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जून 2026 में सबसे सस्ता एजुकेशन लोन: PNB दे रहा 8.10% से शुरू, जानें सभी बैंकों की तुलना

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जून 2026 में सबसे सस्ता एजुकेशन लोन: PNB दे रहा 8.10% से शुरू, जानें सभी बैंकों की तुलना

सारांश

जून 2026 में PNB 8.10% की दर के साथ सरकारी बैंकों में सबसे सस्ता एजुकेशन लोन दे रहा है, जबकि HDFC बैंक की दर 12.50% तक पहुँचती है। विशेषज्ञों की सलाह — केवल ब्याज दर नहीं, मोरेटोरियम, प्रोसेसिंग फीस और कोलेटरल शर्तें भी जाँचें।

मुख्य बातें

PNB सरकारी बैंकों में सबसे कम 8.10% की शुरुआती दर पर एजुकेशन लोन दे रहा है।
SBI 8.90% , केनरा बैंक व यूनियन बैंक 9.25% , और बैंक ऑफ बड़ौदा 10.25% पर ऋण उपलब्ध करा रहे हैं।
निजी बैंकों में ICICI बैंक सबसे कम 9.00% पर है; HDFC बैंक की दर 12.50% तक जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार मोरेटोरियम अवधि, प्रोसेसिंग फीस और कोलेटरल शर्तें भी लोन चुनाव में उतनी ही अहम हैं।
भविष्य की कमाई और नौकरी की संभावनाओं का आकलन करके ही ऋण राशि तय करने की सलाह दी जाती है।

नई दिल्ली — उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत के बीच जून 2026 में एजुकेशन लोन लेने की योजना बना रहे छात्रों के लिए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) सरकारी बैंकों में सबसे कम 8.10% की शुरुआती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध करा रहा है। देश और विदेश में पढ़ाई का खर्च लगातार बढ़ने के कारण सही बैंक और सही शर्तों का चुनाव छात्रों के वित्तीय भविष्य को सीधे प्रभावित करता है।

सरकारी बैंकों की ब्याज दरें

सरकारी क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) सबसे प्रतिस्पर्धी दर — 8.10% प्रति वर्ष — पर एजुकेशन लोन दे रहा है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 8.90% की दर पर ऋण उपलब्ध करा रहा है, जो देश के सबसे बड़े बैंक के रूप में व्यापक शाखा नेटवर्क का लाभ भी देता है। केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया दोनों 9.25% की समान दर पर एजुकेशन लोन प्रदान कर रहे हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा की शुरुआती दर 10.25% है, जो सरकारी बैंकों में सबसे अधिक है।

निजी बैंकों की ब्याज दरें

निजी क्षेत्र में ICICI बैंक 9.00% की शुरुआती दर के साथ सबसे किफायती विकल्प है। IDFC फर्स्ट बैंक 9.50% और IDBI बैंक 9.90% पर एजुकेशन लोन दे रहे हैं। एक्सिस बैंक की दर 10.81% है, जबकि HDFC बैंक की ब्याज दर 12.50% तक जा सकती है — जो निजी बैंकों में सर्वाधिक है। गौरतलब है कि ब्याज दर का यह अंतर दीर्घकालिक पुनर्भुगतान में लाखों रुपये का फर्क पैदा कर सकता है।

केवल ब्याज दर काफी नहीं — विशेषज्ञों की राय

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि एजुकेशन लोन चुनते समय केवल ब्याज दर को आधार नहीं बनाना चाहिए। मोरेटोरियम अवधि (कोर्स पूरा होने के बाद ईएमआई शुरू होने से पहले मिलने वाला समय), प्रोसेसिंग फीस, और अन्य छिपे हुए शुल्क भी कुल लागत को प्रभावित करते हैं। इसके साथ ही, यह भी जाँचना ज़रूरी है कि बैंक संपार्श्विक (कोलेटरल) की माँग कर रहा है या नहीं — बड़े ऋणों के लिए अक्सर संपत्ति या अन्य परिसंपत्तियाँ गिरवी रखनी पड़ती हैं।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत में उच्च शिक्षा की माँग तेज़ी से बढ़ रही है और मध्यवर्गीय परिवारों के लिए फीस का बोझ एक बड़ी चुनौती बन चुका है। सही एजुकेशन लोन चुनने से न केवल पढ़ाई का खर्च उठाया जा सकता है, बल्कि स्नातक होने के बाद वित्तीय दबाव भी कम रहता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि छात्र अपने संभावित करियर क्षेत्र की औसत शुरुआती आय का आकलन करके ही ऋण राशि तय करें।

क्या होगा आगे

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, कम से कम तीन-चार बैंकों के प्रस्तावों की तुलना करना सबसे समझदारी भरी रणनीति है। क्रेडिट स्कोर, पुनर्भुगतान अवधि, और पारिवारिक वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला भविष्य में आर्थिक बोझ को काफी कम कर सकता है। सुनियोजित तरीके से चुना गया एजुकेशन लोन छात्रों के करियर की मज़बूत नींव साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली तस्वीर अधूरी है — 'शुरुआती दर' और 'प्रभावी दर' में अक्सर बड़ा अंतर होता है, जो प्रोसेसिंग शुल्क और क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर बदलता है। भारत में छात्र ऋण का एनपीए अनुपात बैंकिंग क्षेत्र की एक पुरानी चिंता है, फिर भी इस पर सार्वजनिक विमर्श कम होता है। सरकारी बैंकों की कम दरें आकर्षक लगती हैं, परंतु उनकी कोलेटरल माँग और लंबी प्रक्रिया पहली पीढ़ी के उच्च शिक्षा आकांक्षियों के लिए बाधा बन सकती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जून 2026 में सबसे कम ब्याज दर पर एजुकेशन लोन कौन सा बैंक दे रहा है?
जून 2026 में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) सरकारी बैंकों में सबसे कम 8.10% की शुरुआती दर पर एजुकेशन लोन दे रहा है। निजी बैंकों में ICICI बैंक 9.00% की दर के साथ सबसे किफायती विकल्प है।
SBI और PNB के एजुकेशन लोन में क्या अंतर है?
PNB की शुरुआती दर 8.10% है, जबकि SBI 8.90% पर ऋण देता है। हालाँकि SBI का शाखा नेटवर्क व्यापक है और उसकी मोरेटोरियम व पुनर्भुगतान शर्तें भिन्न हो सकती हैं, इसलिए दोनों के पूर्ण प्रस्ताव की तुलना करना ज़रूरी है।
एजुकेशन लोन लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
केवल ब्याज दर नहीं, बल्कि मोरेटोरियम अवधि , प्रोसेसिंग फीस , कोलेटरल की शर्तें और पुनर्भुगतान अवधि भी देखनी चाहिए। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, कम से कम तीन-चार बैंकों के प्रस्तावों की तुलना करना सबसे बेहतर रणनीति है।
क्या बड़े एजुकेशन लोन के लिए कोलेटरल ज़रूरी है?
हाँ, अधिकतर बैंक बड़े ऋण राशि के लिए संपत्ति या अन्य परिसंपत्तियाँ गिरवी रखने की माँग करते हैं। छोटे ऋणों के लिए कुछ बैंक बिना कोलेटरल के भी ऋण देते हैं, लेकिन यह बैंक और ऋण राशि पर निर्भर करता है।
HDFC बैंक का एजुकेशन लोन इतना महंगा क्यों है?
HDFC बैंक की एजुकेशन लोन दर 12.50% तक जाती है, जो सूचीबद्ध बैंकों में सर्वाधिक है। निजी बैंक आमतौर पर तेज़ प्रक्रिया और लचीली शर्तों के बदले अधिक ब्याज दर लेते हैं। इसलिए लंबी अवधि के ऋण के लिए सरकारी बैंकों का विकल्प अधिक किफायती हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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