जदयू पूर्व विधायक गोपाल मंडल कांग्रेस में होंगे शामिल, बोले — 'जदयू समाप्त होने की राह पर'
सारांश
मुख्य बातें
जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व विधायक गोपाल मंडल ने 20 अगस्त को पटना में स्पष्ट किया कि वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम पहले से तय था, किंतु पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के आयोजन के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। अब वह कांग्रेस नेतृत्व से समय लेकर औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
कांग्रेस में शामिल होने की तैयारी
गोपाल मंडल के अनुसार उनके समर्थन में बैनर और पोस्टर भी लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से उनके कांग्रेस में शामिल होने की बात सार्वजनिक हो चुकी है और जॉइनिंग की तैयारी पूरी है। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से तिथि तय होते ही वह औपचारिक रूप से पार्टी में प्रवेश करेंगे।
जदयू छोड़ने की वजह: 'पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा'
जदयू से अलग होने की वजह बताते हुए मंडल ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह समता पार्टी के गठन के दौर से इस राजनीतिक धारा से जुड़े रहे हैं और पार्टी के पुराने सिपाही थे। उनका आरोप है कि ललन सिंह के प्रभाव में उनका चुनावी सिंबल काट दिया गया और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बुलो मंडल को उनकी जगह सिंबल देकर बाद में मंत्री भी बना दिया गया। उन्होंने कहा, 'जब पुराने कार्यकर्ताओं और नेताओं की उपेक्षा होगी, तो फिर पार्टी में उनके लिए क्या बचा है?'
नीतीश कुमार और जदयू के भविष्य पर बड़ा दावा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपने संबंधों पर मंडल ने कहा कि पहले लगाव था, लेकिन अब वह लगाव नहीं रहा। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार आगे मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे और जदयू अब 'समाप्त होने की ओर' बढ़ रही है। यह दावा उल्लेखनीय है, क्योंकि मंडल स्वयं दशकों तक इसी पार्टी के स्तंभ रहे हैं।
बिहार की कानून-व्यवस्था और छात्र आंदोलन पर रुख
गोपाल मंडल ने बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष के विरोध मार्च का समर्थन किया। उन्होंने राज्य सरकार को 'निकम्मी' बताते हुए आरोप लगाया कि केंद्र से लेकर प्रदेश तक कोई काम नहीं हो रहा। छात्रों के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता और यह विरोध जारी रहेगा।
वंदे मातरम विवाद पर स्पष्ट बयान
राजनीतिक हलकों में चल रहे वंदे मातरम विवाद पर मंडल ने कहा कि इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं है और कोई इसका विरोध नहीं करता। उनके अनुसार यह मुद्दा जानबूझकर उठाया गया है और कृत्रिम विवाद खड़ा किया जा रहा है। गोपाल मंडल की कांग्रेस में औपचारिक एंट्री बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकती है, खासकर तब जब राज्य में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं।