भद्राचलम में गोदावरी का जलस्तर 40 फीट पार, 43 फीट पर जारी होगी पहली बाढ़ चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के भद्राचलम में गोदावरी नदी का जलस्तर 27 सितंबर 2026 को तेज़ी से बढ़कर 40 फीट से अधिक हो गया, जबकि महज दो दिन पहले यह केवल 17 फीट था। भद्राद्री कोठागुडेम जिले के सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण नदी में पानी का प्रवाह लगातार बना हुआ है और जलस्तर और ऊपर जाने की आशंका है।
मुख्य घटनाक्रम
भद्राचलम में स्थित प्रसिद्ध मंदिर नगर के स्नान घाट की कई सीढ़ियाँ रविवार सुबह तक पानी में डूब चुकी थीं। अधिकारियों के अनुसार जलस्तर शनिवार शाम तक 25 फीट था, जो रविवार सुबह तेज़ी से 40 फीट पर पहुँच गया। सिंचाई विभाग ने स्पष्ट किया कि यदि जलस्तर 43 फीट की सीमा पार करता है, तो प्रशासन पहली बाढ़ चेतावनी जारी करेगा।
आंध्र प्रदेश में स्थिति
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में वंशधारा नदी अभी भी उफान पर है, हालाँकि नागावली नदी में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घट रहा है। 25 सितंबर 2026 को जिला प्रशासन ने नारायणपुरम एनिकट पर दूसरी बाढ़ चेतावनी जारी की थी। श्रीकाकुलम के जिला कलेक्टर ने नदी किनारे बसे गाँवों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
गहरे अवदाब का असर
24 सितंबर 2026 को तट से टकराए गहरे अवदाब के कारण हुई भारी बारिश से अचानक बाढ़ आई, जिसने श्रीकाकुलम जिले के कई गाँवों को चपेट में लिया। सड़कें क्षतिग्रस्त होने से कई गाँवों का संपर्क बाकी दुनिया से कट गया। अधिकारी अब बाढ़ का पानी कम होने के साथ-साथ सड़क मरम्मत कार्य में जुटे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य अभी पिछले मानसून की क्षति से उबर ही रहा था।
किसानों पर असर
श्रीकाकुलम जिले में भारी बारिश और बाढ़ से बड़े पैमाने पर फ़सलें पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। पूर्वी गोदावरी जिले के गोपालापुरम क्षेत्र में भी सैकड़ों एकड़ में खड़ी फ़सलें पिछले तीन दिनों से जलमग्न हैं। नालों और नहरों के उफान से स्थिति और विकट हुई है। किसानों ने चिंता जताई है कि यदि तीन दिन और फ़सलें पानी में रहीं, तो पूरी फ़सल नष्ट हो जाएगी। अधिकारी और जनप्रतिनिधि प्रभावित गाँवों का दौरा कर रहे हैं।
क्या होगा आगे
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कहा कि ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने का सिलसिला जारी रहने से आने वाले घंटों में भद्राचलम में जलस्तर और बढ़ सकता है। 43 फीट की सीमा पार होते ही पहली आधिकारिक बाढ़ चेतावनी जारी होगी, जो प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक तैयारियों को और तेज़ कर देगी।