इंदौर में ट्रैफिक कांस्टेबल अंकित तोमर का शव फंदे से लटका मिला, पुलिस क्वार्टर में हड़कंप

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इंदौर में ट्रैफिक कांस्टेबल अंकित तोमर का शव फंदे से लटका मिला, पुलिस क्वार्टर में हड़कंप

सारांश

इंदौर के चौथी पलटन पुलिस क्वार्टर में ट्रैफिक कांस्टेबल अंकित तोमर शनिवार को फंदे से लटका मिला। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। FSL जांच जारी, परिवार का इंतजार। मध्य प्रदेश पुलिस में यह हालिया दुखद घटना मानसिक स्वास्थ्य संकट को उजागर करती है।

Key Takeaways

  • इंदौर के चौथी पलटन पुलिस क्वार्टर में ट्रैफिक कांस्टेबल अंकित तोमर का शव शनिवार, 25 अप्रैल को फंदे से लटका मिला।
  • तोमर शुक्रवार रात 10 बजे ड्यूटी के बाद क्वार्टर लौटे थे और शनिवार को संपर्क न होने पर घटना उजागर हुई।
  • मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ, जिससे मृत्यु के कारणों की जांच जारी है।
  • FSL टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अतिरिक्त डीसीपी सुमित केरकेट्टा ने मामले की पुष्टि की।
  • फरवरी 2025 में नीमच में भी एक हेड कांस्टेबल ने आत्महत्या की थी, जो मध्य प्रदेश पुलिस में मानसिक स्वास्थ्य संकट का संकेत है।
  • शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया; परिवार के आने पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इंदौर, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में शनिवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब मल्हारगंज थाना क्षेत्र के चौथी पलटन पुलिस क्वार्टर में तैनात ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल अंकित तोमर का शव उनके फ्लैट में फंदे से लटका हुआ मिला। इस दुखद घटना से पूरे पुलिस विभाग और स्थानीय पुलिस कॉलोनी में शोक और सदमे की लहर दौड़ गई।

कैसे हुआ घटना का खुलासा

अंकित तोमर ने शुक्रवार रात लगभग 10 बजे अपनी ड्यूटी समाप्त कर क्वार्टर में प्रवेश किया था। जब शनिवार को वे ड्यूटी पर नहीं पहुंचे और उनके मोबाइल फोन पर बार-बार कॉल करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला, तो सहकर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को सतर्क किया।

सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और फ्लैट का दरवाजा खुलवाने पर तोमर का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

अधिकारियों का बयान और जांच की स्थिति

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सुमित केरकेट्टा ने पुष्टि करते हुए बताया कि तोमर शुक्रवार रात ड्यूटी के बाद अपने क्वार्टर लौटे थे और शनिवार सुबह उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया, जिसके बाद यह दुखद घटना प्रकाश में आई।

मौके की विस्तृत जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक विशेष टीम को बुलाया गया। परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया गया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए। पुलिस ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ, जिससे घटना के पीछे के कारणों का पता लगाना जांचकर्ताओं के लिए फिलहाल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

कौन थे अंकित तोमर

अंकित तोमर इंदौर ट्रैफिक विंग में कार्यरत थे और सहायक पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक-पूर्व) के कार्यालय में लिपिकीय दायित्व निभाते थे। वे अविवाहित थे और पुलिस क्वार्टर में अकेले रहते थे।

उनके सहकर्मियों ने उन्हें एक अनुशासित, मृदुभाषी और कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी बताया। उनकी अचानक हुई मृत्यु से विभाग के कई साथी गहरे सदमे में हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और अधिकारी परिवार के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

व्यापक संदर्भ: मध्य प्रदेश पुलिस में मानसिक स्वास्थ्य का संकट

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मध्य प्रदेश पुलिस बल में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। फरवरी 2025 में नीमच जिले में एक हेड कांस्टेबल ने आत्महत्या कर ली थी और अपने पीछे एक विस्तृत नोट छोड़ा था, जिसमें पुलिस बल के भीतर भ्रष्टाचार और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिसकर्मियों पर काम का अत्यधिक बोझ, अनियमित ड्यूटी घंटे, पारिवारिक दूरी और करियर से जुड़ी चिंताएं उन्हें मानसिक रूप से कमजोर बना सकती हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, देश में पुलिसकर्मियों में आत्महत्या की दर चिंताजनक बनी हुई है, फिर भी विभागीय स्तर पर मनोवैज्ञानिक सहायता तंत्र अभी भी पर्याप्त नहीं है।

जांच एजेंसियां अब तोमर के व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं। परिवार के बयान दर्ज होने के बाद मामले में और स्पष्टता आने की उम्मीद है। यह घटना एक बार फिर पुलिस बल में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की अनिवार्यता पर बहस को केंद्र में ले आई है।

Point of View

बल्कि मध्य प्रदेश पुलिस बल में गहराते मानसिक स्वास्थ्य संकट का आईना है। फरवरी में नीमच में हेड कांस्टेबल की आत्महत्या और अब इंदौर की यह घटना — यह एक पैटर्न बन रहा है जिसे विभाग अनदेखा नहीं कर सकता। विडंबना यह है कि जो जवान समाज को सुरक्षा देते हैं, उनकी खुद की मानसिक सुरक्षा के लिए कोई ठोस तंत्र नहीं है। सुसाइड नोट का न मिलना जांच को जटिल बनाता है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या विभाग अपने कर्मियों की आंतरिक पीड़ा को समय रहते पहचान पाता है?
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

इंदौर में ट्रैफिक कांस्टेबल की मौत कैसे हुई?
इंदौर के चौथी पलटन पुलिस क्वार्टर में ट्रैफिक कांस्टेबल अंकित तोमर शनिवार को अपने फ्लैट में फंदे से लटका हुआ मिला। शुक्रवार रात ड्यूटी के बाद वे क्वार्टर लौटे थे और शनिवार को संपर्क न होने पर साथियों ने दरवाजा खुलवाया।
क्या अंकित तोमर का कोई सुसाइड नोट मिला?
नहीं, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। इससे जांचकर्ताओं के लिए घटना के तत्काल कारण का पता लगाना मुश्किल हो रहा है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
अंकित तोमर कौन थे और किस पद पर तैनात थे?
अंकित तोमर इंदौर ट्रैफिक विंग में कांस्टेबल थे और सहायक पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक-पूर्व) के कार्यालय में लिपिकीय जिम्मेदारियां निभाते थे। वे अविवाहित थे और पुलिस क्वार्टर में अकेले रहते थे।
इंदौर कांस्टेबल मौत मामले में पुलिस जांच कहां तक पहुंची?
FSL टीम ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अधिकारी परिवार के आने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद बयान दर्ज होंगे और जांच आगे बढ़ेगी।
मध्य प्रदेश में पुलिसकर्मियों की आत्महत्या की घटनाएं पहले भी हुई हैं?
हां, फरवरी 2025 में नीमच जिले में एक हेड कांस्टेबल ने आत्महत्या की थी और नोट में पुलिस बल में भ्रष्टाचार व मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इंदौर की यह घटना मध्य प्रदेश पुलिस में मानसिक स्वास्थ्य संकट की गंभीरता को रेखांकित करती है।
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