30 जुलाई 2026
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पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल पर संत वरुण दास: 'रुझानों को सच मानना जल्दबाजी, 4 मई का करें इंतजार'

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पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल पर संत वरुण दास: 'रुझानों को सच मानना जल्दबाजी, 4 मई का करें इंतजार'

सारांश

पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण की 142 सीटों पर मतदान के बाद एग्जिट पोल की बाढ़ आ गई है — लेकिन अयोध्या के संत वरुण दास ने ब्रेक लगाया। उनका कहना है कि अतीत में एग्जिट पोल कई बार गलत साबित हुए हैं और 4 मई की मतगणना ही असली फैसला सुनाएगी।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है।
आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने एग्जिट पोल रुझानों को अंतिम सत्य मानने से बचने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि 4 मई को मतगणना के बाद ही वास्तविक परिणाम स्पष्ट होंगे।
सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत डॉ.
देवेशाचार्य जी महाराज ने बंगाल में भाजपा की जीत का आध्यात्मिक विश्वास के आधार पर दावा किया।
दोनों संतों ने 29 अप्रैल को अयोध्या में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में अपने विचार साझा किए।

अयोध्या के प्रमुख संत आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल रुझानों पर सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि इन्हें पूरी तरह सत्य मान लेना जल्दबाजी होगी और असली तस्वीर 4 मई को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी। 29 अप्रैल को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी, जब बंगाल में दूसरे चरण की 142 सीटों पर मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।

मुख्य घटनाक्रम

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान संपन्न होने के बाद विभिन्न एग्जिट पोल के नतीजे सामने आए। इसी पृष्ठभूमि में अयोध्या के दो प्रमुख संतों — सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज और आर्य संत वरुण दास जी महाराज — ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में अपने-अपने विचार साझा किए।

गौरतलब है कि एग्जिट पोल के रुझान अलग-अलग परिणाम दर्शा रहे हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में अनिश्चितता बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल की राजनीतिक जमीन पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

संत वरुण दास का सतर्क रुख

आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने एग्जिट पोल को लेकर संयमित और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संत वरुण दास का यह कहना कि 'एग्जिट पोल को सच मानना जल्दबाजी है' — दरअसल एक जरूरी लोकतांत्रिक सावधानी है। एग्जिट पोल का इतिहास बताता है कि बंगाल जैसे जटिल और बहुस्तरीय राज्य में ये अक्सर चूकते रहे हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि जहाँ एक संत आध्यात्मिक आधार पर जीत का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरे संत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए संयम की बात कर रहे हैं — यह विरोधाभास खुद बंगाल की राजनीतिक जटिलता को दर्शाता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संत वरुण दास ने एग्जिट पोल पर क्या कहा?
आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने कहा कि एग्जिट पोल को पूरी तरह सत्य मान लेना जल्दबाजी होगी। उनके अनुसार सच्चाई 4 मई को मतगणना के बाद ही सामने आएगी।
पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में कितनी सीटों पर मतदान हुआ?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान की प्रक्रिया पूरी हुई। मतगणना 4 मई को निर्धारित है।
डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने बंगाल चुनाव पर क्या कहा?
सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने आध्यात्मिक विश्वास के आधार पर बंगाल में भाजपा की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मां काली और कपिल मुनि भगवान का आशीर्वाद लिया है।
बंगाल चुनाव के नतीजे कब आएंगे?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना 4 मई को होगी। इसी दिन स्पष्ट होगा कि एग्जिट पोल के रुझान सही थे या नहीं।
एग्जिट पोल कितने सटीक होते हैं?
संत वरुण दास के अनुसार कुछ एग्जिट पोल अतीत में सही साबित हुए हैं, लेकिन कई बार जमीनी नतीजे इनसे बिल्कुल उलट भी आए हैं। बंगाल जैसे जटिल राज्य में एग्जिट पोल की सटीकता पर हमेशा सवाल उठते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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