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गुजरात में श्रमिक अन्नपूर्णा योजना का विस्तार: 28 जिलों में 101 नए केंद्र, अब 45,000 श्रमिकों को रोज़ भोजन

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गुजरात में श्रमिक अन्नपूर्णा योजना का विस्तार: 28 जिलों में 101 नए केंद्र, अब 45,000 श्रमिकों को रोज़ भोजन

सारांश

गुजरात में श्रमिक अन्नपूर्णा योजना अब 34 में से 28 नए जिलों तक पहुँची — 101 नए केंद्रों के साथ कुल संख्या 394 हुई। ₹5 की थाली में रोज़ 45,000 निर्माण श्रमिकों को पौष्टिक भोजन देने का लक्ष्य, और 2017 से अब तक 5 करोड़ से अधिक भोजन परोसे जा चुके हैं।

मुख्य बातें

गुजरात सरकार ने 28 जिलों में 101 नए श्रमिक अन्नपूर्णा केंद्र शुरू किए; अब सभी 34 जिलों में कुल 394 केंद्र कार्यरत।
योजना का लक्ष्य प्रतिदिन करीब 45,000 श्रमिकों को ₹5 प्रति थाली की दर पर भोजन उपलब्ध कराना।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत नए केंद्रों का ई-उद्घाटन किया।
2017 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 5 करोड़ से अधिक बार भोजन परोसा जा चुका है।
जहाँ 50 से अधिक श्रमिक हों, वहाँ निर्माण स्थलों पर सीधे डोरस्टेप डिलीवरी भी उपलब्ध; अब तक 27 लाख बार डिलीवरी हो चुकी।
बोर्ड श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा सहित कुल 23 कल्याण योजनाएँ चलाता है।

गुजरात सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए चलाई जा रही सब्सिडी वाली भोजन योजना — श्रमिक अन्नपूर्णा योजना — का बड़े पैमाने पर विस्तार करते हुए राज्य के 28 जिलों में 101 नए केंद्र शुरू किए हैं। इसके साथ ही राज्य के सभी 34 जिलों में इन केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 394 हो गई है। सरकार के अनुसार, अब इस योजना के तहत प्रतिदिन करीब 45,000 श्रमिकों को मात्र ₹5 प्रति थाली की दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने किया ई-उद्घाटन

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2026 को राज्य के 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत नए केंद्रों का ई-उद्घाटन किया। उन्होंने अहमदाबाद में चाणक्यपुरी पुल के समीप स्थित एक अन्नपूर्णा केंद्र में श्रमिकों को भोजन परोसा और उनसे सीधी बातचीत की। राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की उपस्थिति में अलग-अलग जिलों में भी इन केंद्रों का उद्घाटन किया गया।

कार्यक्रम में अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट, श्रम, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के सचिव लोचन सेहरा और शहर भाजपा (BJP) अध्यक्ष प्रेरक शाह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

योजना का विस्तार और लाभार्थियों की संख्या

इस विस्तार से पहले राज्य के 20 जिलों में 293 केंद्र कार्यरत थे, और प्रतिदिन औसतन 35,000 से अधिक श्रमिकों को भोजन दिया जाता था। नए 101 केंद्रों के शुरू होने से रोज़ाना वितरित होने वाले भोजन की संख्या में करीब 10,000 की वृद्धि होने का अनुमान है। सरकार के आँकड़ों के अनुसार, 2017 में योजना की शुरुआत से अब तक 5 करोड़ से अधिक बार भोजन परोसा जा चुका है।

गौरतलब है कि यह योजना गुजरात भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित की जाती है, जो श्रम, कौशल विकास और रोजगार विभाग के अंतर्गत आता है। बोर्ड निर्माण श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य, आवास, शिक्षा, परिवहन और सामाजिक सुरक्षा सहित कुल 23 योजनाएँ चलाता है।

थाली में क्या-क्या मिलता है

योजना के तहत प्रतिदिन परोसे जाने वाले भोजन में रोटी, सब्जी, दाल, चावल, अचार, मिर्च और गुड़ शामिल होते हैं। इसके अलावा सप्ताह में एक बार 'सुखड़ी' और 'शीरा' जैसी पारंपरिक मिठाइयाँ भी प्रदान की जाती हैं। निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों के परिवार के सदस्य भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

डोरस्टेप डिलीवरी की सुविधा

इस सेवा को और सुलभ बनाने के लिए उन निर्माण स्थलों पर सीधे भोजन पहुँचाने (डोरस्टेप डिलीवरी) की व्यवस्था भी की गई है, जहाँ 50 से अधिक श्रमिक योजना का लाभ लेना चाहते हैं। सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था के ज़रिए अब तक निर्माण स्थलों पर लगभग 27 लाख बार भोजन पहुँचाया जा चुका है।

व्यापक संदर्भ

यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा और शासन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्य में कई जन-कल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के अनुसार, यह पहल 'सेवा ही साधना' की भावना को प्रतिबिंबित करती है। श्रमिक अन्नपूर्णा योजना गुजरात के निर्माण और बुनियादी ढाँचा क्षेत्र में काम करने वाले उन श्रमिकों तक पहुँचने का प्रयास है, जो प्रायः असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं और सामाजिक सुरक्षा के दायरे से बाहर रहते हैं। आगे जैसे-जैसे निर्माण गतिविधियाँ बढ़ेंगी, इन केंद्रों की पहुँच और प्रभाव का विस्तार भी अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जिनकी खाद्य सुरक्षा अक्सर नीतिगत चर्चाओं से गायब रहती है। विस्तार के आँकड़े प्रभावशाली हैं, पर असली सवाल यह है कि क्या 394 केंद्र गुजरात में कार्यरत लाखों प्रवासी निर्माण श्रमिकों की आबादी के अनुपात में पर्याप्त हैं। डोरस्टेप डिलीवरी की शर्त — न्यूनतम 50 श्रमिक — छोटे निर्माण स्थलों को योजना के दायरे से बाहर रख सकती है, जहाँ ज़रूरत अक्सर सबसे अधिक होती है।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रमिक अन्नपूर्णा योजना क्या है और इसे किसने शुरू किया?
श्रमिक अन्नपूर्णा योजना गुजरात भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड द्वारा 2017 में शुरू की गई एक सब्सिडी वाली भोजन योजना है। इसका उद्देश्य राज्य के निर्माण और बुनियादी ढाँचा क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को मात्र ₹5 प्रति थाली की दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
2026 के विस्तार के बाद कितने केंद्र और कितने जिले कवर हो गए हैं?
अक्टूबर 2026 में 101 नए केंद्र जोड़े जाने के बाद राज्य के सभी 34 जिलों में कुल 394 केंद्र कार्यरत हो गए हैं। इससे पहले 20 जिलों में 293 केंद्र थे।
इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है और थाली में क्या मिलता है?
गुजरात के निर्माण कार्यों में लगे श्रमिक और उनके परिवार के सदस्य ₹5 प्रति थाली पर भोजन पा सकते हैं। थाली में रोटी, सब्जी, दाल, चावल, अचार, मिर्च और गुड़ शामिल होते हैं, तथा सप्ताह में एक बार 'सुखड़ी' और 'शीरा' जैसी मिठाइयाँ भी दी जाती हैं।
डोरस्टेप डिलीवरी की सुविधा किन स्थानों पर मिलती है?
जिन निर्माण स्थलों पर 50 से अधिक श्रमिक इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वहाँ सीधे भोजन पहुँचाने की व्यवस्था है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अब तक निर्माण स्थलों पर लगभग 27 लाख बार भोजन पहुँचाया जा चुका है।
इस योजना के तहत अब तक कितने भोजन परोसे जा चुके हैं?
सरकार के अनुसार, 2017 में योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 5 करोड़ से अधिक बार भोजन परोसा जा चुका है। नए 101 केंद्रों के जुड़ने से प्रतिदिन वितरित होने वाले भोजन की संख्या में करीब 10,000 की और वृद्धि होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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