फेसबुक हनीट्रैप से ₹24 लाख की उगाही: अहमदाबाद पुलिस ने बोटाद के आरोपी को दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद पुलिस की लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) ने 7 अक्टूबर 2026 को एक बुजुर्ग व्यक्ति को फेसबुक के माध्यम से हनीट्रैप में फँसाकर किस्तों में ₹24 लाख वसूलने के आरोप में 39 वर्षीय अल्पेश सोलंकी को गिरफ्तार किया। सोलंकी बोटाद जिले के ठीकवाड़ी गाँव का निवासी है और उसे कर्णावती ब्रिज के नीचे छिपे हुए पकड़ा गया, जहाँ उसके पास ₹1 लाख नकद एक काले बैग में बरामद हुए।
मुख्य घटनाक्रम
5 अक्टूबर 2026 की रात आनंदरनगर पुलिस थाने को कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि एक गिरोह ने एक बुजुर्ग व्यक्ति और उसके बेटे को ब्लैकमेल कर उनसे ₹1 लाख काले बैग में वसूले हैं। काली पैंट और सफेद चेकदार शर्ट पहने एक व्यक्ति पकवान चार रास्ता इलाके से रकम लेकर फरार हो गया था।
सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस उपायुक्त (जोन-7) शिवम वर्मा ने आरोपी की पहचान व गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान और कड़ी नाकाबंदी के आदेश दिए। पुलिस उपनिरीक्षक एच.डी. वाघेला के नेतृत्व में LCB जोन-7 की टीमों ने एसजी हाईवे पर व्यापक गश्त और वाहन जाँच शुरू की।
कैसे काम करता था गिरोह
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सोलंकी ने स्वीकार किया कि उसने और उसके साथियों ने फेसबुक के ज़रिए शिकायतकर्ता से संपर्क किया और उसे कथित तौर पर हनीट्रैप में फँसाया। इसके बाद गिरोह ने पीड़ित को झूठे मामलों में फँसाने की धमकी देकर एक सुनियोजित साजिश के तहत उससे किस्तों में ₹24 लाख वसूल लिए।
हालिया घटना में गिरोह ने शिकायतकर्ता से अतिरिक्त ₹7 लाख की माँग भी की थी। जब शिकायतकर्ता को संदेह हुआ, तो उसने पुलिस से संपर्क किया और उसी के आधार पर सोलंकी को ₹1 लाख के साथ गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी और अन्य आरोपी
पुलिस ने सोलंकी के पास से ₹500 के नोटों की दो गड्डियाँ (कुल ₹1 लाख), एक काला बैग और ₹5,000 मूल्य का मोबाइल फोन जब्त किया। जब्त संपत्ति की कुल कीमत ₹1.05 लाख आँकी गई है।
इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं — किशन उर्फ कानू परमार, जो बोटाद के तर्घड़ा रोड स्थित मोरारीनगर-1 का निवासी है, और लालो, जो मेहसाणा जिले की कड़ी तहसील के पनादरा गाँव का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि दोनों की तलाश जारी है।
पुलिस की सलाह और व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब साइबर ठगी और सोशल मीडिया हनीट्रैप के मामले पूरे देश में तेज़ी से बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि फेसबुक और व्हाट्सऐप के ज़रिए बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले ऐसे गिरोह कई राज्यों में सक्रिय हैं।
पुलिस ने आम जनता को सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले सतर्कता बरतें और किसी भी तरह की ब्लैकमेलिंग या उगाही का सामना करने पर तुरंत नज़दीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएँ।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा होने पर इस मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।