क्या गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सेना का ‘बैटल ऐरे’ पहली बार असली जंग जैसा नजारा पेश करेगा?
सारांश
Key Takeaways
- गणतंत्र दिवस परेड में ‘बैटल ऐरे’ का प्रदर्शन होगा।
- ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की सफलता का प्रदर्शन किया जाएगा।
- नई तकनीक और स्वदेशी हथियारों का इस्तेमाल होगा।
- करीब 6,065 व्यक्ति इस परेड में शामिल होंगे।
- लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार परेड की कमान संभालेंगे।
नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गणतंत्र दिवस परेड में इस बार भारतीय सेना कुछ अनोखा दिखाने जा रही है, जो पहले कभी नहीं देखा गया। इस बार परेड में ‘बैटल ऐरे’ यानी रणभूमि व्यूह रचना का प्रदर्शन किया जाएगा।
इसका अर्थ है कि जंग के दौरान सेना कैसे आगे बढ़ती है, कैसे हमला करती है और कैसे दुश्मन को जवाब देती है, सब कुछ एक ही स्थान पर देखने को मिलेगा। यहां ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक भी दिखाई देगी। यह प्रदर्शन ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की सफलता को एक सलाम होगा। सेना का खास टैब्लो एक इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस सेंटर को दिखाएगा। यहां से पूरी जंग की योजना बनाई जाती है। इसमें दिखेगा कि कैसे रियल-टाइम में टारगेट तय होते हैं, हमला होता है और ‘सुदर्शन चक्र’ जैसी वायु रक्षा से देश की सुरक्षा की जाती है।
अब तक परेड में सैन्य मार्चिंग टुकड़ियां और हथियार अलग-अलग नजर आते थे। हालांकि इस बार जंग के असली क्रम जैसी तैयारी देखने को मिलेगी। यानी दुश्मन पर नजर रखने वाले सिस्टम, टैंक, पैदल सेना, इसके साथ ही तोपखाना, मिसाइलें, हेलीकॉप्टर और अंत में सप्लाई व सुरक्षा व्यवस्था। इससे साफ दिखेगा कि भारतीय सेना कितनी तैयार, मजबूत और फुर्तीली है।
दरअसल, सेना द्वारा हाई-टेक और स्वदेशी ताकत का प्रदर्शन किया जाएगा। बैटल ऐरे में यह भी दिखेगा कि आज की भारतीय सेना केवल बंदूक और टैंक तक सीमित नहीं है। अब जंग डेटा, ड्रोन और टेक्नोलॉजी से लड़ी जाती है। सेना दिखाएगी कि कैसे वह दूर बैठकर भी दुश्मन पर नजर रखती है, सही वक्त पर निर्णय लेती है और फिर सटीक हमला करती है। यह हमला पूरी तरह स्वदेशी हथियारों और सिस्टम के दम पर किया जाता है। यह ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की सफलता को भी सलाम होगा। इससे पता चलेगा कि सेना, नौसेना और वायुसेना मिलकर कैसे काम करती हैं। कैसे भारत अब अपने ही बनाए हथियारों पर भरोसा बढ़ा रहा है यानी आत्मनिर्भर भारत की असली तस्वीर सामने आएगी।
इस बार परेड में कई नए यूनिट और हथियार पहली बार नजर आएंगे। जैसे कि पहली बार भैरव बटालियन, शक्तिबाण रेजिमेंट और दिव्यास्त्र बैटरी परेड में शामिल होंगे। 155 मिमी एटीएजीएस तोप, लंबी दूरी तक मार करने वाला यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, ड्रोन, रोबोटिक डॉग, बिना चालक वाले वाहन और लुटेरिंग म्यूनिशन भी पहली बार देश की जनता के सामने आएगा।
वहीं, भारतीय सेना की छह मार्चिंग टुकड़ियां गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होंगी। इनमें मिक्स्ड स्काउट्स, राजपूत रेजिमेंट, असम रेजिमेंट, जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री, रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी व भैरव बटालियन शामिल हैं। इनके अलावा नौसेना, वायुसेना, अर्धसैनिक बल और दिल्ली पुलिस की टुकड़ियां भी कदम से कदम मिलाती दिखेंगी। परेड में सेना की जबरदस्त मारक क्षमता का परिचय भी मिलेगा। यहां टी-90 भीष्म और अर्जुन टैंक प्रदर्शित किए जाएंगे। बीएमपी-2 सारथ और मिसाइल सिस्टम, ध्रुव, रुद्र, अपाचे और प्रचंड हेलीकॉप्टर, आकाश, एमआरएसएएम और ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनेंगे।
इस भव्य परेड में करीब 6,065 व्यक्ति शामिल होंगे। परेड की कमान लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार के हाथ में होगी। साथ ही 12 मिलिट्री बैंड और 8 पाइप बैंड माहौल को और भी शानदार बनाएंगे। कुल मिलाकर, 77वीं गणतंत्र दिवस परेड भारतीय सेना की उस नई तस्वीर को दिखाएगी, जो आधुनिक है, तकनीक से लैस है, स्वदेशी ताकत पर भरोसा करती है और हर चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है।