26 सितंबर 2026
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गाजियाबाद फैक्ट्री अग्निकांड: मोबाइल बैटरी-मोटरसाइकिल सामान राख, ऑक्सीजन प्लांट बचाया

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गाजियाबाद फैक्ट्री अग्निकांड: मोबाइल बैटरी-मोटरसाइकिल सामान राख, ऑक्सीजन प्लांट बचाया

सारांश

गाजियाबाद की एक रिसाइक्लिंग फैक्ट्री में देर रात लगी भीषण आग में मोबाइल बैटरी और मोटरसाइकिल सामान जलकर खाक हो गया। दमकल दल की सबसे बड़ी चुनौती पास के ऑक्सीजन प्लांट को बचाना था — जो सफलतापूर्वक किया गया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, आग के कारणों की जाँच जारी है।

मुख्य बातें

26 सितंबर 2026 की रात 11:15 बजे गाजियाबाद के सी-11/3, साउथसाइड जीटी रोड स्थित सीकेसीपीसी रिसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री में आग लगी।
फैक्ट्री में रखी मोबाइल बैटरी, सेल, मोटरसाइकिल और अन्य रिसाइक्लिंग सामग्री जलकर नष्ट हो गई।
फायर स्टेशन से तीन फायर टैंकर रवाना किए गए; मैकेनिकल फोम का भी इस्तेमाल किया गया।
सीएफओ सौरभ कुमार सिंह के अनुसार, फैक्ट्री के पीछे स्थित ऑक्सीजन प्लांट को सुरक्षित बचाया गया।
हादसे में कोई जनहानि नहीं ; आग लगने के कारणों की जाँच जारी है।

गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार, 26 सितंबर 2026 की देर रात सीकेसीपीसी रिसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिसमें मोबाइल बैटरी, सेल और मोटरसाइकिल सहित अन्य रिसाइक्लिंग सामग्री जलकर नष्ट हो गई। फायर विभाग ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आग को ऑक्सीजन प्लांट तक पहुँचने से रोका और किसी प्रकार की जनहानि नहीं होने दी।

घटनाक्रम: रात 11 बजे भड़की आग

फायर विभाग के अनुसार, 26 सितंबर की रात लगभग 11 बजकर 15 मिनट पर एमडीटी-1487 के माध्यम से फायर स्टेशन कोतवाली को सूचना मिली। आग सिल्वर सिटी मॉल के पीछे, सी-11/3, साउथसाइड जीटी रोड स्थित फैक्ट्री में लगी थी। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन अधिकारी (एफएसओ) के नेतृत्व में तीन फायर टैंकर तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किए गए।

जब दमकल दल मौके पर पहुँचा, तो फैक्ट्री के टीन शेड में आग तेजी से फैल चुकी थी। शेड में रखी मोबाइल बैटरी और सेल में आग की वजह से लपटें और अधिक तीव्र हो रही थीं।

अग्निशमन अभियान: फोम और पानी से काबू

फायर कर्मियों ने एमएफई से होज पाइप फैलाकर आग पर पानी की बौछार शुरू की। आग की तीव्रता को देखते हुए मैकेनिकल फोम का भी इस्तेमाल किया गया। दमकल दल ने कई दिशाओं से एक साथ पानी और फोम डालकर अग्निशमन अभियान चलाया। लगातार प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।

गौरतलब है कि रिसाइक्लिंग फैक्ट्रियों में मोबाइल बैटरी और सेल जैसी引燃 सामग्री की मौजूदगी आग को तेजी से फैलाती है, जिससे ऐसी घटनाएँ और जटिल हो जाती हैं।

ऑक्सीजन प्लांट को बचाना बनी सबसे बड़ी चुनौती

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) सौरभ कुमार सिंह ने बताया कि इस पूरे अभियान में सबसे बड़ी चुनौती फैक्ट्री के पीछे स्थित ऑक्सीजन प्लांट को सुरक्षित रखना था। उनके अनुसार, यदि आग ऑक्सीजन प्लांट तक पहुँच जाती, तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर और विस्फोटक हो सकती थी। दमकल दल ने सावधानीपूर्वक आग की दिशा नियंत्रित करते हुए प्लांट को सुरक्षित बचाया।

सीएफओ सिंह स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहे और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। एफएसओ के नेतृत्व में पूरा अभियान संचालित हुआ।

नुकसान और जनहानि

फायर विभाग ने पुष्टि की कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालाँकि, फैक्ट्री में रखी मोबाइल बैटरी, सेल, मोटरसाइकिल और अन्य रिसाइक्लिंग सामग्री को भारी नुकसान पहुँचा। संपत्ति के नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

आग के कारणों की जाँच जारी

आग लगने का तत्काल कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। फायर विभाग और संबंधित अधिकारी घटना के कारणों की जानकारी जुटा रहे हैं। जाँच के निष्कर्ष आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना रिसाइक्लिंग क्षेत्र में अग्नि-सुरक्षा ऑडिट की आवश्यकता को फिर से उजागर करती है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद रिसाइक्लिंग फैक्ट्री में आग कब और कहाँ लगी?
आग 26 सितंबर 2026 की रात लगभग 11 बजकर 15 मिनट पर गाजियाबाद के सी-11/3, साउथसाइड जीटी रोड स्थित सीकेसीपीसी रिसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री में लगी। यह फैक्ट्री सिल्वर सिटी मॉल के पीछे, कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित है।
गाजियाबाद फैक्ट्री आग में क्या-क्या नुकसान हुआ?
फैक्ट्री के टीन शेड में रखी मोबाइल बैटरी, सेल, मोटरसाइकिल और अन्य रिसाइक्लिंग सामग्री जलकर नष्ट हो गई। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई; संपत्ति के नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
गाजियाबाद आग में ऑक्सीजन प्लांट को खतरा क्यों था?
फैक्ट्री के पीछे एक ऑक्सीजन प्लांट था। सीएफओ सौरभ कुमार सिंह के अनुसार, यदि आग ऑक्सीजन प्लांट तक पहुँचती तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर और विस्फोटक हो सकती थी। दमकल दल ने सावधानी से आग की दिशा नियंत्रित करते हुए प्लांट को बचाया।
गाजियाबाद फैक्ट्री में आग लगने का कारण क्या था?
आग लगने का तत्काल कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। फायर विभाग और संबंधित अधिकारी घटना के कारणों की जाँच कर रहे हैं।
फायर विभाग ने आग बुझाने के लिए क्या उपाय अपनाए?
फायर स्टेशन कोतवाली से एफएसओ के नेतृत्व में तीन फायर टैंकर घटनास्थल पर भेजे गए। कर्मियों ने एमएफई से होज पाइप के ज़रिये पानी और मैकेनिकल फोम का इस्तेमाल करते हुए कई दिशाओं से आग पर काबू पाया।
राष्ट्र प्रेस
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