गरुड़ासन रोज़ करें: हाथ-पैर होंगे मज़बूत, शरीर की जकड़न और अकड़न होगी दूर
सारांश
मुख्य बातें
गरुड़ासन (Eagle Pose) एक प्रभावशाली योगासन है जो शरीर को लचीलापन, संतुलन और मज़बूती प्रदान करता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस आसन के नियमित अभ्यास से हाथ-पैर की मांसपेशियाँ सुदृढ़ होती हैं और शरीर की जकड़न धीरे-धीरे दूर होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों से लेकर वयस्कों तक, सभी के लिए यह आसन अत्यंत लाभकारी है।
गरुड़ासन क्या है और इसका नाम कैसे पड़ा
संस्कृत में 'गरुड़' का अर्थ होता है 'चील' — वह विशाल पक्षी जो हिंदू पौराणिक कथाओं में भगवान विष्णु का वाहन है। इस आसन में शरीर की मुद्रा चील के समान होती है, इसीलिए इसे गरुड़ासन कहा जाता है। अंग्रेज़ी में इसे Eagle Pose के नाम से जाना जाता है। यह आसन शरीर और मन दोनों की एकाग्रता को परखता है।
गरुड़ासन के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
आयुष मंत्रालय के अनुसार, गरुड़ासन के नियमित अभ्यास से निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:
टखनों, पिंडलियों, जाँघों और कंधों की मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं। पैरों और कूल्हों की जकड़न दूर होती है तथा लचीलापन बढ़ता है। कंधों और ऊपरी पीठ की अकड़न में राहत मिलती है। इसके अलावा, नसों को सक्रिय कर नर्वस सिस्टम को बेहतर बनाने में भी यह आसन सहायक है। संतुलन और एकाग्रता में उल्लेखनीय सुधार होता है।
गरुड़ासन करने की सही विधि
सबसे पहले ताड़ासन की मुद्रा में सीधे खड़े हो जाएँ और सामान्य रूप से साँस लेते रहें। इसके बाद घुटनों को हल्का मोड़ें और दोनों हाथ सामने की ओर लाएँ।
अब पूरे शरीर का भार दाएँ पैर पर केंद्रित करें और बाएँ पैर को ऊपर उठाकर दाईं टाँग के आगे से घुमाते हुए पीछे की ओर ले जाएँ — इस स्थिति में बाईं जाँघ दाईं जाँघ के ऊपर रहेगी। इसके बाद दोनों बाज़ुओं को कोहनी से मोड़कर क्रॉस करें; बाईं बाज़ू को दाईं बाज़ू के ऊपर रखें और दोनों हथेलियों को नमस्कार मुद्रा में लाने का प्रयास करें।
जितनी देर संभव हो इस मुद्रा में रहें, फिर धीरे-धीरे प्रारंभिक स्थिति में लौट आएँ। इस प्रकार तीन से पाँच चक्र किए जा सकते हैं।
किन्हें सावधानी बरतनी चाहिए
यह आसन शुरुआती अभ्यासकर्ताओं को थोड़ा कठिन लग सकता है, किंतु नियमित अभ्यास से यह सहज हो जाता है। घुटने, टखने या कंधे में हाल ही में चोट लगी हो तो यह आसन न करें। किसी भी नए योगाभ्यास को शुरू करने से पहले प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक अथवा चिकित्सक से परामर्श लेना उचित रहता है।
बच्चों के विकास में गरुड़ासन की भूमिका
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए योग एक सरल एवं प्रभावी माध्यम है। गरुड़ासन विशेष रूप से बच्चों में एकाग्रता, संतुलन और शारीरिक समन्वय विकसित करने में सहायक है। स्वस्थ जीवनशैली के लिए रोज़ाना योगाभ्यास और संतुलित आहार का संयोजन दीर्घकालिक लाभ देता है।