क्या मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 29 अगस्त को 'स्वागत' कार्यक्रम में लोगों की शिकायतें सुनेंगे?

सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 29 अगस्त को नागरिकों की शिकायतें सुनेंगे।
- प्रमुख शिकायत निवारण कार्यक्रम 'स्वागत' हर महीने आयोजित होता है।
- किसी भी नागरिक को व्यक्तिगत रूप से अपनी शिकायत पेश करने का अवसर मिलेगा।
- यह कार्यक्रम प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देता है।
- इस कार्यक्रम को कई पुरस्कार मिल चुके हैं, जो इसकी सफलता को दर्शाते हैं।
अहमदाबाद, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के जन शिकायत निवारण कार्यक्रम 'स्वागत' की तिथि में बदलाव किया गया है। सीएम भूपेंद्र पटेल 29 अगस्त, शुक्रवार को आम नागरिकों की शिकायतें सुनेंगे। नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए राज्य स्तरीय ऑनलाइन जनशिकायत निवारण 'स्वागत' कार्यक्रम आमतौर पर हर महीने के चौथे गुरुवार को आयोजित होता है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 29 अगस्त को गांधीनगर स्थित जनसंपर्क इकाई, स्वर्णिम संकुल-2 में लोगों की शिकायतें सुनेंगे। राजकीय 'स्वागत' (स्टेट वाइड अटेंशन ऑन ग्रीवन्सेज बाई एप्लीकेशन ऑफ टेक्नोलॉजी) कार्यक्रम में कोई भी नागरिक 29 अगस्त की सुबह 8 से 11 बजे तक व्यक्तिगत रूप से अपनी शिकायतें प्रस्तुत कर सकता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कार्यक्रम की तिथि में परिवर्तन की जानकारी देते हुए लिखा है, "स्वागत कार्यक्रम की तिथि बदल दी गई है। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे बताई गई नई तिथि का ध्यान रखें।"
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने 24 जुलाई को राज्य स्तरीय 'स्वागत' कार्यक्रम में नागरिकों की शिकायतें सुनी थीं। उन्होंने अधिकारियों को इन शिकायतों का सकारात्मक दृष्टिकोण से शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए थे। साथ ही, प्रशासन को नागरिकों को परेशान करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
गौरतलब है कि अप्रैल 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक-आधारित शिकायत निवारण कार्यक्रम 'स्वागत' की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य राज्य के लोगों की समस्याओं को हल करना है।
इस 'स्वागत' ऑनलाइन कार्यक्रम को सार्वजनिक सेवा में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुक्रियाशीलता को बेहतर बनाने के लिए 2010 में संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा पुरस्कार सहित कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।