ग्रेटर नोएडा: आईनोट्रोनिक्स कंपनी चोरी में तीन गिरफ्तार, ₹3 करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना पुलिस ने 14 अक्टूबर 2026 को औद्योगिक क्षेत्र सूरजपुर साइट-बी स्थित आईनोट्रोनिक्स कंपनी में हुई बड़े पैमाने की चोरी का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, बरामद इलेक्ट्रॉनिक सामान की अनुमानित कीमत करीब ₹3 करोड़ बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया दिल्ली नंबर का एक छोटा लोडर वाहन और तीन अवैध चाकू भी जब्त किए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, 9 और 10 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर आईनोट्रोनिक्स कंपनी में सेंध लगाई। आरोपी पेटीएम ट्रांजेक्शन मशीनें, एयरटेल सेटअप बॉक्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एक छोटे लोडर वाहन में भरकर ले गए। 14 अक्टूबर को पुलिस ने न्यू दादरी जंक्शन के पास सूरजपुर थाना क्षेत्र के जंगल से तीनों आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ा।
बरामद सामान का ब्योरा
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। बरामदगी में 1,512 पीओएस पेटीएम ट्रांजेक्शन प्रिंटर मशीनें, 1,660 मोबाइल टाइप पीओएस पेटीएम ट्रांजेक्शन मशीनें और एयरटेल कंपनी के 147 सेटअप बॉक्स शामिल हैं। इसके अलावा एक बारकोड प्रिंटर, दो क्यूआर कोड स्कैनर, दो रोल शोल्डर वायर और 10 मदरबोर्ड भी बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार तीनों आरोपियों की पहचान बिलाल पुत्र मोहम्मद अकरम (करीब 26 वर्ष, निवासी पसौंडा गाँव, टीला मोड़ थाना क्षेत्र, गाजियाबाद), सलमान पुत्र गफ्फार (करीब 32 वर्ष, मूल निवासी बालखा गाँव, औरंगाबाद थाना क्षेत्र, बुलंदशहर, वर्तमान में हल्दोनी, ईकोटेक-3 निवासी) और आदिल पुत्र फराहिम (करीब 26 वर्ष, निवासी दरियापुर गाँव, कोतवाली देहात थाना क्षेत्र, बुलंदशहर, वर्तमान में हल्दोनी निवासी) के रूप में हुई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी आदिल के खिलाफ गौतमबुद्धनगर और अलीगढ़ के विभिन्न थानों में चोरी, चोरी का सामान रखने तथा आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। बिलाल और सलमान पर भी सूरजपुर थाने में इस मामले से संबंधित चोरी एवं आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आगे की जाँच
पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमें गठित की हैं। जाँचकर्ता यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि चोरी के सामान को कहाँ खपाने की योजना थी और वारदात में शामिल अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। थाना सूरजपुर में इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक क्षेत्रों में संगठित चोरी की घटनाएँ उत्तर प्रदेश में चिंता का विषय बनती जा रही हैं। गौरतलब है कि बड़ी संख्या में फिनटेक उपकरणों की चोरी — जिनमें पेटीएम के हज़ारों पीओएस टर्मिनल शामिल हैं — डिजिटल भुगतान आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकती है।