गुजरात में पर्वतारोहण प्रशिक्षुओं का भोजन भत्ता ₹150 से बढ़कर ₹350 हुआ, 1 अप्रैल 2027 से लागू
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने जूनागढ़ और माउंट आबू स्थित अपने पर्वतारोहण प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों का दैनिक भोजन भत्ता ₹150 से बढ़ाकर ₹350 प्रति व्यक्ति कर दिया है। यह संशोधित दर 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होगी और इससे दोनों केंद्रों में प्रतिवर्ष लगभग 510 प्रशिक्षु लाभान्वित होंगे।
मुख्य निर्णय और वित्तीय प्रभाव
खेल, युवा और सांस्कृतिक गतिविधियाँ विभाग द्वारा लिए गए इस फैसले के कारण राज्य सरकार पर सालाना ₹11.10 लाख का अतिरिक्त भार पड़ेगा। यह राशि दोनों प्रशिक्षण संस्थाओं में वितरित होगी। गौरतलब है कि भोजन भत्ते में यह पहली बड़ी संशोधन काफी समय के बाद हो रही है, जो महँगाई और पोषण संबंधी ज़रूरतों को देखते हुए आवश्यक मानी जा रही थी।
दोनों केंद्रों पर असर
जूनागढ़ स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर्वतारोहण प्रशिक्षण केंद्र में हर वर्ष लगभग 230 प्रशिक्षु शिविरों में भाग लेते हैं। संशोधित भत्ते के लागू होने से इस केंद्र पर सालाना ₹3.40 लाख का अतिरिक्त व्यय होगा।
वहीं माउंट आबू स्थित राज्य पर्वतारोहण संस्थान में प्रतिवर्ष लगभग 280 प्रशिक्षु प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं, और इस नई दर के लागू होने से संस्थान में सालाना ₹7.70 लाख का अतिरिक्त खर्च आएगा।
केंद्रों का संचालन और शिविरों की संख्या
ये दोनों प्रशिक्षण केंद्र युवा सेवा और सांस्कृतिक गतिविधि आयुक्त कार्यालय के अधीन संचालित होते हैं। दोनों मिलकर पूरे वर्ष में 20 से अधिक सरकारी और गैर-सरकारी पर्वतारोहण प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करते हैं। संशोधित भत्ता इन सभी शिविरों में भाग लेने वाले प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों, दोनों पर समान रूप से लागू होगा।
भत्ता बढ़ाने के पीछे तर्क
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह वृद्धि भोजन सुविधाओं में सुधार और शारीरिक रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण पर्वतारोहण प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को पर्याप्त पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। पर्वतारोहण में निरंतर शारीरिक परिश्रम, सहनशक्ति और उच्च फिटनेस स्तर की आवश्यकता होती है — प्रशिक्षु पहाड़ों और चुनौतीपूर्ण चट्टानी संरचनाओं पर अभ्यास में लंबे घंटे व्यतीत करते हैं।
आगे की राह
यह निर्णय 1 अप्रैल 2027 से लागू होगा, और इसके लिए बजटीय प्रावधान अगले वित्त वर्ष की योजना में शामिल किए जाने की उम्मीद है। राज्य सरकार के अनुसार, प्रतिवर्ष ₹11.10 लाख का अतिरिक्त आवंटन लगभग 510 युवाओं की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगा और राज्य में पर्वतारोहण खेल को बढ़ावा मिलेगा।