राजस्थान में अवैध शराब विरोधी अभियान: 633 मामले दर्ज, 172 गिरफ्तार, 1.40 लाख लीटर 'वॉश' नष्ट
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान एक्साइज डिपार्टमेंट ने एक्साइज कमिश्नर नमित मेहता के निर्देशानुसार 1 मई से 5 मई 2026 के बीच राज्यभर में एक विशेष निवारक अभियान चलाया, जिसमें अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर कड़ी कार्रवाई की गई। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार इस अभियान में कुल 633 मामले दर्ज हुए और 172 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
अभियान में क्या-क्या बरामद हुआ
प्रवर्तन टीमों ने ₹8.52 लाख मूल्य की 3,169 लीटर देसी शराब, ₹7.96 लाख मूल्य की 798 लीटर भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL), ₹2.62 लाख मूल्य की 1,199.45 लीटर बीयर और 3,698.5 लीटर अवैध रूप से निर्मित शराब जब्त की। इसके अलावा एक चार पहिया वाहन और आठ दो पहिया वाहनों सहित कुल नौ वाहन भी जब्त किए गए।
अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि अवैध शराब निर्माण में उपयोग होने वाले प्रमुख कच्चे माल 'वॉश' की 1,40,402 लीटर मात्रा विभिन्न जिलों में नष्ट की गई। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उत्पाद शुल्क निवारक टीमों ने समन्वित छापे, गश्त और नाकाबंदी अभियान चलाए।
जिलेवार कार्रवाई का विवरण
उदयपुर में अधिकारियों ने भारी मात्रा में बीयर जब्त की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गोगुंडा और खेरवाड़ा में टीमों ने बड़ी मात्रा में अवैध शराब नष्ट की। चित्तौड़गढ़ जिले में व्यापक छापेमारी में हजारों शराब की थैलियाँ और बोतलें बरामद हुईं तथा अवैध निर्माण संयंत्र ध्वस्त किए गए।
भरतपुर और डीग में मिलाकर 11,000 लीटर से अधिक 'वॉश' और कई आसवन इकाइयाँ नष्ट की गईं। दौसा में छापेमारी से 4,500 लीटर 'वॉश' नष्ट हुई। अजमेर में 36 मामले दर्ज हुए और 14 गिरफ्तारियाँ हुईं।
इसके अलावा बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, हनुमानगढ़, अलवर, बीकानेर, झालावाड़, जोधपुर, बाड़मेर और भरतपुर सहित अनेक जिलों से भी इसी प्रकार की कार्रवाई की सूचना मिली।
विभाग की प्रतिबद्धता
अधिकारियों ने कहा कि राज्य में अवैध शराब व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए क्षेत्रीय और जिला स्तरीय आबकारी टीमों द्वारा निरंतर निगरानी, सख्त प्रवर्तन और समन्वित कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उत्पाद शुल्क कानूनों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह अभियान राजस्थान में बढ़ते अवैध शराब कारोबार के विरुद्ध एक्साइज विभाग की बढ़ती सक्रियता का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के समन्वित अभियानों को नियमित रूप से चलाने से ही दीर्घकालिक प्रभाव संभव होगा। आने वाले हफ्तों में विभाग की ओर से और अधिक जिलों में इसी प्रकार की कार्रवाई की संभावना है।