16 अक्टूबर 2026
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गुजरात: CM भूपेंद्र पटेल ने 28 जिलों में श्रमिक अन्नपूर्णा के 101 नए केंद्र खोले, रोज़ 45,000 श्रमिकों को ₹5 में भोजन

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गुजरात: CM भूपेंद्र पटेल ने 28 जिलों में श्रमिक अन्नपूर्णा के 101 नए केंद्र खोले, रोज़ 45,000 श्रमिकों को ₹5 में भोजन

सारांश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक साथ 28 जिलों में श्रमिक अन्नपूर्णा के 101 नए केंद्र खोले और खुद श्रमिकों को खाना परोसा। ₹5 में पौष्टिक भोजन देने वाली इस योजना की कुल केंद्र संख्या अब 372 है और रोज़ाना 45,000 श्रमिकों तक पहुँचने का लक्ष्य है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 16 अक्टूबर 2026 को 28 जिलों में श्रमिक अन्नपूर्णा के 101 नए केंद्रों का लोकार्पण किया।
नए केंद्रों के बाद योजना के तहत कुल केंद्र संख्या बढ़कर 372 हुई।
निर्माण श्रमिकों को मात्र ₹5 में रोटी, सब्जी, दाल, चावल सहित पूर्ण भोजन मिलता है; अब तक 5 करोड़ से अधिक भोजन परोसे जा चुके हैं।
नए केंद्रों से रोज़ाना 10,000 अतिरिक्त भोजन वितरित होंगे, कुल दैनिक संख्या 45,000 तक पहुँचेगी।
सरकार GAHEDA और CREDAI के साथ मिलकर निर्माण स्थलों पर सीधे फूड डिलिवरी की योजना बनाएगी।
50 या अधिक इच्छुक श्रमिकों वाले निर्माण स्थलों पर ऑन-साइट भोजन वितरण पहले से उपलब्ध है।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 16 अक्टूबर 2026 को राज्य के 28 जिलों में श्रमिक अन्नपूर्णा योजना के तहत 101 नए भोजन वितरण केंद्रों का एक साथ लोकार्पण किया। यह शुभारंभ 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत अहमदाबाद के चाणक्यपुरी और घाटलोडिया क्षेत्र से किया गया। इन नए केंद्रों के जुड़ने से योजना के तहत संचालित कुल केंद्रों की संख्या बढ़कर 372 हो गई है।

लोकार्पण और मुख्यमंत्री का खाना परोसना

उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल स्वयं अहमदाबाद के एक केंद्र पर पहुँचे और कतार में खड़े निर्माण श्रमिकों को बारी-बारी से खाना परोसा। यह प्रतीकात्मक कदम 'सेवा संकल्प अभियान' की भावना को रेखांकित करता है, जिसके तहत राज्य सरकार मज़दूर वर्ग के लिए सुलभ और सम्मानजनक भोजन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखती है।

योजना की विशेषताएँ और भोजन का स्वरूप

राज्य सरकार का श्रम, कौशल विकास और रोज़गार विभाग इस योजना का संचालन करता है। निर्माण श्रमिकों को मात्र ₹5 में पका हुआ भरपेट भोजन दिया जाता है, जिसमें रोटी, सब्जी, दाल, चावल, अचार, मिर्च और गुड़ शामिल होते हैं। इसके अलावा, सप्ताह में एक बार 'सुखड़ी' और 'शीरा' जैसी पारंपरिक मिठाइयाँ भी परोसी जाती हैं। विभाग के आँकड़ों के अनुसार, अब तक इस योजना के माध्यम से 5 करोड़ से अधिक बार भोजन वितरित किया जा चुका है।

विस्तार की योजना और निर्माण स्थलों तक डिलिवरी

राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि अब केवल कड़िया नाका जैसे पारंपरिक श्रमिक संग्रह केंद्रों तक सीमित न रहते हुए, सीधे निर्माण स्थलों पर भी भोजन पहुँचाया जाएगा। सरकार GAHEDA और CREDAI के साथ मिलकर साइट-लेवल फूड डिलिवरी की रूपरेखा तैयार करेगी। उन निर्माण स्थलों पर जहाँ 50 या उससे अधिक श्रमिक इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, वहाँ सीधे भोजन पहुँचाने का प्रावधान पहले से है। राज्य सरकार के सचिव लोचन शहेर ने बताया कि भविष्य में योजना का और अधिक विस्तार किया जाएगा।

आम जनता और श्रमिकों पर असर

101 नए केंद्रों के खुलने से रोज़ाना भोजन वितरण में 10,000 की वृद्धि होने का अनुमान है, जिससे कुल दैनिक वितरण संख्या लगभग 45,000 भोजन तक पहुँच जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी निर्माण क्षेत्र में प्रवासी श्रमिकों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और उनके दैनिक भोजन खर्च का बोझ एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। गौरतलब है कि ₹5 में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना श्रमिकों की क्रय शक्ति और उत्पादकता दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। आगे चलकर, GAHEDA और CREDAI के सहयोग से साइट-स्तरीय डिलिवरी मॉडल इस योजना की पहुँच को और गहरा कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की निरंतरता में है — अतीत में ऐसी कल्याण योजनाएँ शुभारंभ के शोर के बाद धीरे-धीरे कमज़ोर पड़ती रही हैं। GAHEDA और CREDAI के साथ साइट-लेवल डिलिवरी की जो महत्वाकांक्षा जताई गई है, उसके लिए ठोस लॉजिस्टिक्स और जवाबदेही तंत्र ज़रूरी होगा, जिसका ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है। 5 करोड़ भोजन का आँकड़ा प्रभावशाली है, पर यह देखना होगा कि गुणवत्ता और नियमितता बनाए रखते हुए दैनिक 45,000 के लक्ष्य तक पहुँचा जाता है या नहीं।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रमिक अन्नपूर्णा योजना क्या है?
श्रमिक अन्नपूर्णा गुजरात सरकार के श्रम, कौशल विकास और रोज़गार विभाग की एक योजना है, जिसके तहत निर्माण श्रमिकों को मात्र ₹5 में रोटी, सब्जी, दाल, चावल और गुड़ सहित पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सप्ताह में एक बार 'सुखड़ी' और 'शीरा' जैसी मिठाइयाँ भी दी जाती हैं।
16 अक्टूबर 2026 को कितने नए केंद्र खोले गए और अब कुल कितने हैं?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 16 अक्टूबर 2026 को गुजरात के 28 जिलों में एक साथ 101 नए केंद्रों का लोकार्पण किया। इन केंद्रों के जुड़ने से योजना के तहत कुल केंद्रों की संख्या बढ़कर 372 हो गई है।
इन नए केंद्रों से रोज़ाना कितने श्रमिकों को भोजन मिलेगा?
101 नए केंद्रों के खुलने से रोज़ाना भोजन वितरण में 10,000 की वृद्धि होने का अनुमान है, जिससे कुल दैनिक वितरण लगभग 45,000 भोजन तक पहुँच जाएगा।
क्या निर्माण स्थलों पर सीधे भोजन पहुँचाया जाएगा?
हाँ, जहाँ 50 या उससे अधिक श्रमिक इस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, वहाँ सीधे निर्माण स्थल पर भोजन पहुँचाने का प्रावधान है। सरकार GAHEDA और CREDAI के साथ मिलकर साइट-लेवल फूड डिलिवरी मॉडल को और व्यापक बनाने की योजना बना रही है।
अब तक इस योजना के तहत कितनी बार भोजन परोसा जा चुका है?
विभाग के आँकड़ों के अनुसार, श्रमिक अन्नपूर्णा योजना के माध्यम से अब तक 5 करोड़ से अधिक बार भोजन परोसा जा चुका है। यह आँकड़ा योजना की व्यापक पहुँच और निरंतरता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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