क्या पूर्व केरल मंत्री एंटनी राजू को मिली तीन साल की सजा?
सारांश
Key Takeaways
- एंटनी राजू को तीन साल की सजा सुनाई गई है।
- यह मामला 1990 के मादक पदार्थ तस्करी के आरोप से जुड़ा है।
- अदालत ने उन्हें जमानत दी है।
- सजा के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो जाएगी।
- यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
तिरुवनंतपुरम, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केरल के पूर्व मंत्री और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के विधायक एंटनी राजू को एक महत्वपूर्ण कानूनी और राजनीतिक झटका लगा है। नेडुमंगाड की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें ‘थोंडिमुथल’ (सबूत) से छेड़छाड़ के मामले में दोषी ठहराते हुए तीन साल की कैद की सजा सुनाई।
एंटनी राजू, जो जनता दल (जनाधिपत्य केरल कांग्रेस) के विधायक हैं, एलडीएफ के घटक दल से जुड़े हुए हैं। अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया और शाम को सजा सुनाई।
हालांकि, अदालत ने दोनों दोषियों को जमानत भी दी है, क्योंकि उन्हें उच्च अदालत में अपील करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है।
तीन साल से अधिक की सजा होने के कारण एंटनी राजू की केरल विधानसभा की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी और सुप्रीम कोर्ट के स्थापित फैसलों के अनुसार वे भविष्य में चुनाव लड़ने के लिए भी अयोग्य हो जाएंगे। भले ही ऊपरी अदालत सजा पर रोक लगा दे, लेकिन जब तक दोषसिद्धि रद्द नहीं होती, तब तक अयोग्यता बनी रहेगी।
अदालत ने एंटनी राजू को आपराधिक साजिश रचने, सबूत नष्ट करने और झूठा सबूत तैयार करने का दोषी पाया। उन्हें साजिश के आरोप में छह महीने की कैद, सबूत नष्ट करने के आरोप में तीन साल का कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माना, तथा झूठा सबूत तैयार करने के मामले में तीन साल की कैद की सजा सुनाई गई। इसके अलावा, मामले से जुड़े जालसाजी के एक आरोप में उन्हें दो साल की सजा भी दी गई।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत में चलाने की मांग की गई थी, जिसे मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दिया।
यह मामला उस आरोप से जुड़ा है, जिसमें कहा गया था कि एक विदेशी नागरिक को मादक पदार्थ तस्करी के मामले में सजा से बचाने के लिए सबूत के तौर पर पेश किए गए अंडरवियर (‘थोंडिमुथल’) से छेड़छाड़ की गई थी। इस मामले में एंटनी राजू दूसरे आरोपी थे।
पहले आरोपी जोसे, जो अदालत का कर्मचारी था, को भी दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई गई।
फैसले के दौरान अदालत परिसर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई थी। कांग्रेस-नीत यूडीएफ के समर्थकों को एंटनी राजू के खिलाफ नारेबाजी करते देखा गया। जब वे अदालत से बाहर निकले तो पुलिस को उन्हें कार तक पहुंचाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
यह मामला वर्ष 1990 का है, जब ऑस्ट्रेलियाई नागरिक एंड्रयू साल्वाटोर सर्वेली को तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर 61.5 ग्राम मादक पदार्थ अंडरवियर में छिपाकर तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस समय एंटनी राजू, जो अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कर रहे युवा वकील थे, सर्वेली के वकील के रूप में पेश हुए थे।
ट्रायल कोर्ट ने सर्वेली को दोषी ठहराते हुए 10 साल की कैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, बाद में केरल हाईकोर्ट ने अपील पर उसे बरी कर दिया, क्योंकि सबूत के तौर पर पेश किया गया अंडरवियर उसके आकार के अनुरूप नहीं पाया गया, जिससे अभियोजन की कहानी पर गंभीर संदेह पैदा हुआ।
इसके बाद सर्वेली ऑस्ट्रेलिया लौट गया। वर्षों बाद, ऑस्ट्रेलियन नेशनल सेंट्रल ब्यूरो से मिली जानकारी के आधार पर जांच अधिकारी ने हाईकोर्ट से कथित सबूत से छेड़छाड़ की जांच की मांग की थी।