शेयर ट्रेडिंग में ₹27 लाख की साइबर ठगी: अहमदाबाद से दो गिरफ्तार, एक खाते से ₹8.93 करोड़ की धोखाधड़ी उजागर
सारांश
मुख्य बातें
सूरत साइबर क्राइम पुलिस ने शेयर ट्रेडिंग में आकर्षक मुनाफे का झाँसा देकर सूरत के एक व्यक्ति से ₹27 लाख की ठगी करने के आरोप में अहमदाबाद के जमालपुर इलाके से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। जाँच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस ठगी में इस्तेमाल किया गया बैंक खाता देशभर में 14 अलग-अलग ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़ा है, जिनमें कुल मिलाकर ₹8,93,80,922 की साइबर ठगी का आरोप है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित से व्हाट्सऐप के ज़रिए संपर्क साधा और एक फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजा। उस वेबसाइट पर पीड़ित के नाम से अकाउंट बनाया गया और शेयर बाज़ार में असाधारण रिटर्न दिलाने का वादा किया गया। इसके बाद पीड़ित को अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹27 लाख ट्रांसफर करने के लिए राज़ी कर लिया गया। जैसे ही पीड़ित ने अपनी निवेश राशि निकालने की कोशिश की, उसे रोक दिया गया और ठगी का अहसास हुआ।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समीरखान पठान (उम्र 30 वर्ष) और मोहम्मद शेख (उम्र 31 वर्ष) के रूप में हुई है, दोनों अहमदाबाद के जमालपुर क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, पठान दिहाड़ी मज़दूरी करता है और 10वीं तक पढ़ा है, जबकि शेख भी मज़दूरी करता है और बीकॉम की डिग्री रखता है।
पुलिस के बयान के अनुसार, पठान ने मात्र ₹8,000 कमीशन के बदले बैंक ऑफ महाराष्ट्र में अपने नाम का बचत खाता शेख को सौंप दिया था। शेख ने फिर यह खाता साइबर ठगी में उपयोग के लिए एक फरार आरोपी को ₹15,000 कमीशन पर दे दिया।
बैंक खाते से करोड़ों का लेन-देन
तकनीकी जाँच में सामने आया कि 3 मई से 7 जून 2025 के बीच इस बैंक खाते से कुल ₹30,09,057 का लेन-देन हुआ। जब पुलिस ने इस खाते की जानकारी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर खँगाली, तो पता चला कि अलग-अलग राज्यों में इस खाते से जुड़ी 14 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें कुल ₹8.93 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का आरोप है। यह इस बात का संकेत है कि यह अकेला मामला नहीं, बल्कि एक व्यापक साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
कानूनी कार्रवाई
यह मामला भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 336(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2) और 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम, 2008 की धारा 66(डी) के तहत दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी सूरत सिटी पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने विस्तृत तकनीकी जाँच के बाद की। एक फरार आरोपी की तलाश अभी जारी है।
पुलिस की अपील और सावधानी
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश योजनाओं में असाधारण मुनाफे के वादे से सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी पहचान अवश्य जाँचें। साइबर ठगी का शिकार होने पर नागरिकों को तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि किस तरह छोटे कमीशन के लालच में बैंक खाता देने वाले भी साइबर अपराध की श्रृंखला का हिस्सा बन जाते हैं।