गुजरात सरकार ने 2,900 ग्राम सेवकों का यात्रा भत्ता ₹1,850 से बढ़ाकर ₹2,700 किया
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने कृषि विभाग के अंतर्गत कार्यरत लगभग 2,900 ग्राम सेवकों का मासिक यात्रा भत्ता ₹1,850 से बढ़ाकर ₹2,700 कर दिया है, जो ₹850 की सीधी बढ़ोतरी है। यह निर्णय उनकी बढ़ती मैदानी जिम्मेदारियों और ग्रामीण किसानों तक सरकारी योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने की आवश्यकता को देखते हुए लिया गया है।
मंत्रिमंडल का फैसला
यह निर्णय 21 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। राज्य सरकार के प्रवक्ता और मंत्री जीतू वाघाणी ने फैसले की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि ग्राम सेवकों के अनुरोध पर यह संशोधन किया गया है।
वाघाणी ने कहा, 'उनका काम किसानों को सरकारी योजनाओं और कृषि सहायता कार्यक्रमों का लाभ दिलाने में मदद करना है, जिससे वे राज्य सरकार और किसान समुदाय के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बन जाते हैं।'
ग्राम सेवकों की बढ़ती जिम्मेदारियाँ
ग्राम सेवक अपने निर्धारित क्षेत्रों में चार से पाँच ग्राम पंचायतों का नियमित दौरा करते हैं, और स्थानीय जरूरतों के हिसाब से कुछ ग्राम सेवक इससे भी अधिक गाँवों को कवर करते हैं। वाघाणी ने बताया कि राज्य में जमीन के मालिक किसानों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण इन कर्मियों की जिम्मेदारियाँ काफी बढ़ गई हैं।
अब उनके कार्यों में मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए डिजिटल सर्वे करके फसलों के रकबे और उत्पादन का अनुमान लगाना, तथा 'पीएम-किसान सम्मान निधि योजना' के तहत ई-केवाईसी की औपचारिकताएँ पूरी करना शामिल है।
ग्रामीण कृषि में ग्राम सेवकों की भूमिका
ग्राम सेवक कृषि खेतों का सर्वे करते हैं और प्राकृतिक आपदाओं या भारी बारिश के दौरान किसानों का मार्गदर्शन करते हैं। वे 'कृषि महोत्सव' और कृषि मेलों के आयोजन में सहयोग देते हैं, साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद और प्राकृतिक खेती के अभियानों के बारे में किसानों तक जानकारी पहुँचाते हैं।
वाघाणी ने आगे कहा, 'उनका काम कई गाँवों में फैला हुआ है और इसमें कृषि योजनाओं व कार्यक्रमों को लागू करने के लिए किसानों के साथ नियमित बातचीत करना शामिल है।'
आम जनता पर असर
सरकार के अनुसार, भत्ते में यह बढ़ोतरी इसलिए की गई है ताकि ग्राम सेवक अपने मैदानी कार्यों को और अधिक कुशलता से पूरा कर सकें। इस फैसले से लगभग 2,900 ग्राम सेवकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है और इससे पूरे गुजरात में किसानों तक सरकारी सहायता पहुँचाने की प्रक्रिया भी और सुदृढ़ होगी।
गौरतलब है कि ग्राम सेवक ग्रामीण कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं — वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम किसान तक पहुँचाने वाली अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी हैं। भत्ते में यह वृद्धि उनके मनोबल और कार्यक्षमता दोनों को बेहतर बनाने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम मानी जा रही है।