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गाजियाबाद: अवंतिका कॉलोनी के फ्लैट में भीषण आग, फायर सर्विस ने चार लोगों को बचाया; तीन पालतू कुत्तों की मौत

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गाजियाबाद: अवंतिका कॉलोनी के फ्लैट में भीषण आग, फायर सर्विस ने चार लोगों को बचाया; तीन पालतू कुत्तों की मौत

सारांश

गाजियाबाद की अवंतिका कॉलोनी में रात 3 बजे भड़की आग ने एक परिवार को बालकनी पर कैद कर दिया। फायर सर्विस ने 11 मिनट में पहुँचकर एक्सटेंशन लैडर से चारों को बचाया — लेकिन तीन पालतू कुत्ते धुएं की भेंट चढ़ गए। शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने चार कमरे तबाह किए।

मुख्य बातें

2 जून की रात 3:09 बजे गाजियाबाद की अवंतिका कॉलोनी फेस-2 की इमारत एसके होम्स के फ्लैट नंबर-202 में भीषण आग लगी।
फायर सर्विस ने एक्सटेंशन लैडर से पवन शर्मा (52) , उनकी पत्नी, पुत्र और पुत्री — चारों को सुरक्षित बाहर निकाला।
फ्लैट के तीन पालतू कुत्तों की दम घुटने से मौत हो गई।
आग ने ड्राइंग रूम, किचन, स्टोर रूम और एक बेडरूम को नष्ट किया; प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट संदिग्ध।
इमारत के अन्य निवासियों को कोई नुकसान नहीं; कोई व्यक्ति घायल नहीं।
घटनास्थल फायर स्टेशन से 8 किलोमीटर दूर था; टीम 3:20 बजे पहुँची।

गाजियाबाद की अवंतिका कॉलोनी फेस-2 स्थित चार मंजिला आवासीय इमारत एसके होम्स के तीसरी मंजिल के फ्लैट नंबर-202 में 2 जून की रात भीषण आग लग गई, जिससे एक परिवार के चार सदस्य धुएं से घिरकर फंस गए। फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई से सभी चारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, हालांकि फ्लैट में मौजूद तीन पालतू कुत्तों की दम घुटने से मौत हो गई।

घटनाक्रम: रात के अंधेरे में आई आफत

रात करीब 3:09 बजे कोतवाली घंटाघर फायर स्टेशन को सूचना मिली कि अवंतिका कॉलोनी के एक फ्लैट में आग लगी है और कुछ लोग अंदर फंसे हैं। सूचना मिलते ही दो फायर टेंडर तत्काल रवाना किए गए। घटनास्थल फायर स्टेशन से लगभग 8 किलोमीटर दूर था।

फायर कर्मियों ने रास्ते में ही फंसे परिवार से फोन पर संपर्क स्थापित किया और उन्हें बालकनी में जाकर इंतजार करने के निर्देश दिए — यह एक महत्वपूर्ण कदम था जिसने परिवार को धुएं के सबसे घातक असर से बचाया।

बचाव अभियान: एक्सटेंशन लैडर से उतारे चारों सदस्य

करीब 3:20 बजे फायर टीम घटनास्थल पर पहुँची। फ्लैट में निवासी पवन शर्मा (52 वर्ष), उनकी पत्नी (46 वर्ष), 20 वर्षीय पुत्र और 18 वर्षीय पुत्री बालकनी में खड़े होकर मदद का इंतजार कर रहे थे।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में फायर कर्मियों ने एक्सटेंशन लैडर लगाकर चारों को सुरक्षित नीचे उतारा। इसके बाद दोनों ओर से हौज लाइन बिछाकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। आग इतनी भीषण थी कि फ्लैट का मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा।

नुकसान का आकलन: चार कमरे चपेट में, तीन कुत्तों की मौत

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग लगने का संभावित कारण ड्राइंग रूम या मुख्य दरवाजे के पास शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। आग ने ड्राइंग रूम, किचन, स्टोर रूम और एक बेडरूम को अपनी चपेट में ले लिया।

आग बुझाने के बाद जब फ्लैट की तलाशी ली गई तो पाया गया कि परिवार के तीन पालतू कुत्ते अत्यधिक धुएं के कारण दम तोड़ चुके थे। राहत की बात यह रही कि इमारत के अन्य फ्लैटों के निवासियों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा और किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

अग्निशमन एवं बचाव अभियान के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। आग पर पूरी तरह काबू पाने और कूलिंग ऑपरेशन पूरा होने के बाद फायर सर्विस की टीमें वापस स्टेशन लौट गईं। इमारत के अन्य निवासियों को समय रहते सतर्क कर दिया गया था, जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया।

आगे क्या

आग के सटीक कारण की पुष्टि के लिए जांच जारी है। शॉर्ट सर्किट की आशंका को देखते हुए इमारत की विद्युत व्यवस्था की जांच भी अपेक्षित है। यह घटना बहुमंजिला आवासीय इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों की अहमियत को एक बार फिर रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसी घटनाओं में अगली बार परिणाम इतने राहतभरे नहीं होंगे।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद अवंतिका कॉलोनी में आग कब और कहाँ लगी?
2 जून की रात करीब 3:09 बजे गाजियाबाद की अवंतिका कॉलोनी फेस-2 स्थित एसके होम्स इमारत के तीसरी मंजिल के फ्लैट नंबर-202 में आग लगी। आग ने ड्राइंग रूम, किचन, स्टोर रूम और एक बेडरूम को अपनी चपेट में लिया।
फायर सर्विस ने फंसे लोगों को कैसे बचाया?
फायर कर्मियों ने रास्ते में ही परिवार से फोन पर संपर्क कर उन्हें बालकनी में जाने के निर्देश दिए। घटनास्थल पहुँचने के बाद मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में एक्सटेंशन लैडर लगाकर चारों सदस्यों को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
क्या आग में कोई व्यक्ति घायल हुआ?
किसी भी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। परिवार के चारों सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और इमारत के अन्य निवासियों को भी कोई नुकसान नहीं पहुँचा। हालांकि, फ्लैट में मौजूद तीन पालतू कुत्तों की दम घुटने से मौत हो गई।
आग लगने का कारण क्या बताया जा रहा है?
प्रारंभिक जांच में ड्राइंग रूम या मुख्य दरवाजे के पास संभावित शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है। सटीक कारण की पुष्टि के लिए जांच जारी है।
फायर सर्विस कितनी देर में घटनास्थल पहुँची?
सूचना मिलने के करीब 11 मिनट बाद, रात 3:20 बजे, फायर सर्विस की टीम घटनास्थल पर पहुँची। घटनास्थल कोतवाली घंटाघर फायर स्टेशन से लगभग 8 किलोमीटर दूर था।
राष्ट्र प्रेस
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