फाजिलनगर का नाम होगा पावागढ़: CM योगी का कुशीनगर में ऐलान, माफिया-मच्छर उन्मूलन का दावा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 जून 2026 को कुशीनगर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में फाजिलनगर का नाम बदलकर पावागढ़ रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र भगवान महावीर की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत से जुड़ा है, इसलिए नई पहचान उस गौरवशाली इतिहास को सम्मान देगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य में माफिया उन्मूलन, इंसेफेलाइटिस नियंत्रण और जनकल्याण योजनाओं को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियाँ भी सामने रखीं।
फाजिलनगर से पावागढ़: नाम बदलने की वजह
मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि फाजिलनगर का नाम बदलने का प्रस्ताव सरकार की ओर से रख दिया गया है। उन्होंने कहा, 'भगवान महावीर से इस क्षेत्र की पहचान होगी, फिर इसे फाजिल क्यों कहें? अपनी विरासत पर गौरव करना हर व्यक्ति का दायित्व है।' यह घोषणा उत्तर प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने की उस शृंखला की कड़ी है जो योगी सरकार के कार्यकाल में कई बार सामने आ चुकी है।
माफिया और मच्छर — दोनों खत्म: CM का दावा
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले हर जगह शोषण होता था और हर पर्व-त्योहार पर हिंसा होती थी। उन्होंने कहा, 'इंसेफेलाइटिस की बीमारी उसी तरह खत्म हो गई है, जैसे उत्तर प्रदेश से माफिया खत्म हो गए हैं। मच्छर बीमारी फैलाते थे और माफिया लोगों में बेरोजगारी बढ़ाते थे।' गौरतलब है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में दशकों से इंसेफेलाइटिस एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट रहा है।
विकास और जनकल्याण योजनाओं का ब्योरा
योगी ने दावा किया कि 'डबल इंजन' सरकार के कार्यकाल में अकेले कुशीनगर में 90,000 लोगों को आवास प्रदान किए गए हैं और लाखों घरों में शौचालय बनवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इलाज, शौचालय और राशन जैसी बुनियादी सुविधाएँ सरकार मुफ्त में उपलब्ध करा रही है। किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुँचाने और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
राम मंदिर और 'डबल इंजन' सरकार का संदर्भ
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि लगभग 498 वर्ष पूर्व एक विदेशी आक्रांता ने भगवान राम के जन्मस्थान को ध्वस्त किया था और सदियों तक यह संघर्ष जारी रहा। उनके अनुसार, मंदिर निर्माण को गति तभी मिली जब केंद्र और राज्य दोनों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनी।
आगे क्या होगा
फाजिलनगर का नाम बदलकर पावागढ़ करने के प्रस्ताव को अब औपचारिक प्रशासनिक प्रक्रिया से गुज़रना होगा, जिसमें राज्य सरकार की अधिसूचना और केंद्र की स्वीकृति आवश्यक होती है। यह देखना बाकी है कि यह प्रक्रिया कितनी जल्दी पूरी होती है और स्थानीय जनप्रतिनिधि इसे किस रूप में आगे ले जाते हैं।