गौतम अदाणी की अयोध्या यात्रा: छात्र बोले 'गर्व और प्रोत्साहन का क्षण'

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गौतम अदाणी की अयोध्या यात्रा: छात्र बोले 'गर्व और प्रोत्साहन का क्षण'

सारांश

अयोध्या में गौतम अदाणी की गुरुकुल यात्रा ने छात्रों के लिए गर्व और प्रोत्साहन का क्षण प्रस्तुत किया। अदाणी ने यज्ञ में भाग लेकर छात्रों और शिक्षकों के साथ संवाद किया, जिससे उनकी सांस्कृतिक प्रतिबद्धता उजागर हुई।

Key Takeaways

  • गौतम अदाणी की गुरुकुल यात्रा ने छात्रों को प्रोत्साहित किया।
  • उन्होंने यज्ञ में भाग लिया और सांस्कृतिक समर्थन व्यक्त किया।
  • छात्रों ने इसे गर्व का क्षण बताया।
  • आचार्य ने संस्कृत भाषा के महत्व पर जोर दिया।
  • अदाणी परिवार ने राम मंदिर में पूजा की।

अयोध्या, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने गुरुवार को श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद एक गुरुकुल का दौरा किया। वहां उपस्थित छात्रों ने उनकी उपस्थिति को 'गर्व और प्रोत्साहन का क्षण' कहा।

इस गुरुकुल में अपने दौरे के दौरान, गौतम अदाणी ने एक यज्ञ में भाग लिया और छात्रों और शिक्षकों के साथ बातचीत करते हुए समय बिताया। उन्होंने इस संस्थान के सांस्कृतिक मिशन के प्रति अपने समर्थन का इजहार किया।

राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए, एक छात्र ने कहा, "हम इसे अपने लिए बहुत बड़ा सौभाग्य मानते हैं कि उद्योगपति गौतम अदाणी हमारे संस्थान में आए और सहयोग देने की इच्छा व्यक्त की। यह गुरुकुल हमारी प्राचीन परंपरा का प्रतीक है और सनातन धर्म का एक केंद्र है, जहां छात्र शाश्वत मूल्यों को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए समर्पित हैं। उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि उनकी ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने यज्ञ में भी भाग लिया।"

एक अन्य छात्र ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए कहा, "आज हमारे लिए बहुत खुशी का दिन है कि वे हमारे गुरुकुल में आए। यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि किस तरह यज्ञ के माध्यम से समाज को मार्गदर्शन दिया गया और कैसे छात्रों तथा शिक्षकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जब भी आवश्यकता होगी, गुरुकुल को सहयोग मिलेगा।"

आचार्य शशिकांत दास ने भी इस यात्रा के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि गौतम अदाणी ने पहले श्री राम जन्मभूमि में पूजा-अर्चना की और फिर गुरुकुल आए, जहां उन्होंने छात्रों के साथ संवाद किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति की सराहना की और इसे संरक्षित करने तथा बढ़ावा देने के लिए अपने सहयोग का आश्वासन दिया।

गुरुकुल के व्याकरण-आचार्य श्रवण कुमार मिश्रा ने कहा, "एक संस्कृत गुरुकुल में उनकी यात्रा संस्कृत भाषा और संस्कृति के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाती है। आज भी, धर्म की रक्षा में संस्कृत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अगर यह गुरुकुल इसी तरह फलता-फूलता रहा, तो यह संस्कृत और संस्कृति के विकास में योगदान देगा, जिससे अंततः देश को ही लाभ होगा।"

इससे पहले दिन में, अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अपने परिवार के साथ भव्य राम मंदिर के दर्शन किए। अदाणी परिवार ने मंदिर में होने वाली पवित्र रस्मों में हिस्सा लिया और पूजा-अर्चना की।

Point of View

बल्कि देश के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

गौतम अदाणी ने किस मंदिर में पूजा की?
गौतम अदाणी ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की।
गौतम अदाणी ने गुरुकुल में क्या किया?
उन्होंने गुरुकुल में एक यज्ञ में भाग लिया और छात्रों के साथ बातचीत की।
छात्रों ने गौतम अदाणी की यात्रा को किस रूप में देखा?
छात्रों ने उनकी यात्रा को 'गर्व और प्रोत्साहन का क्षण' बताया।
गौतम अदाणी ने भारतीय संस्कृति के प्रति क्या कहा?
उन्होंने भारतीय संस्कृति की सराहना की और इसे संरक्षित करने के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।
गुरुकुल का महत्व क्या है?
यह गुरुकुल हमारी प्राचीन परंपरा का प्रतीक है और सनातन धर्म का केंद्र है।
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