ और एंटी-नारकोटिक्स सेल की संयुक्त टीमों ने 8 मई को दो अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। पहली कार्रवाई नजफगढ़ थाना क्षेत्र में यूईआर दीचाऊं डिपो के पास हुई, जहाँ धर्मेंद्र (आयु 25 वर्ष, निवासी रोहतक, हरियाणा) को उसकी कार से 2,500 क्वार्टर अवैध शराब के साथ पकड़ा गया। दूसरी कार्रवाई साईं बाबा मंदिर के निकट हुई, जहाँ अमन (आयु 22 वर्ष, निवासी झिलमिल, शाहदरा) को 1,350 क्वार्टर अवैध शराब और एक कार के साथ गिरफ्तार किया गया। दोनों मामलों में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/38/58(डी) के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
अभियान का नेतृत्व और टीम
पूरा ऑपरेशन इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व में चलाया गया। टीम में हेड कांस्टेबल प्रदीप, सुधीर, जयराम, जितेंद्र यादव, जयभगवान, विकास और गोपाल यादव सहित अन्य जवान शामिल रहे। समूचे ऑपरेशन की निगरानी एसीपी (ऑपरेशंस) सुभाष मलिक ने की। यह अभियान द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह (आईपीएस) के सीधे निर्देश पर शुरू किया गया है।
आरोपियों का बयान
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अवैध शराब को दिल्ली और आसपास के इलाकों में सप्लाई कर रहे थे। अमन ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद आसान कमाई की तलाश में वह इस अवैध धंधे में शामिल हो गया था। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी अंतर-राज्यीय नेटवर्क का हिस्सा थे जो हरियाणा से दिल्ली में शराब की तस्करी करता था।
पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
द्वारका जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। डीसीपी कुशल पाल सिंह ने अपनी टीमों को निर्देशित किया है कि युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को इस बुराई से मुक्त करने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। साथ ही जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में अवैध शराब की तस्करी लंबे समय से कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती रही है, और यह कार्रवाई उस दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।