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गोदावरी नदी भद्राचलम में खतरे के दूसरे निशान पर, 38 लोग बचाए गए; तेलंगाना में बाढ़ का कहर

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गोदावरी नदी भद्राचलम में खतरे के दूसरे निशान पर, 38 लोग बचाए गए; तेलंगाना में बाढ़ का कहर

सारांश

तेलंगाना में गोदावरी नदी भद्राचलम के पास खतरे के दूसरे निशान 48 फीट पर पहुँच गई है। चेरला में रेत के टीले में फंसे 38 लोगों को नावों से बचाया गया। सिंगरेनी कोलियरीज को ₹18 करोड़ का नुकसान, कई जिलों में सड़क संपर्क टूटा और जलाशयों के गेट खुले।

मुख्य बातें

गोदावरी नदी 31 जुलाई को भद्राचलम में खतरे के दूसरे निशान 48 फीट पर पहुँची; बहाव 11.44 लाख क्यूसेक दर्ज।
53 फीट पर खतरे का तीसरा निशान लगाया जाएगा; केंद्रीय जल आयोग ने जलस्तर और बढ़ने की चेतावनी दी।
चेरला के पास रेत के टीले में फंसे 38 लोगों को जिला प्रशासन ने नावों से सुरक्षित बचाया।
स्री सीता रामचंद्रस्वामी मंदिर परिसर का अन्नदानम सत्रम क्षेत्र बैकवॉटर से जलमग्न।
सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड को भारी बारिश से खदान उत्पादन बाधित, करीब ₹18 करोड़ के नुकसान का अनुमान।
जुराला प्रोजेक्ट के 24 क्रेस्ट गेट खुले; उत्तर तेलंगाना के आठ प्रमुख जलाशयों में जलस्तर तेज़ी से बढ़ा।

तेलंगाना के भद्राद्रि कोठागुडेम जिले में गोदावरी नदी शुक्रवार, 31 जुलाई को भद्राचलम के पास खतरे के दूसरे निशान को पार कर गई, जिसके बाद प्रशासन ने नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तत्काल सतर्क रहने की चेतावनी जारी की। भारी बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार पानी की आवक के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

जलस्तर की स्थिति

शुक्रवार सुबह गोदावरी का जलस्तर पहले खतरे के निशान 43 फीट को पार कर गया, जो दोपहर तक बढ़कर 48 फीट पर पहुँच गया। केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों के अनुसार, ऊपरी इलाकों से लगातार पानी की आवक जारी रहने से जलस्तर में और वृद्धि की आशंका है। 53 फीट पर खतरे का तीसरा निशान लगाया जाएगा। भद्राचलम में गोदावरी का बहाव 11.44 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया।

मंदिर परिसर जलमग्न, बचाव अभियान जारी

बैकवॉटर के कारण स्री सीता रामचंद्रस्वामी मंदिर परिसर का अन्नदानम सत्रम क्षेत्र जलमग्न हो गया। पानी निकासी के लिए लगी मोटरें खराब हो जाने से यह इलाका डूब गया। इस बीच, भद्राद्रि कोठागुडेम जिले के चेरला के पास रेत के टीले में फंसे 38 लोगों को जिला प्रशासन ने नावें लगाकर सुरक्षित बाहर निकाला। ये लोग शुक्रवार सुबह ट्रकों में रेत लोड करने गए थे, तभी अचानक बाढ़ का पानी आ गया। बचाए गए लोगों में ट्रक चालक, क्लीनर और मशीन ऑपरेटर शामिल हैं।

सड़क संपर्क टूटा, गाँव डूबे

बाढ़ के कारण मुलुगु जिले के वेंकटापुरम और चेरला के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। मुलुगु जिले के कई गाँव भी भारी बारिश और बाढ़ से जलमग्न हो गए। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित करने की कोशिश की, लेकिन लोगों ने इसका विरोध किया। प्रभावितों की माँग है कि उन्हें हर साल विस्थापित करने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर स्थायी आवास दिए जाएँ।

आदिलाबाद, निर्मल और मंचेरियल में भी असर

संयुक्त आदिलाबाद जिले में पेंगंगा और प्रणहिता नदियों में बाढ़ का पानी आ रहा है। पेंगंगा के ओवरफ्लो होने से जिले में फसलें डूब गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। निर्मल जिले में कदाम परियोजना में अत्यधिक जलआवक के कारण अधिकारियों ने येल्लमपल्ली परियोजना के गेट खोल दिए। मंचेरियल जिले में सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड की ओपन-कास्ट और भूमिगत खदानों में कोयला उत्पादन बाधित हुआ है; कंपनी को करीब ₹18 करोड़ के उत्पादन नुकसान का अनुमान है।

जलाशयों पर दबाव, गेट खुले

जोगुलाम्बा गडवाल जिले में कृष्णा नदी पर बने जुराला प्रोजेक्ट में ऊपरी इलाकों से भारी पानी की आवक के चलते अधिकारियों ने 24 क्रेस्ट गेट खोल दिए हैं। उत्तर तेलंगाना में श्रीराम सागर, येल्लमपल्ली, सिंगूर, निजाम सागर, कदाम, अपर मनेर, मिड मनेर और लोअर मनेर जलाशयों में जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है। स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और आने वाले दिनों में वर्षा की तीव्रता के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी राहत शिविरों में जाने से इनकार करते लोगों की माँग — कि उन्हें स्थायी सुरक्षित आवास दिया जाए — यह बताती है कि वार्षिक विस्थापन की नीति विफल हो रही है। सिंगरेनी कोलियरीज को ₹18 करोड़ का नुकसान और फसलों की तबाही यह रेखांकित करती है कि बाढ़ अब केवल मानवीय संकट नहीं, बल्कि आर्थिक संकट भी है। जलाशयों के एक साथ गेट खुलने से निचले इलाकों पर दबाव और बढ़ेगा — बाढ़ प्रबंधन और नदी किनारे की बसाहट नीति पर दीर्घकालिक पुनर्विचार की ज़रूरत अब टाली नहीं जा सकती।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोदावरी नदी भद्राचलम में खतरे के कितने निशान हैं और अभी क्या स्थिति है?
भद्राचलम में गोदावरी के लिए तीन खतरे के निशान निर्धारित हैं — पहला 43 फीट, दूसरा 48 फीट और तीसरा 53 फीट। 31 जुलाई को जलस्तर 48 फीट पर पहुँचकर दूसरे निशान को पार कर गया और केंद्रीय जल आयोग ने इसके और बढ़ने की चेतावनी दी है।
भद्राचलम में बाढ़ से कितने लोगों को बचाया गया और कैसे?
भद्राद्रि कोठागुडेम जिले के चेरला के पास रेत के टीले में फंसे 38 लोगों को जिला प्रशासन ने नावें लगाकर सुरक्षित बाहर निकाला। ये लोग ट्रक चालक, क्लीनर और मशीन ऑपरेटर थे जो सुबह रेत लोड करने गए थे और अचानक बाढ़ में घिर गए।
तेलंगाना में बाढ़ से किन-किन जिलों पर असर पड़ा है?
भद्राद्रि कोठागुडेम, मुलुगु, संयुक्त आदिलाबाद, निर्मल, मंचेरियल और जोगुलाम्बा गडवाल जिले बाढ़ और भारी बारिश से प्रभावित हैं। मुलुगु में वेंकटापुरम-चेरला सड़क संपर्क टूट गया है और कई गाँव जलमग्न हैं।
सिंगरेनी कोलियरीज को बाढ़ से कितना नुकसान हुआ?
मंचेरियल जिले में भारी बारिश के कारण सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड की ओपन-कास्ट और भूमिगत खदानों में कोयला उत्पादन बाधित हुआ है। कंपनी को करीब ₹18 करोड़ के उत्पादन नुकसान का अनुमान है।
बाढ़ प्रभावित लोग राहत शिविरों में जाने से क्यों इनकार कर रहे हैं?
मुलुगु जिले के प्रभावित लोगों ने राहत शिविरों में जाने से इनकार करते हुए माँग की है कि उन्हें हर साल विस्थापित करने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर स्थायी आवास दिए जाएँ। उनका कहना है कि वार्षिक विस्थापन की प्रक्रिया उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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