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गाजियाबाद: अवंतिका-2 अपार्टमेंट में रात 3 बजे लगी भीषण आग, सभी निवासी सुरक्षित बचाए गए

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गाजियाबाद: अवंतिका-2 अपार्टमेंट में रात 3 बजे लगी भीषण आग, सभी निवासी सुरक्षित बचाए गए

सारांश

गाजियाबाद के अवंतिका-2 अपार्टमेंट में रात 3 बजे भड़की आग ने निवासियों को नींद से जगा दिया। दमकल की तत्परता से सभी इंसान बचाए गए, लेकिन तीन पालतू कुत्तों की जान नहीं बचाई जा सकी। लाखों का सामान राख, आग के कारणों की जाँच जारी।

मुख्य बातें

गाजियाबाद के अवंतिका-2 सोसाइटी के फ्लैट नंबर 202 में 2 जून की रात 3:09 बजे भीषण आग लगी।
दमकल विभाग के दो फायर टेंडर और पुलिस स्टाफ ने मिलकर सभी फंसे निवासियों को लैडर की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाला।
फ्लैट में मौजूद तीन पालतू कुत्तों की घने धुएँ के कारण दम घुटने से मौत हो गई।
आग में फ्लैट का लाखों रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया।
सीएफओ राहुल पाल सिंह के अनुसार आग के कारणों की जाँच जारी है।

गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित अवंतिका-2 सोसाइटी के फ्लैट नंबर 202 में 2 जून की तड़के रात लगभग 3:09 बजे भीषण आग भड़क उठी, जिससे इमारत में अफरा-तफरी मच गई। दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस की त्वरित कार्रवाई की बदौलत इमारत में फंसे सभी निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालाँकि, फ्लैट के भीतर मौजूद तीन पालतू कुत्तों की घुटन से मौत हो गई।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, 2 जून की रात 3:09 बजे कोतवाली घंटाघर को सूचना मिली कि अवंतिका-2 सोसाइटी के तीसरी मंजिल स्थित फ्लैट नंबर 202 में भीषण आग लगी है और कई लोग अंदर फंसे हुए हैं। सूचना मिलते ही दो फायर टेंडर और अवंतिका चौकी का पुलिस स्टाफ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

मौके पर पहुँचे दमकल कर्मियों ने देखा कि भवन के ऊपरी हिस्से में कई लोग फंसे हुए हैं। टीम ने तुरंत नीचे का मुख्य गेट तोड़ा, आग बुझाने का अभियान शुरू किया और लैडर की सहायता से फंसे हुए सभी व्यक्तियों को सुरक्षित नीचे उतारा।

बचाव अभियान और नुकसान

कड़ी मशक्कत के बाद दमकल विभाग ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल सिंह ने बताया कि आग पर काबू पाने के बाद जब फ्लैट की जाँच की गई, तो पता चला कि वहाँ मौजूद तीन पालतू कुत्ते आग के दौरान फैले घने धुएँ के कारण दम घुटने से मौके पर ही मृत पाए गए।

आग की वजह से फ्लैट में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। गौरतलब है कि आग इतनी तेज़ी से फैली कि निवासियों को बिना सामान लिए ही भवन छोड़ना पड़ा।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

सीएफओ राहुल पाल सिंह ने बताया, 'सूचना मिलते ही दो फायर टेंडर और स्थानीय पुलिस स्टाफ को तत्काल मौके पर रवाना किया गया। अवंतिका चौकी का पूरा स्टाफ भी घटनास्थल पर पहुँचा। टीम ने नीचे से मुख्य गेट तोड़ा, आग पर काबू पाया और लैडर की मदद से सभी फंसे हुए व्यक्तियों को सुरक्षित रूप से नीचे उतारा।'

उन्होंने आगे कहा कि आग के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और मामले की जाँच जारी है।

आग लगने के कारण और जाँच

फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जाँच की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब गर्मियों के मौसम में बिजली के उपकरणों की अधिक खपत के चलते शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएँ बढ़ जाती हैं।

आम जनता पर असर

इस घटना ने आवासीय सोसाइटियों में अग्नि सुरक्षा उपायों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात के अँधेरे में अचानक लगी आग और ऊपरी मंजिलों पर फंसे निवासियों की स्थिति ने यह स्पष्ट किया कि बहुमंजिला इमारतों में दमकल विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया कितनी अहम होती है। आगे की जाँच में आग के स्रोत की पहचान होने के बाद प्रशासन उचित कार्रवाई करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह दमकल विभाग की तत्परता की सराहना योग्य है, किंतु यह भी उतना ही सच है कि यदि प्रतिक्रिया में कुछ मिनट की देरी होती तो परिणाम भिन्न हो सकते थे। आग के कारणों की जाँच केवल औपचारिकता न बने — सोसाइटी प्रबंधन और नगर निगम दोनों को अग्नि सुरक्षा ऑडिट की जवाबदेही तय करनी होगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद के अवंतिका-2 अपार्टमेंट में आग कब और कहाँ लगी?
यह आग 2 जून की रात लगभग 3:09 बजे गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित अवंतिका-2 सोसाइटी के तीसरी मंजिल पर फ्लैट नंबर 202 में लगी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस मौके पर पहुँची।
क्या अवंतिका-2 आग में कोई हताहत हुआ?
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई की बदौलत इमारत में फंसे सभी निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालाँकि, फ्लैट में मौजूद तीन पालतू कुत्तों की घने धुएँ के कारण दम घुटने से मौत हो गई।
दमकल विभाग ने बचाव अभियान कैसे चलाया?
अधिकारियों के अनुसार, दो फायर टेंडर और अवंतिका चौकी का पुलिस स्टाफ तत्काल घटनास्थल पर पहुँचा। टीम ने नीचे का मुख्य गेट तोड़ा, आग बुझाने का काम शुरू किया और लैडर की सहायता से ऊपरी मंजिलों पर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा।
अवंतिका-2 में आग लगने का कारण क्या था?
अभी तक आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। सीएफओ राहुल पाल सिंह के अनुसार मामले की जाँच जारी है और कारणों का पता लगाया जा रहा है।
आग से कितना नुकसान हुआ?
आग के कारण फ्लैट में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया। इमारत के ढाँचे को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन जाँच के बाद सामने आएगा।
राष्ट्र प्रेस
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