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क्या ग्रेटर नोएडा में कूड़ा प्रबंधन में लापरवाही पर कार्रवाई हुई है?

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क्या ग्रेटर नोएडा में कूड़ा प्रबंधन में लापरवाही पर कार्रवाई हुई है?

सारांश

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बल्क वेस्ट जनरेटरों पर कड़ी कार्रवाई की है। जुर्मानें में 28.30 लाख रुपए की राशि शामिल है। जानिए इस अभियान का उद्देश्य और इसके पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

ग्रेटर नोएडा में कूड़ा प्रबंधन में लापरवाही पर जुर्माना कुल 28.30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नीति-2016 का पालन अनिवार्य है कचरे का निस्तारण परिसर में ही करना होगा सुरक्षित और स्वच्छ शहर के लिए सभी को सहयोग करना चाहिए

ग्रेटर नोएडा, 13 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता और सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कूड़ा प्रबंधन में लापरवाही करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आरंभ की है। इसी संदर्भ में, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग ने कूड़े का उचित प्रबंधन न करने के कारण छह बल्क वेस्ट जनरेटरों पर कुल 28.30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

यह कार्रवाई प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। प्राधिकरण द्वारा बनाई गई विशेष टीम ने विभिन्न स्थानों पर 19 बल्क वेस्ट जनरेटरों के परिसरों का औचक निरीक्षण किया।

जांच के दौरान पता चला कि इनमें से छह बल्क वेस्ट जनरेटर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नीति-2016 का पालन नहीं कर रहे थे। नीति के अनुसार, जिन परिसरों का क्षेत्रफल 5000 वर्ग मीटर से अधिक है या जो प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करते हैं, उन्हें अपने कचरे का निस्तारण अपने परिसर में ही करना अनिवार्य है। साथ ही, सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग (सेग्रिगेशन) कर उसका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना आवश्यक है।

जांच में नियमों के उल्लंघन के चलते चेरी काउंटी पर 50 हजार रुपए, अजनारा ली गार्डन पर 2,01,600 रुपए, ला रेजीडेंसिया पर 8,06,400 रुपए, मेफेयर रेजीडेंसी पर 6,44,000 रुपए, वेदांतम रेडीकॉन पर 3,22,000 रुपए और राधा स्काई गार्डन पर 8,06,400 रुपए का अर्थदंड लगाया गया। इस प्रकार, कुल छह बल्क वेस्ट जनरेटरों पर 28.30 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।

इस अभियान की निगरानी अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीलक्ष्मी वीएस द्वारा की जा रही है। उनके निर्देश पर गठित समिति में प्रधान महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक, वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक और सहायक प्रबंधक स्तर के कुल 15 अधिकारियों को शामिल किया गया है। एसीईओ ने संबंधित बल्क वेस्ट जनरेटरों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नीति-2016 के तहत सूखे और गीले कचरे का सेग्रिगेशन कर परिसर में ही उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एसीईओ ने यह भी कहा कि यदि कूड़ा प्रबंधन में लापरवाही करने वाले बल्क वेस्ट जनरेटरों पर कार्रवाई में किसी भी स्तर पर शिथिलता बरती जाती है, तो इसके लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों और नागरिकों से अपील की कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में सहयोग करें, कूड़ा इधर-उधर न फेंकें और कचरे को सेग्रिगेट कर अपने परिसर में ही प्रोसेस करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे शहर की स्वच्छता और विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी नागरिक अपने कचरे का सही प्रबंधन करें और पर्यावरण को सुरक्षित रखें।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कूड़ा प्रबंधन में लापरवाही करने पर जुर्माना क्यों लगाया गया?
कूड़ा प्रबंधन में लापरवाही के कारण नगर की स्वच्छता प्रभावित होती है, इसलिए जुर्माना लगाया गया।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नीति-2016 क्या है?
यह नीति कचरे के उचित प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करती है।
कितने बल्क वेस्ट जनरेटरों पर जुर्माना लगाया गया?
छह बल्क वेस्ट जनरेटरों पर कुल 28.30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना और कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
क्या आगे और कार्रवाई की जाएगी?
हाँ, अगर भविष्य में नियमों का उल्लंघन होता है, तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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