एटा में दो चचेरे भाइयों की भव्य शादी, हेलीकॉप्टर से हुई दुल्हनों की विदाई

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एटा में दो चचेरे भाइयों की भव्य शादी, हेलीकॉप्टर से हुई दुल्हनों की विदाई

सारांश

एटा में दो चचेरे भाइयों की विवाह ने ग्रामीणों को मोहित कर दिया। हेलीकॉप्टर से हुई विदाई ने इस शादी को एक विशेष अनुभव बना दिया। जानें इस अनोखे समारोह के बारे में।

Key Takeaways

  • दो चचेरे भाइयों की भव्य शादी का आयोजन
  • दुल्हनों की विदाई हेलीकॉप्टर से हुई
  • सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे
  • ग्रामीणों के लिए एक नई मिसाल प्रस्तुत की गई
  • शादी पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुई

एटा, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के एटा जिले के अलीगंज विकासखंड में एक विशेष और यादगार शादी का आयोजन हुआ है। यहां दो चचेरे भाइयों ने एक साथ भव्य तरीके से विवाह किया, जिसमें दुल्हनों की विदाई हेलीकॉप्टर द्वारा की गई। इस अद्भुत आयोजन ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया और ग्रामीणों की एक बड़ी भीड़ इकट्ठा हो गई।

शादी का समारोह बुलाकीनगर स्थित सहकारी समिति के उत्सव पैलेस में आयोजित हुआ। देर रात तक चले जयमाला समारोह में रिश्तेदारों और आस-पास के गांवों से आए लोगों की बड़ी संख्या उपस्थित रही। दोनों विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूरे उत्साह से संपन्न हुए।

पहली दुल्हन नीलम उर्फ सुमन हैं, जो मुन्नालाल की पुत्री हैं। वे नगला बल्लभ, अलीगंज विकासखंड, एटा की निवासी हैं। नीलम ने एमए और डीएलएड की पढ़ाई की है और वे परिवार की सबसे छोटी संतान हैं। उनके पिता मुन्नालाल कासगंज जिले के पटियाली तहसील के बामिया प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। नीलम का विवाह आशुतोष यादव से हुआ। आशुतोष ने एमबीए की डिग्री प्राप्त की है और कासगंज जिले के पटियाली तहसील के करणपुर गांव के निवासी हैं। उनके पिता रामदास एक किसान हैं।

दूसरी दुल्हन आकांक्षा हैं, जो रामकिशन गुरुदयाल की बेटी हैं। वे नगला कायमगंज, फर्रुखाबाद जिले की निवासी हैं। आकांक्षा का विवाह गौरव यादव से हुआ। गौरव ने आईटीआई का डिप्लोमा प्राप्त किया है और वे परिवार के बड़े बेटे हैं। गौरव भी करणपुर, पटियाली तहसील, कासगंज के निवासी हैं। उनके पिता सुधीर सिंह भी खेती करते हैं।

शादी के बाद दोनों दुल्हनों की विदाई अलीगंज विकासखंड के नगला बल्लभ में बने हेलीपैड से हेलीकॉप्टर द्वारा कराई गई। हेलीकॉप्टर को देखने के लिए आस-पास के कई गांवों से सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। जैसे ही हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, लोगों ने इस खास पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। हेलीकॉप्टर से हुई यह शाही विदाई पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बन गई।

कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासन ने 5 उपनिरीक्षक, 5 हेड कांस्टेबल, 10 आरक्षी (महिला और पुरुष), एक मुख्य आरक्षी, एक मोहरीर, एक कंट्रोल स्मोक, एक राजकीय वाहन और एक मुख्य आरक्षी चालक की ड्यूटी लगाई थी। इस विशेष सुरक्षा व्यवस्था के लिए सरकारी खजाने में 1 लाख 47 हजार 111 रुपये जमा कराए गए थे।

यह अद्वितीय शादी और हेलीकॉप्टर विदाई ने न केवल परिवार वालों को खुशी दी, बल्कि पूरे इलाके में एक नई मिसाल भी पेश की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने ऐसी शादी पहले कभी नहीं देखी।

Point of View

बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक नया अनुभव भी था। हेलीकॉप्टर से विदाई ने इस समारोह को और भी खास बना दिया। ऐसे आयोजनों से स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा मिलता है।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

इस शादी में कितने लोग शामिल हुए थे?
शादी में रिश्तेदारों और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे।
दुल्हनों के परिवार कौन हैं?
पहली दुल्हन नीलम मुन्नालाल की बेटी हैं और दूसरी दुल्हन आकांक्षा रामकिशन गुरुदयाल की।
हेलीकॉप्टर विदाई का क्या महत्व है?
हेलीकॉप्टर विदाई ने इस शादी को एक खास और यादगार अनुभव बना दिया।
इस शादी की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?
कार्यक्रम के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई थी जिसमें कई पुलिसकर्मी तैनात थे।
क्या इस तरह की शादी आम है?
नहीं, यह एक विशेष और अनोखी शादी थी, जिससे ग्रामीणों ने पहले कभी नहीं देखा।
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