कैप्टन स्मित मच्छार को गुजरात सरकार देगी 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार' और ₹25 लाख का नकद इनाम
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने 1 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में बड़ी त्रासदी टालने वाले कैप्टन स्मित मच्छार को 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार' और ₹25 लाख के नकद इनाम से सम्मानित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने यह ऐलान गुरुवार को किया, ठीक एक दिन बाद जब कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट में हुए हमले के बावजूद 174 यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहा बोइंग 737 मैक्स 8 विमान उस समय खतरे में पड़ गया जब कथित तौर पर सह-पायलट ने कॉकपिट के भीतर कैप्टन मच्छार पर हमला कर दिया। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे। हमले के बाद विमान अचानक तेज़ी से नीचे की ओर लुढ़कने लगा।
गंभीर रूप से घायल और खून बहने की स्थिति में भी कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाज़ा खोला, जिससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुँचने और हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इसके बाद दो यात्रियों की मदद से विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया और उसे वहाँ सुरक्षित उतारा गया।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि दुनिया कैप्टन मच्छार के साहस को सलाम कर रही है और उनका यह कदम बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा, 'उनकी असाधारण बहादुरी और मानवता के इस कार्य के सम्मान में गुजरात सरकार कैप्टन स्मित मच्छार को 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार' से सम्मानित करेगी।' पटेल ने यह भी कहा कि पूरा गुजरात उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी एक्स पर इस घोषणा की पुष्टि करते हुए कैप्टन मच्छार को गुजरात का 'बहादुर बेटा' बताया और कहा कि राज्य को उन पर गर्व है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कैप्टन मच्छार के परिवार से फोन पर बातचीत की और उन्हें 'हीरो' बताते हुए कहा कि उनके साहस की बदौलत एक बड़ी त्रासदी टल गई। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उनके साहस की प्रशंसा की है। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है।
कैप्टन मच्छार का परिचय
कैप्टन स्मित मच्छार को वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है और उनके नाम करीब 9,750 घंटे की उड़ान दर्ज है। उन्होंने जून 2022 में फ्लाईदुबई में कैप्टन के रूप में कार्यभार संभाला था। इससे पहले वह 11 वर्षों से अधिक समय तक स्पाइसजेट से जुड़े रहे, जहाँ उन्होंने कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन की भूमिका निभाई।
क्या होगा आगे
फ़िलहाल कैप्टन मच्छार का इलाज सऊदी अरब में जारी है। कॉकपिट में हुए हमले की परिस्थितियों और सह-पायलट के कथित हमले के पीछे की वजह की जाँच चल रही है। फ्लाईदुबई ने फ्लाइट डेक में विवाद की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की आंतरिक जाँच जारी है। गौरतलब है कि इस घटना ने कॉकपिट सुरक्षा प्रोटोकॉल पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।