18 अक्टूबर 2026
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ग्रेटर नोएडा में 5 मौतें: महेश की दो बहनों और बहनोई की गिरफ्तारी, वॉयस नोट ने खोले राज़

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ग्रेटर नोएडा में 5 मौतें: महेश की दो बहनों और बहनोई की गिरफ्तारी, वॉयस नोट ने खोले राज़

सारांश

ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में एक ही परिवार के पाँच सदस्यों की मौत के पीछे कथित तौर पर संपत्ति विवाद और उत्पीड़न है। मृतक महेश के मोबाइल पर मिले वॉयस नोट ने उनकी दो बहनों और बहनोई को कठघरे में खड़ा कर दिया — और तीनों अब सलाखों के पीछे हैं।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा के नगला पदम गाँव में महेश , पत्नी ललिता और तीन बच्चों सहित परिवार के पाँच सदस्यों के शव मिले।
पोस्टमार्टम में जहर के लक्षण पाए गए; प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतज़ार है।
मृतक महेश के मोबाइल पर मिले वॉयस नोट में बड़ी बहन सुनीता , बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना का नाम लिया गया।
तीनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज; 18 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार।
मामले की जड़ में कथित तौर पर मकान संपत्ति विवाद और लंबे समय से चला उत्पीड़न है।

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र में एक ही परिवार के पाँच सदस्यों की मौत के मामले में पुलिस ने 18 अक्टूबर 2026 को तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में मृतक महेश की बड़ी बहन सुनीता, बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना शामिल हैं। महेश की मृत्यु से पहले कथित तौर पर उनके मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किए गए एक वॉयस नोट ने इस मामले में निर्णायक मोड़ ला दिया।

मुख्य घटनाक्रम

नगला पदम गाँव, रबूपुरा क्षेत्र में महेश, उनकी पत्नी ललिता और तीन बच्चों के शव शनिवार को उनके घर के भीतर मिले थे। पोस्टमार्टम जाँच में जहर के लक्षण पाए गए, जिसके बाद डॉक्टरों ने सभी पाँचों मृतकों के आंतरिक अंगों के नमूने सुरक्षित रख लिए। अधिकारियों के अनुसार मृत्यु का सटीक कारण प्रयोगशाला परीक्षणों के परिणाम मिलने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। बताया गया है कि परिवार ने कथित तौर पर घटना की पिछली रात चाय और नूडल्स का सेवन किया था।

वॉयस नोट से हुआ खुलासा

पुलिस टीम को महेश के मोबाइल फोन पर एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर अपनी मृत्यु से पूर्व बड़ी बहन सुनीता, बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना को इस त्रासदी के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह रिकॉर्डिंग तीनों की गिरफ्तारी का आधार बनी।

संपत्ति विवाद की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार इस मामले की जड़ में मकान को लेकर चला आ रहा पारिवारिक विवाद है। आरोप है कि दोनों बहनों और बहनोई ने माँ को भड़काकर संपत्ति अपने नाम करवाने का प्रयास किया और महेश व उनकी पत्नी ललिता को लंबे समय तक प्रताड़ित किया। महेश के साले की तहरीर पर थाना रबूपुरा में तीनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। साले ने आरोप लगाया कि परिवार को व्यवस्थित रूप से उत्पीड़न का शिकार बनाया गया था।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने पहले आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में तीनों से पूछताछ की, और इसके बाद 18 अक्टूबर को उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। यह मामला एक लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवाद के बीच आत्महत्या से जुड़ा होने का संदेह है, हालाँकि मृत्यु के सटीक कारण की पुष्टि अभी प्रयोगशाला रिपोर्ट पर निर्भर है। गौरतलब है कि संपत्ति-विवाद से उपजी पारिवारिक हिंसा और उत्पीड़न के ऐसे मामले उत्तर प्रदेश में पहले भी सामने आ चुके हैं।

क्या होगा आगे

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आंतरिक अंगों के नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद जाँच की दिशा और स्पष्ट होगी। पुलिस तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी रखे हुए है और यह देखा जाएगा कि क्या मामले में अन्य धाराएँ भी जोड़ी जाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ पीड़ित न्याय की उम्मीद लेकर घर के भीतर ही घुटते रहते हैं। वॉयस नोट एक असाधारण साक्ष्य है — लेकिन यह सवाल भी उठाता है कि क्या महेश ने पहले कभी पुलिस या किसी अन्य अधिकारी से मदद माँगी थी। यदि उत्पीड़न लंबे समय से चल रहा था, तो क्या कोई हस्तक्षेप इस त्रासदी को रोक सकता था? मृत्यु के कारण की प्रयोगशाला पुष्टि होने तक यह मामला अभी भी कई अनुत्तरित सवाल लिए हुए है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में पाँच लोगों की मौत का मामला क्या है?
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा क्षेत्र के नगला पदम गाँव में महेश, उनकी पत्नी ललिता और तीन बच्चों के शव शनिवार को उनके घर के भीतर मिले। पोस्टमार्टम में जहर के लक्षण पाए गए और मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने का संदेह है।
इस मामले में किसे और क्यों गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने महेश की बड़ी बहन सुनीता, बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना को 18 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। आरोप है कि तीनों ने माँ को भड़काकर संपत्ति अपने नाम कराने की कोशिश की और महेश व ललिता को लंबे समय तक प्रताड़ित किया।
वॉयस नोट का इस मामले में क्या महत्व है?
महेश के मोबाइल फोन पर एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर मृत्यु से पहले तीनों आरोपियों को घटना का ज़िम्मेदार बताया। पुलिस के अनुसार यह वॉयस नोट गिरफ्तारी का आधार बना।
मौत का सटीक कारण कब पता चलेगा?
डॉक्टरों ने पाँचों मृतकों के आंतरिक अंगों के नमूने सुरक्षित रखे हैं और प्रयोगशाला परीक्षण जारी हैं। अधिकारियों के अनुसार रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के सटीक कारण की पुष्टि हो पाएगी।
मुकदमा किसकी तहरीर पर दर्ज हुआ?
थाना रबूपुरा में मुकदमा महेश के साले की तहरीर पर दर्ज किया गया। साले ने आरोप लगाया कि परिवार को व्यवस्थित रूप से उत्पीड़न का शिकार बनाया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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