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गाजियाबाद: ईवी कार में आग से बिल्डिंग धुएं में डूबी, 15-17 लोगों ने बगल की इमारत से कूदकर बचाई जान

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गाजियाबाद: ईवी कार में आग से बिल्डिंग धुएं में डूबी, 15-17 लोगों ने बगल की इमारत से कूदकर बचाई जान

सारांश

गाजियाबाद के वैशाली में 27 मई की रात बेसमेंट में खड़ी ईवी चार्जिंग कार में आग भड़की, पूरी बिल्डिंग धुएं में डूब गई और सीढ़ियाँ ब्लॉक हो गईं। 15-17 फँसे लोगों ने बगल की इमारत से कूदकर जान बचाई। चार दमकल गाड़ियों ने आग पर काबू पाया — एक दिन पहले इंदिरापुरम में भी आग लगी थी।

मुख्य बातें

27 मई की रात गाजियाबाद के वैशाली, सूर्य नगर (177 रामपुरी) स्थित बिल्डिंग के बेसमेंट में ईवी चार्जिंग कार में भीषण आग लगी।
आग से पूरी इमारत में धुआँ भर गया, सीढ़ियाँ ब्लॉक हुईं और 15 से 17 लोग फँस गए।
सभी फँसे लोगों ने बगल की बिल्डिंग से कूदकर जान बचाई; दमकल अधिकारी राहुल पाल सिंह ने पुष्टि की कि कोई जनहानि नहीं हुई।
वैशाली और साहिबाबाद से दमकल की चार गाड़ियाँ रात 2:24 बजे मौके पर पहुँचीं।
एक दिन पहले 26 मई को शिप्रा सृष्टि सोसायटी, इंदिरापुरम के 15वें तल पर भी आग लगी थी, जिसे दमकल ने जल्द काबू किया।

गाजियाबाद के वैशाली इलाके में 27 मई की रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब लिंक रोड स्थित सूर्य नगर, 177 रामपुरी की एक बहुमंजिला इमारत के बेसमेंट में खड़ी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग कार में भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं से भर गई, सीढ़ियाँ ब्लॉक हो गईं और 15 से 17 लोग इमारत में फँस गए। सभी फँसे हुए लोगों ने बगल की बिल्डिंग से कूदकर अपनी जान बचाई — कोई जनहानि नहीं हुई।

घटनाक्रम: कैसे भड़की आग

दमकल अधिकारी राहुल पाल सिंह के अनुसार, रात 2 बजकर 24 मिनट पर वैशाली फायर स्टेशन को सूचना मिली कि लिंक रोड थाना क्षेत्र के सूर्य नगर में एक बिल्डिंग में आग लगी है और डेढ़ दर्जन से अधिक लोग फँसे हुए हैं। सूचना मिलते ही वैशाली और साहिबाबाद से दमकल की चार गाड़ियाँ तत्काल मौके पर रवाना हुईं।

घटनास्थल पर पहुँचने पर पता चला कि बिल्डिंग के बेसमेंट में खड़ी ईवी चार्जिंग गाड़ी में आग लगी थी, जिसकी वजह से पूरी इमारत में घना धुआँ भर गया था और सीढ़ियाँ पूरी तरह अवरुद्ध हो गई थीं।

फँसे लोगों का रेस्क्यू

राहुल पाल सिंह ने बताया, 'तत्काल फायर सर्विस ने आग बुझाने का काम शुरू किया। वहीं, जो लोग फँसे थे, वह बगल वाली बिल्डिंग से कूदते हुए बाहर आ गए। सभी लोग सुरक्षित हैं, कोई जनहानि नहीं हुई है।' दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने में सफलता हासिल की।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में ईवी वाहनों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और आवासीय इमारतों के बेसमेंट में चार्जिंग की सुविधा आम होती जा रही है। आग सुरक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से बंद स्थानों में ईवी चार्जिंग को लेकर चिंता जताते रहे हैं।

एक दिन पहले भी गाजियाबाद में लगी थी आग

गौरतलब है कि इससे महज एक दिन पहले, 26 मई को गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र स्थित शिप्रा सृष्टि सोसायटी के 15वें तल पर फ्लैट नंबर 1506 में आग लग गई थी। शाम 4 बजकर 49 मिनट पर सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी और प्रभारी अग्निशमन अधिकारी वैशाली फायर टेंडर्स के साथ मौके पर पहुँचे।

ऊँची इमारत में आग लगने से सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई और निवासी घरों से बाहर निकल आए। दमकल कर्मियों ने सोसायटी में पहले से स्थापित फायर फाइटिंग सिस्टम का उपयोग करते हुए दो होज़ पाइपलाइन बिछाईं और बेहद कम समय में आग पर काबू पा लिया।

ईवी चार्जिंग और अग्नि सुरक्षा: बढ़ती चिंता

वैशाली की यह घटना ईवी वाहनों की बेसमेंट चार्जिंग से जुड़े जोखिमों को एक बार फिर उजागर करती है। लिथियम-आयन बैटरियों में आग लगने पर धुआँ अत्यंत विषाक्त होता है और आग बुझाना भी कठिन होता है। आलोचकों का कहना है कि आवासीय इमारतों में ईवी चार्जिंग के लिए स्पष्ट सुरक्षा मानक और नियमित ऑडिट की सख्त ज़रूरत है।

दो दिनों में गाजियाबाद में आग की दो बड़ी घटनाओं ने शहर के अग्निशमन तंत्र और आवासीय परिसरों में सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन से अपेक्षा है कि बेसमेंट में ईवी चार्जिंग की अनुमति और उससे जुड़े सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्प्रिंकलर और आपातकालीन निकास के स्पष्ट नियम नहीं बनते, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद वैशाली में ईवी कार आग की घटना क्या है?
27 मई की रात गाजियाबाद के वैशाली स्थित सूर्य नगर, 177 रामपुरी की एक बिल्डिंग के बेसमेंट में खड़ी इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग कार में भीषण आग लग गई। आग से पूरी बिल्डिंग में धुआँ भर गया और 15 से 17 लोग फँस गए, जिन्होंने बगल की इमारत से कूदकर जान बचाई।
क्या इस आग में कोई हताहत हुआ?
नहीं। दमकल अधिकारी राहुल पाल सिंह ने पुष्टि की कि सभी फँसे हुए लोग सुरक्षित हैं और कोई जनहानि नहीं हुई। लोगों ने बगल की बिल्डिंग से कूदकर खुद को बचाया।
दमकल विभाग ने कितनी जल्दी प्रतिक्रिया दी?
रात 2 बजकर 24 मिनट पर सूचना मिलते ही वैशाली और साहिबाबाद से दमकल की चार गाड़ियाँ तत्काल मौके पर पहुँचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया।
क्या गाजियाबाद में इससे पहले भी हाल ही में आग लगी थी?
हाँ। एक दिन पहले 26 मई को गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित शिप्रा सृष्टि सोसायटी के 15वें तल पर फ्लैट नंबर 1506 में आग लगी थी। दमकल विभाग ने सोसायटी के फायर फाइटिंग सिस्टम का उपयोग कर आग पर जल्द काबू पाया था।
ईवी कार बेसमेंट में चार्जिंग से आग का खतरा क्यों अधिक है?
लिथियम-आयन बैटरियों में आग लगने पर 'थर्मल रनअवे' की स्थिति बनती है, जिसमें आग बेहद तेज़ी से फैलती है और विषाक्त धुआँ निकलता है। बंद बेसमेंट में वेंटिलेशन की कमी से धुआँ पूरी इमारत में फैल जाता है और निकास रास्ते अवरुद्ध हो जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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