क्या गणतंत्र दिवस समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल में जवानों का जोश बरसात में भी दिखाई दिया?
सारांश
Key Takeaways
- गणतंत्र दिवस समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल में जवानों ने जोश दिखाया।
- नई तकनीकों और झांकियों का समावेश किया गया।
- भैरव बटालियन पहली बार रिहर्सल का हिस्सा बनी।
- वायुसेना का विशेष फ्लाइ पास्ट 'सिंदूर' फॉर्मेशन में होगा।
नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में शुक्रवार को गणतंत्र दिवस समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया गया। सुबह से हो रही बरसात के बावजूद कर्तव्य पथ पर तीनों सेनाओं के जवानों ने कदम से कदम मिलाकर परेड की। कर्त्तव्य पथ पर पहली बार भारतीय सेना की भैरव बटालियन भी इस रिहर्सल का हिस्सा बनी।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह पर पहली बार शक्ति बाण, दिव्यास्त्र बैटरी, भैरव बटालियन, यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम, रोबोटिक डॉग, ईगल, बैक्ट्रियन कैमल और जंस्कार पोनी जैसी विशेषताएँ देखने को मिलेंगी। 26 जनवरी को होने वाली परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की फुल ड्रेस रिहर्सल हर वर्ष 23 जनवरी को होती है। इस वर्ष भी सभी ने उत्साह और जोश के साथ यह रिहर्सल की।
बरसात के बावजूद जवानों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। 77वें गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर 26 जनवरी को कुल 30 झांकियाँ प्रस्तुत की जाएंगी। इनमें 17 झांकियाँ विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी, जबकि 13 झांकियाँ विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की होंगी। इस वर्ष की झांकियों की व्यापक थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ है। सैन्य कार्य विभाग त्रि-सेवा झाँकी को प्रदर्शित करेगा जिसमें ऑपरेशन सिंदूर को दर्शाया जाएगा।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित झांकी प्रस्तुत की है। गणतंत्र दिवस परेड की ये झांकियां भारत की स्वतंत्रता, सांस्कृतिक गौरव, नवाचार, आत्मनिर्भरता और विकास को एक प्रेरणादायक स्वरूप में प्रस्तुत करेंगी।
गणतंत्र दिवस समारोह में वायुसेना का फ्लाइ पास्ट इस बार विशेष होगा। वायुसेना के फाइटर जेट फ्लाइ पास्ट के दौरान आसमान में ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन बनाएंगे, जो ऑपरेशन सिंदूर की याद दिलाता है। इस फॉर्मेशन में 2 राफेल, 2 मिग 29, 2 सुखोई-30 और 1 जैगुआर विमान कर्तव्य पथ के ऊपर उड़ान भरेंगे। भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ गणतंत्र दिवस परेड में स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करेगा। इनमें लॉन्ग रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल शामिल है। इस बार डीआरडीओ की विशेष झांकी कॉम्बैट सबमरीन के लिए नौसैनिक प्रौद्योगिकियों पर आधारित होगी।
डीआरडीओ लॉन्ग रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल का प्रदर्शन करेगा, जो भारतीय नौसेना की तटीय बैटरी आवश्यकताओं के ध्यान में रखकर विकसित की गई है।