गाजियाबाद केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग: 10 दमकल गाड़ियों से एक घंटे में पाया काबू, कोई हताहत नहीं
सारांश
Key Takeaways
- 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 2 बजे गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र की केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगी।
- फैक्ट्री में ऑक्सीजन टैंक फिलिंग, रेज़िन और पेंट का काम होता है, जिससे आग तेज़ी से फैली।
- 10 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और नोएडा समेत पड़ोसी जिलों से भी अतिरिक्त वाहन बुलाए गए।
- करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, कोई जनहानि नहीं हुई।
- चीफ फायर ऑफिसर राहुल पॉल ने आग के कारणों की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
- फैक्ट्री परिसर में कूलिंग कार्य जारी है ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे।
गाजियाबाद, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में शनिवार, 25 अप्रैल को दोपहर भीषण आग भड़क उठी। फैक्ट्री में ऑक्सीजन टैंक फिलिंग, रेज़िन और पेंट से जुड़े कार्य होते हैं, जिसके कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत और 10 से अधिक दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया और राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
कैसे भड़की आग और कितनी गंभीर थी स्थिति
दोपहर करीब 2 बजे फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की लगभग 10 गाड़ियां तत्काल मौके के लिए रवाना कर दी गईं। आग की गंभीरता को देखते हुए नोएडा समेत आसपास के अन्य जिलों से भी अतिरिक्त दमकल वाहन बुलाए गए।
फैक्ट्री में रखे रेज़िन के खाली सिलेंडरों ने भी आग पकड़ ली, जिससे स्थिति और अधिक खतरनाक हो गई। ऑक्सीजन सिलेंडरों की मौजूदगी के कारण आग बेहद तेज़ी से फैल रही थी और लपटें काफी ऊंचाई तक उठ रही थीं। दूर-दूर तक घने धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
राहत और बचाव कार्य
मौके पर पहुंची दमकल टीमों ने तुरंत आग बुझाने का अभियान शुरू किया। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए फैक्ट्री के आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया और स्थानीय निवासियों को सतर्क किया। करीब एक घंटे की अथक कोशिशों के बाद दमकल दल ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
फिलहाल फैक्ट्री परिसर में कूलिंग का कार्य जारी है, ताकि दोबारा आग भड़कने की किसी भी संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।
चीफ फायर ऑफिसर का बयान
गाजियाबाद के चीफ फायर ऑफिसर राहुल पॉल ने बताया कि सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम और अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय से राहत कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
राहुल पॉल ने आगे बताया कि आग पूरी तरह बुझ जाने के बाद इसके कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
औद्योगिक सुरक्षा पर उठते सवाल
गाजियाबाद एनसीआर का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है और यहां केमिकल, पेंट व ऑक्सीजन फिलिंग जैसे अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों से जुड़ी सैकड़ों इकाइयां संचालित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी फैक्ट्रियों में अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच और सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य होना चाहिए।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में केमिकल और पेंट फैक्ट्रियों में आग की घटनाएं बढ़ी हैं। इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में फायर सेफ्टी नॉर्म्स के कड़ाई से पालन की जरूरत को रेखांकित किया है।
आग के कारणों की जांच पूरी होने के बाद प्रशासन की ओर से फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।