पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल पर संत वरुण दास: 'रुझानों को सच मानना जल्दबाजी, 4 मई का करें इंतजार'
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है।
- आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने एग्जिट पोल रुझानों को अंतिम सत्य मानने से बचने की सलाह दी।
- उन्होंने कहा कि 4 मई को मतगणना के बाद ही वास्तविक परिणाम स्पष्ट होंगे।
- सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने बंगाल में भाजपा की जीत का आध्यात्मिक विश्वास के आधार पर दावा किया।
- दोनों संतों ने 29 अप्रैल को अयोध्या में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में अपने विचार साझा किए।
अयोध्या के प्रमुख संत आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल रुझानों पर सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि इन्हें पूरी तरह सत्य मान लेना जल्दबाजी होगी और असली तस्वीर 4 मई को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगी। 29 अप्रैल को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी, जब बंगाल में दूसरे चरण की 142 सीटों पर मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।
मुख्य घटनाक्रम
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान संपन्न होने के बाद विभिन्न एग्जिट पोल के नतीजे सामने आए। इसी पृष्ठभूमि में अयोध्या के दो प्रमुख संतों — सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज और आर्य संत वरुण दास जी महाराज — ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में अपने-अपने विचार साझा किए।
गौरतलब है कि एग्जिट पोल के रुझान अलग-अलग परिणाम दर्शा रहे हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में अनिश्चितता बनी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल की राजनीतिक जमीन पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
संत वरुण दास का सतर्क रुख
आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने एग्जिट पोल को लेकर संयमित और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने कहा,