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गांजा तस्करी का फरार मुख्य आरोपी घनश्याम गुर्जर राजस्थान के कोटपुतली-बहरोड़ से गिरफ्तार

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गांजा तस्करी का फरार मुख्य आरोपी घनश्याम गुर्जर राजस्थान के कोटपुतली-बहरोड़ से गिरफ्तार

सारांश

फरवरी 2026 में NH-30 पर कंटेनर के गोपनीय चेंबर से ₹4.63 करोड़ का 927 किलो गांजा जब्त होने के बाद फरार मुख्य आरोपी घनश्याम गुर्जर को कबीरधाम पुलिस ने राजस्थान से दबोचा। साइबर और ANTF टीमों की संयुक्त अंतर-राज्यीय कार्रवाई का नतीजा।

मुख्य बातें

घनश्याम गुर्जर (राजस्थान निवासी) को 9 अक्टूबर 2026 को थाना बहरोड़ सदर, जिला कोटपुतली-बहरोड़ से गिरफ्तार किया गया।
मूल मामले में 24 फरवरी 2026 को NH-30 पर कंटेनर के गोपनीय चेंबर से 927.645 किलोग्राम गांजा ( 890 पैकेट ) बरामद हुआ था।
जब्त गांजे की अनुमानित कीमत ₹4 करोड़ 63 लाख ; तस्करी में प्रयुक्त कंटेनर वाहन (कीमत लगभग ₹30 लाख ) भी जब्त।
12 अक्टूबर 2026 को न्यायाधीश के समक्ष पेशी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
कार्रवाई में साइबर थाना टीम , एएनटीएफ टीम और थाना चिल्फी की संयुक्त भागीदारी रही; SP जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन में अभियान।

कबीरधाम पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को गांजा तस्करी के एक गंभीर मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी घनश्याम गुर्जर (निवासी: राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया। थाना चिल्फी पुलिस ने लगातार पतासाजी और तकनीकी निगरानी के बल पर आरोपी को राजस्थान के जिला कोटपुतली-बहरोड़ अंतर्गत थाना बहरोड़ सदर क्षेत्र से दबोचा। इस कार्रवाई से करीब आठ महीने पहले दर्ज हुए उस मामले को नया मोड़ मिला है जिसमें 927.645 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था।

मूल प्रकरण: NH-30 पर नाकाबंदी और बड़ी बरामदगी

24 फरवरी 2026 को मुखबिर की सूचना के आधार पर थाना चिल्फी पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 पर नाकाबंदी कर एक संदिग्ध कंटेनर वाहन को रोका। तलाशी के दौरान वाहन के अंदर बनाए गए गोपनीय चेंबर से 890 अलग-अलग पैकेटों में छिपाकर रखा गया गांजा बरामद किया गया। जब्त गांजे का कुल वजन 927.645 किलोग्राम रहा, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत ₹4 करोड़ 63 लाख आँकी गई। गांजा परिवहन में इस्तेमाल कंटेनर वाहन — जिसकी कीमत करीब ₹30 लाख बताई गई — को भी पुलिस ने जब्त किया।

जाँच में घनश्याम गुर्जर की संलिप्तता उजागर

मामले में थाना चिल्फी में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान राजस्थान निवासी घनश्याम गुर्जर की इस तस्करी नेटवर्क में केंद्रीय भूमिका सामने आई। घटना के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने विभिन्न संभावित स्थानों पर छापेमारी के साथ-साथ तकनीकी सहायता का भी उपयोग किया और राजस्थान में भी एक विशेष टीम भेजी गई।

गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया

लंबी तलाश के बाद 9 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम ने घनश्याम गुर्जर को थाना बहरोड़ सदर, जिला कोटपुतली-बहरोड़ (राजस्थान) से गिरफ्तार किया। उसे कबीरधाम लाने के लिए नियमानुसार ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया। थाना चिल्फी लाने के बाद एएनटीएफ (ANTF) पुलिस टीम कबीरधाम के साथ मिलकर विस्तृत पूछताछ की गई। 12 अक्टूबर 2026 को आरोपी को न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों का नेतृत्व

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन में संपन्न हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं अमित कुमार पटेल ने मार्गदर्शन दिया, जबकि पुलिस अनुविभागीय अधिकारी प्रशांत देवांगन ने पर्यवेक्षण किया। साइबर थाना पुलिस टीम, एएनटीएफ पुलिस टीम और थाना चिल्फी पुलिस टीम की संयुक्त भूमिका इस सफलता में अहम रही।

आगे की जाँच जारी

अधिकारियों के अनुसार प्रकरण में अग्रिम विवेचना अभी जारी है, और तस्करी नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश की जा रही है। यह मामला राज्यों के बीच फैले मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की बढ़ती अंतर-राज्यीय सक्रियता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि अंतर-राज्यीय स्तर पर संचालित होते हैं। असली प्रश्न यह है कि इस नेटवर्क की आपूर्ति शृंखला कहाँ से शुरू होती है और गुर्जर की गिरफ्तारी से जाँच एजेंसियाँ आपूर्तिकर्ताओं तक पहुँच पाती हैं या नहीं — यही अग्रिम विवेचना की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घनश्याम गुर्जर कौन है और उसे कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
घनश्याम गुर्जर राजस्थान का निवासी है और कबीरधाम (छत्तीसगढ़) में दर्ज गांजा तस्करी के मामले का मुख्य आरोपी है। उसे 9 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के जिला कोटपुतली-बहरोड़ अंतर्गत थाना बहरोड़ सदर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
कबीरधाम गांजा तस्करी मामले में कितना गांजा बरामद हुआ था?
24 फरवरी 2026 को NH-30 पर कंटेनर वाहन के गोपनीय चेंबर से 890 पैकेटों में छिपाकर रखा गया कुल 927.645 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था। इसकी अनुमानित कीमत ₹4 करोड़ 63 लाख बताई गई है।
आरोपी को कबीरधाम लाने के बाद क्या हुआ?
ट्रांजिट रिमांड पर लाए गए घनश्याम गुर्जर से थाना चिल्फी पुलिस और एएनटीएफ टीम ने विस्तृत पूछताछ की। 12 अक्टूबर 2026 को उसे न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस गिरफ्तारी में कौन-सी पुलिस टीमें शामिल थीं?
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस टीम, एएनटीएफ पुलिस टीम कबीरधाम और थाना चिल्फी पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई का परिणाम रही।
क्या इस मामले में आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
पुलिस के अनुसार प्रकरण में अग्रिम विवेचना अभी जारी है। तस्करी नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश की जा रही है, इसलिए आगे और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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