किश्तवाड़ में चिनाब नदी की खाई में स्कॉर्पियो गिरी, 5 की मौके पर मौत
सारांश
मुख्य बातें
किश्तवाड़ जिले के दच्छन इलाके में शनिवार, 15 अगस्त की सुबह करीब 10:30 बजे एक स्कॉर्पियो वाहन याइवन के पास टेंडर नाला के निकट गहरी खाई में जा गिरी, जिससे उसमें सवार सभी 5 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। जम्मू-कश्मीर के इस पहाड़ी जिले में हुई यह दुर्घटना स्वतंत्रता दिवस के दिन पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैला गई।
दुर्घटना का घटनाक्रम
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, स्कॉर्पियो गाड़ी दच्छन क्षेत्र में याइवन के पास गहरी खाई में गिरी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि गाड़ी में सवार पाँचों व्यक्तियों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। अधिकारियों ने अभी तक मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
राहत और बचाव दल को तुरंत घटनास्थल पर रवाना किया गया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुँचाई जाए।
उच्च अधिकारियों की प्रतिक्रिया
पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'दच्छन इलाके में हुई सड़क दुर्घटना की रिपोर्ट मिलने के बाद मैंने किश्तवाड़ के डीसी पंकज कुमार शर्मा से बात की। इस दुर्घटना में एक स्कॉर्पियो गाड़ी याइवन में एक गहरी खाई में गिर गई। दुर्भाग्य से, गाड़ी में सवार सभी 5 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।'
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि किश्तवाड़ के दच्छन में इस दुखद हादसे से बेहद दुख हुआ है और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
पहाड़ी जिलों में सड़क दुर्घटनाओं की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, राजौरी, रियासी, रामबन और उधमपुर जैसे पहाड़ी जिले खतरनाक सड़क दुर्घटनाओं के लिए पहले से ही चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, खराब सड़क स्थिति, अत्यधिक गति, वाहनों में ओवरलोडिंग और लापरवाही से वाहन चलाना इन हादसों के प्रमुख कारण हैं।
गौरतलब है कि इन संकरे पहाड़ी मार्गों पर एक चूक भी जानलेवा साबित होती है, क्योंकि सड़क के एक तरफ खड़ी चट्टानें हैं तो दूसरी तरफ सैकड़ों फुट गहरी खाइयाँ।
यातायात नियमों पर प्रशासन की सख्ती
ट्रैफिक विभाग ने ऐसी लापरवाहियों की जाँच के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं। यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते पकड़ा जाता है, तो माता-पिता को जुर्माने के साथ-साथ कारावास का भी प्रावधान है। बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर पंजीकरण प्रमाण-पत्र रद्द किया जा सकता है और लापरवाह चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त, पेट्रोल पंपों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना क्रैश हेलमेट के आने वाले दोपहिया वाहन चालकों को ईंधन न दिया जाए। सड़कों पर युवाओं द्वारा की जाने वाली स्टंट बाइकिंग पर भी काउंसलिंग, जुर्माना और वाहन पंजीकरण रद्द करने जैसी कार्रवाई की जाती है।
आगे क्या होगा
मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों तक राहत पहुँचाने में जुटा है। इस हादसे के बाद उम्मीद है कि किश्तवाड़ और आसपास के पहाड़ी जिलों में सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाएगी।