गांजा तस्करी का फरार मुख्य आरोपी घनश्याम गुर्जर राजस्थान के कोटपुतली-बहरोड़ से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
कबीरधाम पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को गांजा तस्करी के एक गंभीर मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी घनश्याम गुर्जर (निवासी: राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया। थाना चिल्फी पुलिस ने लगातार पतासाजी और तकनीकी निगरानी के बल पर आरोपी को राजस्थान के जिला कोटपुतली-बहरोड़ अंतर्गत थाना बहरोड़ सदर क्षेत्र से दबोचा। इस कार्रवाई से करीब आठ महीने पहले दर्ज हुए उस मामले को नया मोड़ मिला है जिसमें 927.645 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था।
मूल प्रकरण: NH-30 पर नाकाबंदी और बड़ी बरामदगी
24 फरवरी 2026 को मुखबिर की सूचना के आधार पर थाना चिल्फी पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 पर नाकाबंदी कर एक संदिग्ध कंटेनर वाहन को रोका। तलाशी के दौरान वाहन के अंदर बनाए गए गोपनीय चेंबर से 890 अलग-अलग पैकेटों में छिपाकर रखा गया गांजा बरामद किया गया। जब्त गांजे का कुल वजन 927.645 किलोग्राम रहा, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹4 करोड़ 63 लाख आँकी गई। गांजा परिवहन में इस्तेमाल कंटेनर वाहन — जिसकी कीमत करीब ₹30 लाख बताई गई — को भी पुलिस ने जब्त किया।
जाँच में घनश्याम गुर्जर की संलिप्तता उजागर
मामले में थाना चिल्फी में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान राजस्थान निवासी घनश्याम गुर्जर की इस तस्करी नेटवर्क में केंद्रीय भूमिका सामने आई। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने विभिन्न संभावित स्थानों पर छापेमारी के साथ-साथ तकनीकी सहायता का भी उपयोग किया और राजस्थान में भी एक विशेष टीम भेजी गई।
गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया
लंबी तलाश के बाद 9 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने घनश्याम गुर्जर को थाना बहरोड़ सदर, जिला कोटपुतली-बहरोड़ (राजस्थान) से गिरफ्तार किया। उसे कबीरधाम लाने के लिए नियमानुसार ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया। थाना चिल्फी लाने के बाद एएनटीएफ (ANTF) पुलिस टीम कबीरधाम के साथ मिलकर विस्तृत पूछताछ की गई। 12 अक्टूबर 2026 को आरोपी को न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों का नेतृत्व
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन में संपन्न हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं अमित कुमार पटेल ने मार्गदर्शन दिया, जबकि पुलिस अनुविभागीय अधिकारी प्रशांत देवांगन ने पर्यवेक्षण किया। साइबर थाना पुलिस टीम, एएनटीएफ पुलिस टीम और थाना चिल्फी पुलिस टीम की संयुक्त भूमिका इस सफलता में अहम रही।
आगे की जाँच जारी
अधिकारियों के अनुसार प्रकरण में अग्रिम विवेचना अभी जारी है, और तस्करी नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश की जा रही है। यह मामला राज्यों के बीच फैले मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की बढ़ती अंतर-राज्यीय सक्रियता को रेखांकित करता है।