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गिरिडीह में 11वीं छात्रा पायल कुमारी की संदिग्ध मौत: मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू पहुंचे परिवार से मिलने, न्याय का दिया भरोसा

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गिरिडीह में 11वीं छात्रा पायल कुमारी की संदिग्ध मौत: मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू पहुंचे परिवार से मिलने, न्याय का दिया भरोसा

सारांश

गिरिडीह के सिरसिया गांव में 11वीं की छात्रा पायल कुमारी 19 मई को घर से निकली और 21 मई को उसरी नदी किनारे उसका शव मिला। स्थानीय लोग इसे हत्या बता रहे हैं, फास्ट ट्रैक सुनवाई की मांग उठ रही है और सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

पायल कुमारी ( 11वीं कक्षा ) 19 मई को ट्यूशन के लिए घर से निकली और वापस नहीं लौटी।
21 मई को बरगंडा पुराने पुल के पास उसरी नदी किनारे उसका शव बरामद हुआ।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और महापौर प्रमिला मेहरा 24 मई को सिरसिया गांव पहुंचे और परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया।
पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

झारखंड के गिरिडीह जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिरसिया गांव में 11वीं कक्षा की छात्रा पायल कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। 24 मई को झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू सिरसिया गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया। राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

19 मई को पायल कुमारी ट्यूशन और सिलाई प्रशिक्षण के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य पहलुओं की जांच कर ही रही थी कि 21 मई को बरगंडा पुराने पुल के निकट उसरी नदी के किनारे उसका शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोग इसे हत्या का मामला बता रहे हैं।

मंत्री की परिवार से मुलाकात

रविवार को मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के साथ महापौर प्रमिला मेहरा भी सिरसिया गांव पहुंचीं। मंत्री ने परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी बेटी के साथ इस तरह की घटना बेहद दुखद और समाज के लिए चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष तथा उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।

जनता की मांग

मंत्री के गांव पहुंचने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग मौजूद रहे। लोगों ने मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। महापौर प्रमिला मेहरा ने भी परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि पूरा शहर इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।

पुलिस जांच की स्थिति

पुलिस प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है और कई संदिग्धों से पूछताछ की गई है। हालांकि, अब तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब झारखंड में महिला सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

पूरे गिरिडीह जिले में आक्रोश और चिंता का माहौल बना हुआ है। परिजन लगातार इसे हत्या का मामला बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और शीघ्र गिरफ्तारी की मांग के बीच अब सरकार और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि मोबाइल कॉल डिटेल जैसे सुराग पहले से जांच में थे। फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग सही दिशा में है, लेकिन बिना त्वरित गिरफ्तारी के यह मांग भी केवल राजनीतिक दबाव बनकर रह सकती है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पायल कुमारी कौन थी और उसकी मौत कैसे हुई?
पायल कुमारी झारखंड के गिरिडीह जिले के सिरसिया गांव की 11वीं कक्षा की छात्रा थी। वह 19 मई को ट्यूशन और सिलाई प्रशिक्षण के लिए घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी; 21 मई को उसरी नदी किनारे उसका शव बरामद हुआ। स्थानीय लोग इसे हत्या का मामला बता रहे हैं, हालांकि पुलिस जांच जारी है।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने परिवार को क्या आश्वासन दिया?
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने 24 मई को सिरसिया गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस को निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए जाने की बात कही।
पुलिस जांच में अब तक क्या हुआ है?
पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कई संदिग्धों से पूछताछ की है। हालांकि, अब तक किसी की भी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने क्या मांगें उठाई हैं?
स्थानीय लोगों ने मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मंत्री के दौरे के दौरान मौजूद रहे और न्याय के लिए आवाज़ उठाई।
यह मामला झारखंड में महिला सुरक्षा के संदर्भ में कितना महत्वपूर्ण है?
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब झारखंड में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता जताई जाती रही है। परिजनों और स्थानीय लोगों की फास्ट ट्रैक सुनवाई की मांग यह दर्शाती है कि जनता त्वरित न्याय चाहती है।
राष्ट्र प्रेस
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